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अगर ऐसा है, तो कोई ताकत फडणवीस को 'फुल टाइम सीएम' बनने से नहीं रोक सकती!

शिवसेना को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की कुर्सी से इतना प्रेम है, कि वो किसी मसले पर समझौता नहीं करना चाहती. लेकिन, जैसा भाजपा दावा कर रही है, वो सच हुआ तो शिवसेना का चारों खाने चित होना तय है

अगर ऐसा है, तो कोई ताकत फडणवीस को 'फुल टाइम सीएम' बनने से नहीं रोक सकती!

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सीएम की कुर्सी को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच छिड़ी जंग जगजाहिर होती दिख रही है. इस बीच बीजेपी के राज्यसभा सांसद संजय ककडे ने दावा किया कि शिवसेना के 45 विधायक सीएम फडणवीस के संपर्क में हैं. जो गठबंधन सरकार बनाने के पक्ष में हैं. इस तरह से बीजेपी ने शिवसेना में ही टूट का संकेत देकर आक्रामक तेवर अपना लिए हैं.

संजय ककडे ने क्या कहा?

राज्यसभा सांसद ककडे ने सीधे तौर पर शिवसेना को परेशानी में डालने वाला बयान दिया है. उनके मुताबिक 'शिवसेना में काफी नेता और विधायक हैं, जो काफी नेता सीएम साहब के संपर्क में हैं.' ककडे ने बताया कि 45 विधायकों की ये इच्छा है कि हम बीजेपी के साथ जाएं और जल्दी से जल्दी सीएम की कुर्सी पर देवेंद्र फडणवीस बैठें.

महाराष्ट्र में शह और मात के खेल के बीच बीजेपी और शिवसेना दोनों दूसरे विकल्पों पर भी काम कर रहे हैं. महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के परिणाम पर नजर डालें. तो बीजेपी को सरकार बनाने के लिए 40 और विधायकों के समर्थन की जरुरत है. 

288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा की हालिया तस्वीर कुछ यूं है.

  • बीजेपी के खाते में 105 सीटें आई
  • शिवसेना के 56 विधायक चुन कर आए
  • एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर सफलता
  • 29 सीटें छोटे दल या निर्दलीयों के खाते में आई

बीजेपी और शिवसेना अब इन छोटे दलों और निर्दलीयों को अपने पाले में लाने की जुगत भिड़ा रही है. लेकिन, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में सरकार बनाने के लिए किसी भी प्लान बी से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के लिए शिवसेना से औपचारिक और अनौपचारिक बातचीत जारी है. 

बढ़ रहा है सियासी पारा

दोनों पार्टियों में तल्खी इतनी बढ़ गई है कि अमित शाह ने बुधवार के अपने मुंबई दौरे को ही रद्द कर दिया. मंगलवार शाम को होने वाली बीजेपी-शिवसेना की बैठक को भी उद्धव ठाकरे ने रद्द कर दिया. शिवसेना सांसद संजय राउत ने बीजेपी पर तंज कसते हुए हरियाणा का उदाहरण दिया और कहा कि शिवसेना में कोई दुष्यंत नहीं है, जिनके पिता जेल में हैं.

ऐसे भी शिवसेना हो सकती है चारों खाने चित

288 सीट में से एनसीपी के पास 54 विधायक हैं, अगर भाजपा के फडणवीस ने सबसे बड़े दल का दावा करके सरकार बना लिया, और सदन में बहुमत सिद्ध करने के दौरान NCP ने बायकॉट कर दिया तो, सदन में सिर्फ 234 सीटों पर वोटिंग होगी. जिसमें बहुमत के लिए 118 के आंकड़े को छूने की आवश्यकता होगी. फिलहाल भाजपा के पास 105 विधायक हैं, यानी अन्य 13 विधायक के समर्थन से वह सदन में बहुमत सिद्ध कर देगी. और शिवसेना के सीएम की कुर्सी वाले सपनों पर पानी फिर जाएगा. माना जा रहा है कि भाजपा ने अपने समर्थन में विधायकों को जुटा भी लिया है. जिसके संकेत फडणवीस ने आज ही दिए है. अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के लिए बहुमत साबित करना बहुत बड़ी चुनौती नहीं होगी. लेकिन शिवसेना की आगामी राजनीति पर ग्रहण जरूर लग सकता है. 

शिवसेना के पास एक अच्छा मौका यह भी है कि फिलहाल आदित्य ठाकरे को इस सरकार में डिप्टी सीएम का पद दिलाकर सरकार में शामिल हो जाएं. क्योंकि अगर भाजपा ने शिवसेना से कन्नी काट ली तो, 2014 का विधानसभा चुनाव इस बात का गवाह है कि उस पार्टी का क्या हाल हो सकता है. महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के दौर पर आखिरी फुलस्टॉप कब लगेगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.