अब एनसीपी को सरकार बनाने के लिए बुलावा, मना किया तो राष्ट्रपति शासन

मंबईः  सीएम कुर्सी के लिए महाराष्ट्र में चल रही खींचतान को खत्म न होते देख राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने अब एक और कोशिश की है. उन्होंने शिवसेना को टाइम देने से तो इनकार कर ही दिया था, साथ ही अब उन्होंने तीसरी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण भेजा है. इस तरह विधानसभा चुनाव में दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी शिवसेना को भी राज्यपाल की तरफ से झटका लगा है.

अब एनसीपी को सरकार बनाने के लिए बुलावा, मना किया तो राष्ट्रपति शासन

मंबईः  सीएम कुर्सी के लिए महाराष्ट्र में चल रही खींचतान को खत्म न होते देख राज्यपाल बीएस कोश्यारी ने अब एक और कोशिश की है. उन्होंने शिवसेना को टाइम देने से तो इनकार कर ही दिया था, साथ ही अब उन्होंने तीसरी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रण भेजा है. इस तरह विधानसभा चुनाव में दूसरी बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी शिवसेना को भी राज्यपाल की तरफ से झटका लगा है.

राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शिवसेना को सरकार बनाने के लिए और समय देने से इनकार कर दिया. शिवसेना द्वारा समर्थन पत्र नहीं सौंपने के बाद राज्यपाल ने राज्य की तीसरी बड़ी पार्टी एनसीपी को न्योता भेज दिया. राज्यपाल से मुलाकात में एनसीपी नेताओं ने समय मांगा है. मुलाकात के बाद एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने कहा है कि हम अपनी सहयोगी पार्टी से बातचीत करेंगे. ऐसे में माना जा रहा है कि राज्यपाल की तरफ से राज्य में सरकार बनाने की यह आखिरी कोशिश की गई है. अगर एनसीपी भी राज्य में सरकार बनाने से इनकार कर देती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लगना लगभग तय है. 

कुर्सी की जंग में नया मोड़
इसके पहले शिवसेना को सरकार बनाने का आमंत्रण दिया गया था. जब शिवसेना तय समय साढ़े सात बजे तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं कर सकी तो इसके बाद गवर्नर कोश्यारी ने दूसरी बड़ी पार्टी को और समय देने से भी इनकार कर दिया. शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे राजभवन से बाहर निकले थे कि उनके पीछे-पीछे ही राज्यपाल का बयान भी आ गया और इसके कुछ देर बाद उन्होंने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी एनसीपी को सरकार बनाने का न्योता दे दिया. इसके पहले दिनभर कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना के सरकार बनाने की बात दिनभर चली थी. दूसरी ओर एनसीपी शिवसेना से उसका भाजपा के साथ का गठबंधन भी तुड़वा चुकी है.

लेकिन इन सब खींचतान का नतीजा सरकार बनाने के तौर पर नहीं निकल सका है. राज्यपाल कोश्यारी से मुलाकात के बाद शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'अभी तक एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन नहीं मिला है. हमने राज्यपाल से दो दिन का समय मांगा लेकिन उन्होंने वक्त देने से इनकार कर दिया है. लेकिन, राज्यपाल ने सरकार बनाने को लेकर हमारे दावे को अभी तक खारिज नहीं किया है. 

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कांग्रेस के कई बड़े नेता सरकार बनाने के खिलाफ
उधर, कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कई वरिष्ठ नेता शिवसेना के साथ सरकार बनाने के खिलाफ हैं. हालांकि, कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि हमारी शरद पवार से बातचीत हुई है, मंगलवार को मुंबई में इस मसले पर एक बार फिर से बातचीत होगी. सोमवार को कांग्रेस और एनसीपी के बीच कई दौर की बातचीत में भी अबतक कुछ भी तय नहीं हो पाया है. इससे पहले खबर आई थी कि शिवसेना को कांग्रेस और एनसीपी बाहर से समर्थन दे सकती है.

महाराष्ट्र में राज्यपाल की ओर से  शिवसेना को दी हुई समयसीमा खत्म हो चुकी है. कांग्रेस और एनसीपी ने अभी तक समर्थन पर कोई फैसला नहीं लिया है. जानकारी मिली है कि कांग्रेस के दो नेता मंगलवार को महाराष्ट्र में शरद पवार से मिलने जाएंगे, क्योंकि शरद पवार ने भी अभी तक शिवसेना को समर्थन की चिट्ठी नहीं सौंपी है. पवार से मुलाकात के बाद दोनों पार्टियां तय करेंगी कि शिवसेना के समर्थन में पत्र देना है या नहीं.

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