केजरीवाल के शपथ ग्रहण में नहीं बुलाए जाएंगे दूसरे दलों के नेता

तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे अरविंद केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली से बाहर के दूसरे दलों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा.

केजरीवाल के शपथ ग्रहण में नहीं बुलाए जाएंगे दूसरे दलों के नेता

दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में एक बार फिर से प्रचंड जीत हासिल करने वाले आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल 16 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके शपथ समारोह से जुड़ी बड़ी खबर ये है कि इस बार किसी भी दूसरे राज्य के नेता को नहीं बुलाया जाएगा. केजरीवाल ऐसा इसलिये कर रहे हैं क्योंकि उन पर लगातार भ्रष्टाचारियों के साथ रहने का आरोप भी लगता है. अपनी अलग छवि बनाने की कोशिश में केजरीवाल ने ये बड़ा फैसला किया है.

गोपाल राय ने दी जानकारी

AAP के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने जानकारी दी कि शपथग्रहण समारोह में  केवल दिल्ली के लोगों को आमंत्रित किया जाएगा. अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों या अन्य दलों के नेताओं को आमंत्रित नहीं किया जाएगा.

रामलीला मैदान में लेंगे शपथ

अरविंद केजरीवाल इससे पहले साल 2013 और 2015 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं. पिछली बार भी अरविंद केजरीवाल ने रामलीला मैदान से ही मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने जा रहे आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस बार भी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह को एक सार्वजनिक आयोजन का रूप देने का निर्णय लिया है.

आप को मिली प्रचंड जीत

दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने साल 2015 की तरह ही जबरदस्त जीत हासिल की है. आम आदमी पार्टी ने इस चुनाव में 62 सीटें अपने नाम की हैं. हालंकि पिछली बार से 6 सीटें कम है. वहीं बीजेपी को इस चुनाव में 8 सीटें मिली हैं. कांग्रेस का पिछली बार की तरह ही इस बार भी खाता नहीं खुला और उसके करीब 63 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई.

मोदी का विकल्प बनने की कोशिश में केजरीवाल

राष्ट्रीय राजनीति में अरविंद केजरीवाल पीएम मोदी के खिलाफ खुद को एक विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं. पहले वे केवल दिल्ली तक सीमित रह गये थे. आम आदमी पार्टी का दायरा पूरे देश में फैलने के बजाय दिल्ली तक सीमित रह गया था. क्योंकि वे खुद को लालू यादव और मायावती की तरह विपक्षी एकता से जोड़ रहे थे. केजरीवाल कर्नाटक में कांग्रेस के मंच पर भी दिखाई दिये थे. कांग्रेस के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़कर ही केजरीवाल यहां तक पहुंचे हैं.

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