झारखंड: पहले चरण के चुनाव में 13 सीटों पर अपनों से ही लड़ेगी भाजपा

झारखंड में चुनावी दंगल की शुरुआत 30 नवंबर को पहले फेज के 13 सीटों पर वोटिंग से शुरू होगी. सभी पार्टियां कमर कस चुकी है. झारखंड में 81 सीटों के लिए आठ बड़ी से छोटी पार्टियां चुनावी संग्राम में एक दूसरे से जूझती नजर आने वाली हैं. दिलचस्प बात यह है कि भाजपा इस बार किसी तरह के गठबंधन में चुनाव लड़ने की बजाए अकेले के दम पर जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगी.   

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Nov 22, 2019, 04:11 PM IST
    • 13 विधानसभा सीटों पर 190 उम्मीदवार हैं मैदान में
    • बागी नेताओं से आहत हो सकती है भाजपा
    • लोहरदगा, छतरपुर और हुसैनाबाद में आजसू मुसीबत
    • कई सीटों पर सीधी टक्कर है भाजपा और महागठबंधन में

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झारखंड: पहले चरण के चुनाव में 13 सीटों पर अपनों से ही लड़ेगी भाजपा

रांची:  चुनावी बिगुल बजने के बाद पहला पड़ाव जल्द ही शुरू होने वाला है. भाजपा इस बार किसी भी दल के सहारे से ज्यादा खुद पर भरोसा कर चुनावी दंगल जीतने की तैयारी में है वहीं दूसरी ओर झारखंड में झामुमो, कांग्रेस और राजद का महागठबंधन एक और धड़ा है. इसके अलावा भाजपा से बागी हो कर अपनी पार्टी बनाने वाले बाबूलाल मरांडी की झाविमो, भाजपा की पुरानी सहयोगी दल आजसू, भाजपा की बिहार में सहयोगी दल जदयू और लोजपा भी झारखंड चुनाव में हाथ आजमा रही है. जाहिर है ऐसे में कई सीटों पर मामला दो पार्टियों के सीधे टकराव का न हो कर त्रिकोणिय, चतुष्कोणीय तो कई जगह पंचकोणीय भी हो सकता है. 

13 विधानसभा सीटों पर 190 उम्मीदवार हैं मैदान में

पहले चरण में चुनाव प्रचार अब सघन हो चला है. 13 विधानसभा सीटों पर अब तक 190 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है. पिछले दिनों गृहमंत्री व भगवा झंडे के स्टार प्रचारक अमित शाह लातेहार में चुनावी सभा कर रहे थे. लातेहार से भाजपा ने चुनाव में जान फूंकने की तैयारी की है. यहां भाजपा ने अपने पुराने मंत्री का टिकट काट कर झाविमो से भाजपा में शामिल हुए प्रकाश राम को टिकट दिया है. टिकट काटे जाने से नाराज बैद्यनाथ राम झामुमो में शामिल हो गए और अब माना जा रहा है कि इस सीट पर दोनो ही उम्मीदवारों में सीधा मुकाबला है. इसके अलावा पलामू, चतरा, लोहरदगा, गुमला, बिशुनपुर, पांकी, विश्रामपुर, डालटनगंज, गढ़वा, मनिका, हुसैनाबाद और छतरपुर में भी पहले चरण में कई उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी. 

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बागी नेताओं से आहत हो सकती है भाजपा

भाजपा फिलहाल सत्ताधारी पार्टी है. झारखंड में भगवा झंडे का नेतृत्व एक बार फिर निवर्तमान मुख्यमंत्री रघुबर दास संभाल रहे हैं. लेकिन इस बार पार्टी के सामने मुश्किलें दोगुनी है. भाजपा के पास अब उसके पुराने सहयोगियों का साथ नहीं है. पार्टी ने आजसू के साथ कोई गठबंधन नहीं किया. इसके अलावा भाजपा की बिहार की सहयोगी दल जदयू और लोजपा भी झारखंड में चुनावी मैदान मारने की जद्दोजहद में है. पार्टी के सामने सबसे बड़ी मुश्किल ये आन पड़ी है कि एक-एक कर पुराने नेता बागी होते चले जा रहे हैं या किसी और दल में ही चले जा रहे हैं. भाजपा के लिए इस बार सबसे बड़ा झटका उसके पुराने मंत्री सरयू राय का पार्टी से मुंह मोड़ लेना है. सरयू राय ने न सिर्फ पार्टी छोड़ी बल्कि जमशेदपुर पूर्वी मुख्यमंत्री रघुबर दास के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया. 

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लोहरदगा, छतरपुर और हुसैनाबाद में आजसू मुसीबत

पहले चरण में लोहरदगा, छतरपुर और हुसैनाबाद विधानसभा सीट पर भाजपा की पुरानी सहयोगी दल आजसू की मौजूदगी से दांवपेंच फंसता जा रहा है. छतरपुर से तो आजसू प्रत्याशी राधाकृष्ण किशोर भाजपा से ही नाता तोड़ बगावती तेवर के साथ मैदान में उतरे हैं. भावनाथपुर विधानसभा सीट से भाजपा ने अनंत प्रताप का टिकट काटा और नौजवान संघर्ष मोर्चा के भानुप्रताप शाही को अपना उम्मीदवार बनाया. फिर क्या था अनंत प्रताप देव ने पार्टी के विरूद्ध निर्दलीय ही मोर्चा खोल दिया. अब भाजपा को न सिर्फ महागठबंधन के उम्मीदवार से बल्कि अपने ही पार्टी से बागी हु्ए अनंत प्रताप से भी लड़ना है. 

कई सीटों पर सीधी टक्कर है भाजपा और महागठबंधन में 

बहरहाल यहीं हाल लगभग सभी सीटों पर है. विश्रामपुर में भाजपा के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी से कांग्रेस के चंद्रशेखर दुबे की सीधी टक्कर है. जबकि गढ़वा में भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी का मुकाबला झामुमो के मिथिलेश ठाकुर से है. डालटनगंज में भाजपा प्रत्याशी आलोक चौरसिया और कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णानंद त्रिपाठी सीधी टक्कर में हैं. इन तमाम सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवारों के अलावा भी कई अन्य पार्टियां भाजपा को चकमा दे सकती हैं. मालूम हो कि पिछले चुनाव में भाजपा को इन 13 सीटों में छह सीटें मिली थी. तब महागठबंधन नहीं था. इस बार तीनों दलों के साथ आ जाने का नुकसान होता है या फायदा, इसका फैसला वक्त के साथ हो ही जाएगा. 

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