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इस्तीफा देकर फडणवीस ने शिवसेना को दिखाए तेवर

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से देवेन्द्र फडणवीस ने इस्तीफा दे दिया है. खास बात यह रही कि इस्तीफा देने के बाद भी फडणवीस शिवसेना से साथ आर पार की जंग लड़ने के मूड मेें आ गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि वह फिफ्टी-50 के फॉर्मूले को लेकर गलतबयानी कर रही है. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि शिवसेना से फिफ्टी-50 के फॉर्मूले पर कोई भी बात नहीं हुई. राज्यपाल ने फिलहाल उनसे कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने का आदेश दिया है. 

इस्तीफा देकर फडणवीस ने शिवसेना को दिखाए तेवर
राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को इस्तीफा सौंपते हुए देवेन्द्र फडणवीस

मुंबई: देवेन्द्र फडणवीस शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात करने के लिए राजभवन पहुंचे थे. जहां उन्होने उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद फडणवीस ने प्रेस कांफ्रेन्स करके मीडिया को अपने फैसले की जानकारी दी.  मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कार्यकाल शनिवार यानी 9 नवंबर को समाप्त हो रहा था. 

इस्तीफा देने के  बाद फडणवीस ने संकोच छोड़कर शिवसेना पर सीधा हमला किया और उसे आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सरकार बनाने की कवायद फेल की होने की जिम्मेदारी शत प्रतिशत शिवसेना की है. फडणवीस ने आरोप लगाया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने उनके फोन कॉल रिसीव नहीं किए. बातचीत के रास्ते बंद कर दिए. 

फडणवीस ने 5 साल तक मुख्यमंत्री का पद संभालने के दौरान अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनवाई. उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी. उन्होंने कहा कि हमने ईमानदारी से महाराष्ट्र में काम किया. जिसकी वजह से हम फिर से महाराष्ट्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरे. 

इस्तीफा देने के बाद देवेन्द्र फडणवीस ने जो सबसे बड़ा बयान दिया, वह ये था कि 'शिवसेना से फिफ्टी-50 के फॉर्मूले पर कभी कोई बात नहीं हुई.' उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ भाजपा नेता तथा केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बकायदा नाम लेकर कहा कि उन्होंने भी कभी इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं दिया.