झारखंड नतीजों में दिग्गजों का हाल, जीत रहे हैं या हैं बेहाल ?

झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों का शुरुआती रूझान यह कह रहा है कि किसी को भी स्पष्ट बहुमत मिलने नहीं जा रहा है. जाहिर है सरकार बनाने के लिए जरूरी होगा सहयोगी दलों का साथ. लेकिन दिलचस्प बात यह है कि झारखंड की राजनीति में दिग्गजों का क्या हाल है, वह भी मायने रखता है. 

झारखंड नतीजों में दिग्गजों का हाल, जीत रहे हैं या हैं बेहाल ?

रांची: झारखंड चुनाव के नतीजों में भाजपा का 65+ का नारा पूरी तरह से धराशायी होता दिख रहा है. पार्टी भले ही सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के रूप में इस बार भी उभरी हो लेकिन सरकार बनाने की किस्मत का फैसला किसी और दल के सहयोग के भरोसे पर टिका हुआ है. अब सवाल यह है कि झारखंड की लड़ाई में दिग्गजों का क्या हाल है ? झारखंड में इस बार की लड़ाई का सिरा कुछ और ही तस्वीर दिखा रहा है.

कुछ राजनीतिक दिग्गज पिछड़ते नजर आ रहे हैं तो कुछ अपने किले की किलेबंदी कर पाने में सफल होते दिख रहे हैं. आइए जानते हैं किसका क्या है हाल ?

हेमंत सोरेन, सरयू राय और लक्ष्मण गिलुआ चल रहे हैं पीछे

झारखंड मुक्ति मोर्चा+ या यूं कहें कि महागठबंधन के नेतृत्वकर्ता हेमंत सोरेन जो दो सीटों से चुनावी मैदान में उतरे थे, उनमें से एक सीट पर फिलहाल पीछे चल रहे हैं. दुमका से पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भाजपा की लुइस मरांडी से पीछे चल रहे हैं. लेकिन बरहेट से हेमंत सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी पर बढ़त बनाई हुई है. वहीं जमशेदपुर पूर्वी से भाजपा के प्रत्याशी और निवर्तमान मुख्यमंत्री रघुबर दास भी बढ़त बनाए हुए हैं.

लेकिन दिलचस्प बात यह है कि चुनाव से पहले भाजपा से बागी हो कर अलग राह चुनने वाले सरयू राय जमशेदपुर पूर्वी सीट से पीछे चल रहे हैं और जमशेदपुर पश्चिमी सीट पर भी कुछ खास बढ़त नहीं है. वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ भी चक्रधरपुर सीट से पीछे चल रहे हैं. 

सिल्ली से किंगमेकर कहे जाने वाले भी नहीं हैं फॉर्म में 

बात करें आजसू प्रमुख सुदेश महतो की तो सुदेश सिल्ली विधानसभा सीट को फिर से बचाने में नाकामयाब होते दिख रहे हैं. सिल्ली विधानसभा सीट पर भाजपा ने सुदेश महतो को समर्थन देने के लिए अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था. बावजूद इसके सिल्ली में आजसू प्रमुख बढ़त बनाने में सफल नहीं हो सके. वहीं राजधनवार सीट से झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी भी अपनी सीट बचाते नजर आ रहे हैं.

इसके अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव भी लोहरदगा सीट से आगे चल रहे हैं. इसके अलावा कांग्रेस के प्रवक्ता और जमशेदपुर पूर्वी से प्रत्याशी गौरव वल्लभ भी पीछे चल रहे हैं और लगभग रेस से बाहर हैं.

स्पष्ट बहुमत के बहुत करीब है झामुमो गठबंधन

झारखंड में फिलहाल की स्थिति पर नजर डालें तो झामुमो गठबंधन को अब स्पष्ट बहुमत मिलती हुई तस्वीर नजर आने लगी है. महागठबंधन पहली बार 41 का जादुई आंकड़ा पार करती नजर आई. महागठबंधन ने भी अपनी ओर से जोड़-तोड़ करनी शुरू कर दी है. कांग्रेस झाविमो के साथ संपर्क साधने की जद्दोजहद में लग गई है. वहीं कहा जा रहा है कि आजसू के दो विधायक भी कांग्रेस के संपर्क में हैं. स्थितियां कुछ यूं हैं कि झामुमो सरकार बनाने की स्थिति में सबसे आगे निकलती हुई नजर आ रही है.