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दिल्ली में शाह-फडणवीस की मुलाकात, राजनीति पर कैसे नहीं होगी बात?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं. माना जा रहा है कि 5 नवंबर को फडणवीस का शपथ लेना लगभग तय है.

दिल्ली में शाह-फडणवीस की मुलाकात, राजनीति पर कैसे नहीं होगी बात?

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सियासी समीकरण का बखान कर पाने के लिए फिलहाल शब्द भी कम पड़ जाएंगे. सरकार किसकी बनेगी और बतौर मुख्यमंत्री किसकी ताजपोशी होगी? इस सवाल के जवाब के लिए हर कोई टकटकी लगाकर इंतजार कर रहा है. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर प्रदेश की कमान किसके हाथों में सौंपी जाएगी?

फडणवीस और शाह की मुलाकात!

इस बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का दिल्ली जाना तय हुआ है. वह दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने सोमवार को पहुंचेंगे. कहा जा रहा है कि इस दौरान वह बाढ़ और बारिश से प्रभावित किसानों के मुद्दे पर बात करेंगे. लेकिन भला ये कैसे हो सकता है कि इस मुलाकात में राजनीतिक चर्चा नहीं होगी.

राजनीति पर कैसे नहीं होगी बात?

महाराष्ट्र में 50-50 फॉर्मूले को लेकर शिवसेना और भाजपा के बीच सियासी उठापटक का सिलसिला बादस्तूर जारी है. राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ती जा रही है. शिवसेना अपने जिद पर अड़ी है, और भाजपा ने ये साफ कर दिया है कि फडणवीस ही महाराष्ट्र के फुल टाइम सीएम होंगे. और वो इस मुद्दे पर कोई समझौता करने के लिए राजी नहीं होगी. इसी बीच महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस का अचानक दिल्ली दौरा निर्धारित किया गया. ये कोई इत्तेफाक तो होगा नहीं, कि जब महाराष्ट्र में पारा हाई हो, और सीएम फडणवीस सिर्फ एक मुद्दे पर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री से मुलाकात करने पहुंच रहे हैं. इसमें कोई दो राय नहीं है कि इस मुलाकात में महाराष्ट्र में फंसे सियासी पेंच पर चर्चा जरूर होगी.

5 नवंबर को शपथ ग्रहण की तैयारी

शिवसेना अपनी जिद पर अड़ी है तो वहीं भाजपा प्रदेश में में सरकार बनाने को लेकर पूरी तरह से तैयारियों में जुटी दिख रही है. भाजपा खेमा 5 नवंबर को नई सरकार की शपथ की तैयारी कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने शपथ के लिए 5 नवंबर को वानखेड़े स्टेडियम भी बुक कर दिया है. माना जा रहा है कि अगर शिवसेना जिद पर अड़ी रही तो भाजपा सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के तौर पर सरकार बनाने का दावा पेश कर सरकार बनाने की फिराक में है. सरकार बनने के बाद सदन में बहुमत साबित करने तक उसके पास शिवसेना से बातचीत के लिए और समय होगा. उसकी कोशिश होगी कि वो शिवसेना को सरकार में भागीदारी के लिए तैयार कर ले. 

इस बीच फडणवीस दिल्ली पहुंच रहे हैं. हर किसी की नजर इसी पर होगी. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में भाजपा शिवसेना गठबंधन को बहुमत तो हासिल हो गया, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी पर ढ़ाई-ढ़ाई साल के फॉर्मूले को लेकर जबरदस्त पेंच अटका हुआ है. अब देखना होगा कि क्या 5 तारीख को मुख्यमंत्री पद के लिए फडणवीस अकेले शपथ लेते हैं, या बतौर उपमुख्यमंत्री आदित्य ठाकरे की भी ताजपोशी होती है. या फिर कुछ और ही तस्वीर सामने आती है.