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FACE TO FACE: केंद्रीय मंत्री ने खोला राज! बालासाहेब ठाकरे इसलिए कहते थे 'रोडकरी'

ज़ी हिंदुस्तान के खास प्रोग्राम फेस-टू-फेस में माधुरी कलाल के सवालों का सामना करने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहुंचे. इस बीच माधुरी ने कई मसले पर सीधा सवाल किया.

FACE TO FACE: केंद्रीय मंत्री ने खोला राज! बालासाहेब ठाकरे इसलिए कहते थे 'रोडकरी'

नई दिल्ली: ज़ी हिंदुस्तान के खास कार्यक्रम 'FACE TO FACE' में बेबाक सवालों का सामना करने के लिए मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री नितिन गडकरी पहुंचे. इस दौरान  ZEE हिंदुस्तान की सीनियर एंकर- प्रोड्यूसर माधुरी कलाल ने मंत्री गडकरी के सामने जनता के सवालों को रखा.

इस इंटरव्यू में माधुरी कलाल ने जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर सीधा सवाल-जवाब किया. 

अपने पहले सवाल में माधुरी ने प्रदेश महाराष्ट्र और महाराष्ट्र से केंद्र की राजनीति में स्वच्छ छवि रखने वाले नितिन गडकरी से उनके मंत्रालय से जुड़ा सवाल किया. उन्होंने आंकड़ों पर जोर देते हुए उनके मिनिस्ट्री के कामकाज का हाल पूछा.

इसका जवाब देते हुए गडकरी ने कहा कि 'देखिये, पहली बात तो ये है कि देश में 96 हजार किलोमीटर नेशनल हाइवे था. उसे बढ़ाकर हमने 1 लाख 38 हजार किलोमीटर किया है. और उसके साथ में महत्वपूर्ण ये है कि इसमें 50 हजार किलोमीटर को प्रिंसिल नेशनल हाइवे का दर्जा दिया गया है.'
उन्होंने बताया कि 'भारतमाला में सड़क की लंबाई 64 हजार किलोमीटर है. उसमें फर्स्ट फेज में हमने 24 हजार किलोमीटर सेलेक्ट किया है. उसमें से साढ़े नौ लाख करोड़ का हमको खर्च आएगा. मेरा विश्वास है कि हमारे देश के रोड सेक्टर में एक बहुत बड़ा रेवोल्यूशन मोदी जी के नेतृत्व में हमने किया है. अभी हमने लगभग 55 हजार किलोमीटर रोड का काम पूरा किया है. और मैं जब मंत्री बना था तो एक महीने में रोजाना 2 किलोमीटर सड़क का कंस्ट्रक्शन हो रहा था. जिसका पिछले मार्च में औसत 29 किलोमीटर प्रति माह आया है. और हम अगले मार्च तक इसे 40 किलोमीटर करने की कोशिश कर रहे हैं.'

इसके साथ ही माधुरी ने बड़ी ही बेबाकी से हाल ही में लागू हुए मोटर व्हीकल एक्ट से जुड़ा सवाल दागा. उन्होंने पूछा कि इस एक्ट को लेकर एक महीने से ज्यादा वक्त गुजर चुका है. बहुत होहल्ला हुआ, हंगामा हुआ, लेकिन उन सबके बीच इतना साहसिक डिसीजन जैसा आपने लिया, क्या लगता है चुनाव पर असर पड़ेगा? क्या चुनाव से अलग हटकर ये डिसीजन लिया गया?

इसके जवाब में गडकरी ने कहा कि 'ये कोई पॉलिटिकल सब्जेक्ट नहीं है. देश में सालाना पांच लाख एक्सीडेंट होते हैं, डेढ़ लाख लोगों की मौतें हो जाती हैं. और मरने वालों में 18 से 35 साल के 65 फीसदी लोग होते हैं. दो लाख लोग दिव्यांग बन जाते हैं हाथ-पैर टूट जाते हैं. जीडीपी का दो फीसदी नुकसान होता है. क्या ये देश के लिये अच्छा है कि दुनिया में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट हमारे देश में होता है. और जो फाइन थे, वो तीस साल पुराने थे. और हमने जो बढ़ाए थे, उसमें पांच सौ से पांच हजार लिखा हुआ है. तो पांच हजार आज करने की जरूरत है. ये तो स्टेट के कनकरेंट लिस्ट में है. स्टेट का भी अधिकार है. कानून के प्रति सम्मान भी नहीं, डर भी नहीं, ऐसी स्थिति में हमलोग जी रहे थे. लोगों की मृत्यु हो रही थी. और इसलिये जो कानून तोड़ेगा नहीं, उसे तो फाइन होगा ही नहीं. मुझे लगता है कि अब परिस्थिति बदली है. तीस फीसदी लाइसेंस बोगस थे, अब लोग अप्लाई करने लगे हैं.'

बात ही बात में माधुरी ने ये भी पूछ दिया कि मैंने कहीं सुना था कि शिवसेना के बालासाहेब ठाकरे आपको गडकरी की जगह रोडकरी कहते थे? कैसा लगता था ऐसी प्रतिक्रिया सुनकर...क्या सच में ऐसा था? 

केंद्रीय मंत्री ने इसपर कहा कि ''ये उस समय जब बाला साहेब ठाकरे थे, जब महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना का राज था, तब मैं महाराष्ट्र में मंत्री था. तो मुंबई में 55 फ्लाईओवर ब्रिज, वर्ली बांद्रा सीलिंक प्रोजेक्ट, मुंबई-पुणे एक्सप्रेस हाईवे. ये मैंने बनवाया. बालासाहेब महाराष्ट्र  विकास के प्रति बहुत जागरूक थे और मैं जो काम कर रहा था, उससे बहुत खुश थे. और पुत्रवत उनका मेरे प्रति प्रेम था. मेरे मन में उनके प्रति श्रद्धा थी. मैं उनको कभी भूल नहीं सकता हूं. एक दमदार नेता के रूप में मैं उनको हर समय याद रखता हूं. राजनीति अपनी जगह पर है, बाला साहेब मेरे लिये एक देवता की तरह हैं. जो अटल बिहारी वाजपेयी के लिये मेरे मन में श्रद्धा है, वही बालासाहेब ठाकरे के लिये है.'

बातचीत का सिलसिला लंबा चला, इसके अलावा ज़ी हिंदुस्तान की एंकर माधुरी कलाल ने कई सवाल दागे.

नीचे देखें पूरा इंटरव्यू

इंटरव्यू प्रोग्राम 'फेस टू फेस' के जरिए माधुरी कलाल देश की दिग्गज राजनीतिक शख्सियतों के सामने जनता के सवालों को रखती हैं. ज़ी हिंदुस्तान पर हर रविवार रात 8 बजे देखिए 'फेस टू फेस'