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दिल्ली में JDU ने बुलाई बैठक, अकेले लड़ेगी चुनाव

बिहार के मुख्यमंत्री व जनता दल यूनाइटेड के मुखिया नीतीश कुमार झारखंड में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं. अब दिल्ली में भी उनकी राहें भाजपा से जुदा रहेंगी. नीतीश ने कहा है उनकी पार्टी दिल्ली में भी अकेले चुनाव लड़ेगी. इसके लिए उन्होंने बुधवार (23 अक्टूबर) को दिल्ली में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है. 

दिल्ली में JDU ने बुलाई बैठक, अकेले लड़ेगी चुनाव

नई दिल्ली. राजधानी में बदरपुर स्थित साईं लीला ग्राउंड में बुधवार (23 अक्टूबर) को नीतीश कुमार पहुंचेंगे और यहां कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे. इस दौरान वह दिल्ली के सियासी हाल की जानकारी लेंगे और कार्यकर्ताओं से दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जी जान से जुट जाने की अपील करेंगे. दरअसल जनता दल यूनाइटेड के मुखिया ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी अकेले ही दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ेगी. इसके लिए भाजपा से उनकी राहें अलग हो गईं हैं. जेडीयू दिल्ली की चुनिंदा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. इसके लिए पार्टी तैयारियों में भी जुट गई है. चुनाव की तैयारियों के लिहाज से पार्टी ने 23 अक्टूबर को दिल्ली के बदरपुर स्थित साईं लीला ग्राउंड में कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई है, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे.

भाजपा और आप पर साधा निशाना 
जदयू नेता और बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा ने पार्टी के दिल्ली में अकेले चुनाव लड़ने की पुष्टि की. उन्होंने बिहार की सरकार में अपने गठबंधन में सहयोगी भाजपा को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में इशारों-इशारों में उन पर निशाना साधा. झा ने कहा कि किसी ने भी पूर्वांचलियों के लिए कुछ नहीं किया. उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस बयान की आलोचना की, जिसमें केजरीवाल ने 500 रुपये का टिकट लेकर लोगों के उपचार कराने के लिए दिल्ली आने का जिक्र किया था.

झारखंड में अकेले लड़ने का ऐलान कर चुकी है जेडीयू
जदयू ने झारखंड के चुनावी रण में अकेले उतरने का पहले ही ऐलान कर रखा है. झारखंड में सत्ता पर भाजपा काबिज है. अब दिल्ली में भी अकेले चुनाव लड़ने की जदयू की घोषणा को बिहार के बाहर पांव पसारने और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. एनडीए के इन दो सहयोगी दलों की अलग राहें दिल्ली व झारखंड विधानसभा चुनाव में क्या असर डालेंगी यह वक्त बताएगा.

2015 में आम आदमी पार्टी को मिली थी एतिहासिक जीत
दिल्ली विधानसभा चुनाव-2015 में आम आदमी पार्टी को एतिहासिक जीत मिली थी. दिल्ली की 70 सीटों में से आप 67 सीटों पर विजयी हुई थी, जबकि भाजपा को केवल 3 सीटें मिलीं थीं. सबसे बुरी हालत कांग्रेस की हुई थी जो अपना खाता भी नहीं खोल सकी थी. दिल्ली में आने वाले साल की शुरुआत में ही चुनाव संभावित हैं. इसे लेकर राजनीतिक दलों ने तैयारी शुरू कर दी है. इससे पहले हरियाणा-महाराष्ट्र के चुनाव को लिटमस टेस्ट के तौर पर भी देखा जा रहा है.