झारखंड में कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से प्रियंका का नाम गायब

झारखंड का चुनावी सेहरा सज चुका है. लगभग सभी दलों ने पहले चरण के चुनाव के लिए सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. अब बारी थी चुनाव प्रचार की. कांग्रेस ने तेजी दिखाई और झारखंड में चुनावी रैलियों के अपने दल से 40 स्टार कैंपेनर की सूची जारी कर दी. लेकिन झारखंड कांग्रेस के नेता इसलिए भौचक्के हैं, क्योंकि इस लिस्ट में प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम गायब है. 

झारखंड में कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से प्रियंका का नाम गायब
झारखंड में सोनिया प्रचार करेंगी, प्रियंका नहीं

रांची: कांग्रेस महाराष्ट्र में सबसे कम सीटें जीतनी वाली बड़ी पार्टी थी, बावजूद इसके पार्टी सरकार में शामिल होगी. यह लोकतंत्र ही है बस दांवपेंच का खेल है. अब इस हार के भी जीत से कांग्रेस के अरमान बुलंदियों पर हैं. पार्टी ने ऊर्जात्मक तरीके से झारखंड के चुनावी दंगल में उतरने का मूड बना लिया है. झामुमो के साथ गठबंधन में कांग्रेस को 31 सीटें मिली है लेकिन पार्टी का हौसला 81 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी वाला है. शायद इसलिए कांग्रेस ने 40 स्टार प्रचारकों की भारी-भरकम टीम को चुनावी सभाओं में रंग भरने का जिम्मा दिया है. 

स्टार प्रचारकों में एक से बढ़कर एक 
कांग्रेस-झामुमो-राजद गठबंधन झामुमो प्रमुख हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी. झामुमो को 43 सीट जबकि राजद को 7 सीटों मिला है. चुनावी माहौल में सबसे बड़ी मुश्किल भाजपा ही है. कांग्रेस की 40 सदस्यीय इस टीम को लीड कर रही हैं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी. उनके अलावा पार्टी के युवराज राहुल गांधी, गुलाम नबी आजाद, अधीर रंजन चौधरी, झारखंड के प्रदेश प्रभारी रामेश्वर ऊरांव, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया, रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, आलमगीर आलम, जितिन प्रसाद, अनिल शर्मा और बिहार कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा का नाम है. लेकिन इनके अलावा इस सूची में जो सबसे दिलचस्प नाम है, वह है पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का. 

मनमोहन सिंह व ज्योतिरादित्य सिंधिया भी संभालेंगे मोर्चा
राजनीति के जेंटलमेन व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वैसे तो बहुत कम चुनावी प्रचार और छीटाकंशी में शामिल होते हैं, लेकिन हाल के दिनों में उनकी राजनीतिक भागीदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है. शायद महाराष्ट्र में सत्ता में शामिल हो जाना और हरियाणा में कम मेहनत में भी अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस आगे की चुनावों में अपनी पूरी ऊर्जा झोंक देना चाहती है. फिर चाहे वह झारखंड जैसे छोटे प्रदेश का ही क्यों न हो. इस सूची में ज्योदिरादित्य सिंधिया का भी नाम है जिन्होंने पिछले कुछ दिनों से मध्य प्रदेश में कांग्रेस के ही कमलनाथ सरकार के नाक में दम कर रखा था. उनके हर फैसलों पर कभी आलोचनात्मक टिप्पणियां करते थे तो कभी किसानों की चिंता के लिहाज से चिठ्ठियों के माध्यम से किसान प्रसंग बयां करते नजर आ रहे थे. 

कांग्रेस को सता रहा है हाशिए पर जाने का डर
कांग्रेस के लिहाज से देखा जाए तो वह सिर्फ अपने उम्मीदवारों की 31 सीटों या महागठबंधन की 81 सीटों के पीछे नहीं पड़ी. पार्टी को इस बात की चिंता है कि झारखंड की मुख्यधारा की राजनीति से दल कहीं हाशिए पर न चला जाए. उधर महाराष्ट्र में जो हुआ उससे सीख लेते हुए भाजपा झारखंड में अकेले दम पर चुनावी जीत हासिल करने के लिए दमखम लगा रही है. मुख्यमंत्री रघुबर दास के नेतृत्व में पार्टी ने प्रदेश में काम तो किया है लेकिन इस बात का अंदाजा पार्टी को भी है कि सिर्फ काम के दम पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता. झारखंड का चुनाव फिलहाल बहुत सहूलियत से चल रहा है. 

मालूम हो कि झारखंड में पहले चरण में 13 विधानसभा सीटों पर 30 नवंबर को चुनाव होगा. इसी तरह राज्य की सभी 81 सीटों पर पांच चरणों में चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 23 दिसंबर को शुरू होगी. सत्तारूढ़ दल भाजपा ने फिलहाल 52 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. अन्य 29 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम की घोषणा से पहले आजसू से बातचीत चल रही है. 

झारखंड की चुनावी गहमागहमी पर ज़ी हिंदुस्तान की खास रिपोर्ट यहां पढ़ें

क्या है झारखंड का चुनावी चक्कर, जानने के लिए यहां क्लिक करें

ये हैं कांग्रेस के स्टार प्रचारकों की लिस्ट