कांग्रेस, शिवसेना और NCP का शक्ति प्रदर्शन! 162 विधायकों ने ली शपथ

शिवसेना, कांग्रेस और NCP ने होटल ग्रैंड हयात में 162 विधायकों की परेड करा रही है. विधायकों की परेड के वक्त उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे, शरद पवार, संजय राउत, मल्लिकार्जुन खड़गे समेत तीनों पार्टियों के सभी दिग्गज नेता मौजूद हैं.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 25, 2019, 08:32 PM IST
    1. महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार को खुली चुनौती
    2. कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी का शक्ति प्रदर्शन
    3. होटल ग्रैंड हयात में 162 विधायकों की परेड एकसाथ

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कांग्रेस, शिवसेना और NCP का शक्ति प्रदर्शन! 162 विधायकों ने ली शपथ

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सियासी ड्रामे की तस्वीर अब पार्टी कार्यालय, विधानसभा, राजभवन और राजनीतिक गलियारों को छोड़कर होटल तक पहुंच गया है. कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने अपनी ताकत दिखाने के लिए होटल से ही सरकार बनाने वर्तमान सरकार गिराने का दावा कर दिया है.

विधायकों को दिलाई गई शपथ

होटल ग्रैंड हयात में कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी ने 162 विधायकों की परेड कराकर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की. तीनों पार्टियों ने सभी विधायकों से एकसाथ रहने और फैसले पर अडिग रहने का शपथ दिलवाया. मुंबई: होटल ग्रैंड हयात में इकट्ठे हुए शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के विधायकों ने एक शपथ ली, 'मैं शपथ पवार, उद्धव ठाकरे और सोनिया गांधी के नेतृत्व में अपनी पार्टी के प्रति ईमानदार रहूंगा. मैं अपनी पार्टी के प्रति ईमानदार नहीं रहूंगा. कुछ भी, मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगा जिससे बीजेपी को फायदा हो.'

शक्ति प्रदर्शन कर भरी हुंकार

कांग्रेस, शिवसेना और NCP ने अपने 162 विधायकों की परेड कराकर भारतीय जनता पार्टी को खुली चुनौती देने का मूड बनाया है. इस मौके पर तीनों पार्टी के नेताओं, खासकर ठाकरे और उनके बेटे आदित्य के चेहरे पर कुछ ज्यादा ही खुशी दिखी. इस चुनौती के जरिए वो भाजपा को ये दिखाना चाहते हैं कि वो फडणवीस सरकार को गिराने की संख्या में मौजूद हैं. इस दौरान तीनों ही पार्टियों के दिग्गज नेता मौजूद हैं.

इस मौके पर तीनों पार्टी (कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना) के दिग्गज नेताओं ने सभी विधायकों को एकजुट रहने का संदेश दिया. 162 विधायकों को अशोक चव्हाण, उद्धव ठाकरे और खुद शरद पवार ने समझाया.

मुंबई में जहां शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के विधायक इकट्ठे हुए हैं, उस होटल ग्रैंड हयात में कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने विधायकों को एकजुुटता का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि हम 162 से ज्यादा नहीं, सिर्फ 162 हैं. हम सभी सरकार का हिस्सा होंगे मैं सोनिया गांधी को धन्यवाद देता हूं जिन्होंने बीजेपी को रोकने के लिए इस गठबंधन की अनुमति दी.

इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी भाजपा को खरी खोटी सुनाते हुए सभी विधायकों को मिल-जुलकर रहने की बात कही. उद्धव ने इस दौरान कहा कि हमारी लड़ाई सिर्फ सत्ता के लिए नहीं है, हमारी लड़ाई 'सत्यमेव जयते' के लिए है. जितना आप (भाजपा) हमें तोड़ने की कोशिश करेंगे, उतना ही हम एकजुट होंगे.

इसके अलावा एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने भी होटल हयात से 162 विधायकों को समझाया. पवार ने कहा कि हम यहां महाराष्ट्र के लोगों के लिए एक साथ हैं. उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए ये भी कहा कि 'राज्य में बहुमत के बिना एक सरकार का गठन किया गया था. कर्नाटक, गोवा, और मणिपुर, भाजपा के पास कहीं भी बहुमत नहीं था लेकिन सरकार बनाई.'

विधयकों के शक्ति प्रदर्शन के परेड के समय एनसीपी प्रमुख शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ उनके पुत्र आदित्य ठाकरे मौजूद हैं. इस परेड के दौरान तीनों पार्टियों के नेताओं ने सभी 162 विधायकों के साथ कुछ अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

इस शक्ति प्रदर्शन के परेड से ये समझना आसान हो जाता है कि शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत दिखाकर सदन के पटल पर दो-दो हाथ करने का मूड बना लिया है. लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति में कब क्या होने वाला है इसका अंदाजा तक किसी को नहीं है. आज सभी 162 विधायक होटल में भले ही एक साथ नजर आए हों, लेकिन अजित पवार ने जिस तरह से अपना अलग रास्ता चुनकर हर किसी को हाई वोल्टेज झटका दिया, महाराष्ट्र की सियासत में किस पर किसे कौन सा झटका मिलने वाला है, इसके बारे में कोई नहीं जानता है.

कांग्रेस के कई दिग्गद मौजूद

इस शक्ति प्रदर्शन और विधायकों की परेड में कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक चव्हाण समेत कई लोग होटल ग्रैंड हयात में मौजूद हैं.

 

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अजित पवार को सीएम बनने का न्योता?

शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन ने फडणवीस सरकार को गिराने के लिए अपनी कमर कस ली है. अब अजित पवार को वापस लाने के लिए शिवसेना नए-नए पैंतरे आजमा रही है. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि अगर अजित पवार भाजपा का साथ छोड़ वापस आ जाते हैं तो शिवसेना उन्हें ढाई साल के लिए सीएम पद देने को तैयार है. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पूरी हो चुकी है. और मंगलवार को इस मामले पर फैसला आने वाला है. ऐसे में एक रात पहले तीनों पार्टियों ने भाजपा में खौफ पैदा करने के लिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की है.

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