महाराष्ट्र में जनादेश का बन रहा मजाक! लगातार जारी है 'सियासी ड्रामा'

महाराष्ट्र में राजनीतिक अखाड़े में चल रही उठापटक ने जनादेश को मजाक बनाकर रख दिया है. महाराष्ट्र की जनता ने वोट तो दे दिया, लेकिन यहां सियासतदानों का सियासी ड्रामा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है.

महाराष्ट्र में जनादेश का बन रहा मजाक! लगातार जारी है 'सियासी ड्रामा'

नई दिल्ली: बॉलीवुड की किसी थ्रिलर फिल्म में अगले पल क्या होने वाला है कुछ पता नहीं होता और दर्शक कुर्सी से चिपक कर बैठा अगले दाव का कयास लगाता रहता है. महाराष्ट्र की सियासत में कुछ ऐसा ही हो रहा है. पिछले 24 घंटे में पल पल बदलता समीकरण बॉलीवुड थ्रिलर जैसा रोमांच पैदा करता रहा. विधानसभा चुनाव का नतीजा आए दो हफ्ते से भी ज्यादा दिन बीत चुके हैं लेकिन अभी तक सरकार नहीं बन सकी है. सोमवार सुबह तक लग रहा था कि शिवसेना एनसीपी और कांग्रेस के समर्थन से सरकार बना लेगी लेकिन तस्वीर अब भी साफ नहीं हो सकी है.

महाराष्ट्र में सियासी नाटक

दरअसल, रविवार को बीजेपी ने राज्यपाल के सरकार बनाने के न्यौते को ये कहकर ठुकरा दिया कि उसके पास 145 की जादुई संख्या नहीं है. उसके बाद राज्यपाल ने दूसरी सबसे बड़ी पार्टी शिवसेना को सरकार बनाने का न्यौता दिया. और सोमवार शाम तक सरकार बनाने के लिए सूचित करने के लिए कहा. NCP ने समर्थन के बदले शर्त रखी कि अगर शिवसेना बीजेपी का साथ छोड़ती है और केंद्र सरकार से इस्तीफा देती है तो ही वो समर्थन देने की सोच सकती है. सोमवार सुबह करीब 7.48 मिनट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि अभी हमारी पोजिशन यही है कि हम विपक्ष में बैठेंगे और आगे फैसला हाईकमान के निर्देश पर होगा.

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष में बैठने का मैन्डेट दिया है. फिलहाल तो स्थिति यही है, इसके आगे मैं कुछ नहीं कह सकता.

जिसके बाद सोमवार सुबह करीब 8 बजे शिवसेना के केंद्र में मंत्री अरविंद सावंत ने ट्वीट कर कहा कि वो केंद्रीय कैबिनेट से इस्तीफा देंगे. अरविंद सावंत ने लिखा कि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार गठन को लेकर एक फॉर्मूला तय हुआ था. लेकिन अब इस फॉर्मूले को मना किया जा रहा है. शिवसेवा हमेशा सच के साथ खड़ी होती है. ऐसे में इस गलत माहौल में दिल्ली सरकार के साथ क्यों रहना. इसलिए मैं केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे रहा हूं. सावंत के ट्वीट से साफ हो गया कि शिवसेना ने एनसीपी की मांग मान ली है.

सोमवार को शुरू हुआ बैठकों का दौर

सोमवार, सुबह 10 बजकर 25 मिनट पर सरकार गठन को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया. मुंबई में एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक शुरू हुई तो शिवसेना विधायकों की बैठक भी चलती रही. दूसरी ओर दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में भी महाराष्ट्र को लेकर चर्चा होती रही. दोपहर साढ़े 12 बजे मुंबई में एनसीपी कोर कमेटी की बैठक के बाद एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि पार्टी कांग्रेस के फैसले के बाद ही कोई निर्णय होगा. इसके बाद महाराष्ट्र से कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब किया गया. नेताओं ने शाम 4 बजे 10 जनपथ में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस बीच मोदी कैबिनेट में शिवसेना कोटे से कैबिनेट मंत्री अरविंद सावंत ने इस्तीफा देकर शिवसेना एनसीपी गठबंधन का रास्ता साफ कर दिया.

इसे भी पढ़ें: कुर्सी के मोह में कुछ भी करने के लिए तैयार हैं उद्धव ठाकरे, इन दो कदमों से पता चलता है

इस बीच खबर आई कि शिवसेना शाम करीब 6 बजे राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. राज्यपाल ने शिवसेना को सरकार बनाने का जो ऑफर दिया था उसमें उसके पास शाम 7.30 बजे तक अपना दावा पेश करने का वक्त दिया गया था. जिसके बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक एक बार फिर शुरू हो गई. उधर भाजपा कोर कमेटी की बैठक भी चल रही थी, जिसमें मौजूदा राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा चल रही थी. दिल्ली में कांग्रेस की बैठक खत्म होने के बाद बताया गया कि शिवसेना को समर्थन देने पर कोई फैसला नहीं हुआ और चर्चा अभी जारी रहेगी. दिल्ली से कुछ बड़े नेता आज मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं से राय मशवरा करने के बाद आलाकमान को जानकारी देंगे.

आदित्य ठाकरे की दलील

आदित्य ठाकरे की अगुवाई में शिवसेना नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा कि हमने राज्यपाल से कहा कि शिवसेना सरकार बनाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि हमने राज्यपाल से 2 दिन का वक्त मांगा था लेकिन वो देने से इनकार कर दिया. दरअसल, सरकार बनाने की चाभी अब कांग्रेस के हाथ में है. एनसीपी बगैर कांग्रेस कोई फैसला नहीं ले सकती है. कांग्रेस ने अभी तक समर्थन वाली चिट्ठी शिवसेना को सौंपी नहीं है. तस्वीर साफ नहीं होने से जो असमंजस की स्थिति बनी हुई थी वो राज्यपाल के एक और फैसले से बढ़ गई. राज्यपाल ने भाजपा-शिवसेना के बाद अब एनसीपी से पूछा है कि क्या उनकी पार्टी सरकार बनाने को तैयार है. बीजेपी सरकार बनाने से इनकार कर चुकी है. वहीं शिवसेना ने सरकार बनाने की इच्छा तो जताई लेकिन बाकी दलों का समर्थन पत्र वक्त पर नहीं दे सकी. इसलिए राज्यपाल ने तीसरी बड़ी पार्टी एनसीपी से सरकार बनाने के लिए पूछा है जिसे आज रात साढे आठ बजे तक जवाब देने को कहा गया है. एनसीपी के अजीत पवार की अगुवाई में तमाम नेता राज्यपाल से मिलने पहुंचे.

शरद पवार और उद्धव ठाकरे की बातचीत

वहीं राज्यपाल की तरफ से सरकार बनाने का न्यौता मिलने के बाद शरद पवार ने उद्धव ठाकरे से बात की. उधर राज्यपाल से मुलाकात के बाद शिवसेना के नेता मातोश्री पहुंचे. शिवसेना नेताओं का कहना है कि आगे की रणनीति और पार्टी का अगला कदम क्या होगा, ये उद्धव ठाकरे तय करेंगे.

इसे भी पढ़ें: शिवसेना के इस 'कुर्सी प्रेम' से बढ़ सकती हैं उसकी राजनीतिक मुश्किलें! 'धर्मसंकट' में उद्धव

महाराष्ट्र में आगे के रणनीति तय करने के लिए सोनिया गांधी ने आज फिर पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है. भाजपा ने भी दो बार कोर कमेटी की बैठक की. पार्टी ने कहा कि बीजेपी पूरे सियासी हालात पर नजर बनाए हुए है. जाहिर है महाराष्ट्र में अब भी गोटियां बैठाने का खेल जारी है. लेकिन प्रदेश मे बरकरार संशय के बादल जनता को बेचैन कर रहे हैं. जो देख रही है कि कैसे उसके वोट का मज़ाक उड़ाया जा रहा है.