close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

महाराष्ट्र में कार्टून से उपजा बवाल, दबाव बनाने की जुगत में शिवसेना

    महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावी परिणाम आ गए हैं. भाजपा को जिस जनादेश का इंतजार था, यह परिणाम वैसे तो बिल्कुल नहीं है. महाराष्ट्र और हरियाणा में भाजपा गठबंधन के सूत्र में बंध कर सरकार बनाने जा रही है. जाहिर है गठबंधन की शर्तों का भी आकलन करना होगा.

महाराष्ट्र में कार्टून से उपजा बवाल, दबाव बनाने की जुगत में शिवसेना

नई दिल्ली:  महाराष्ट्र में भाजपा की सहयोगी दल शिवसेना 50-50 के फॉर्मूले पर अड़ गई है. मुख्यमंत्री पद पर ढाई-ढाई साल की उम्मीदवारी के मसौदे पर फिलहाल दोनों दलों में मंथन चल ही रहा था कि शिवसेना के संजय राउत ने कुछ ऐसा कर दिया जिससे गठबंधन में फूट डालने की कोशिश के रूप में देखा जाने लगा है. संजय राउत ने एक कार्टून शेयर किया जिसमें एक शेर के हाथ में कमल का फुल है और गले में घड़ी लटकी हुई है.

कार्टून दिखाकर दबाव बनाने की कोशिश 
सामना के संपादक ने इसे साझा करते हुए लिखा कि 'व्यंग चित्रकाराची कमाल! बुरा न मानो दिवाली है'. इसके बाद तो जैसे सियासी पारा अचानक ही उफान लेने लग गया. दरअसल, संजय राउत के इस कार्टून में शेर शिवसेना का चुनावी चिन्ह है, जिसके हाथ में भाजपा के चुनावी चिन्ह कमल को दिखाया गया है. जिसका मतलब है कि शिवसेना अब भाजपा पर कमान कसने लगी है. वहीं कार्टून में शेर के गले में घड़ी बंधी हुई है जो शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी एनसीपी है. सियासी मायनों में देखें तो शिवसेना का एनसीपी के साथ जुड़ाव हो सकता है, यह इस बात की ओर इशारा है. 

आदित्य ठाकरे को बता डाला भावी मुख्यमंत्री
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के बैनर तले चुनाव लड़ने वाली एनडीए की सबसे पुरानी सहयोगी  शिवसेना ने ठाकरे परिवार के युवराज आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने के रणनीति के तहत काम करना शुरू कर दिया है. वर्ली से तकरीबन 70000 की वोटों के अंतर से जीते आदित्य ठाकरे को महाराष्ट्र के वर्ली में एक पोस्टर में शिवसेना कार्यकर्ताओं  ने आदित्य ठाकरे को भावी मुख्यमंत्री बताते हुए बधाई दी है. दरअसल, चुनाव परिणाम के बाद शिवसेना भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है. सामना के संपादक संजय राउत का बयान गठबंधन की मजबूती को आहत कर सकता है. 

शिवसेना का गणित हो सकता है फेल
हालांकि, भाजपा पर दबाव बनाने की जुगत में जुटी शिवसेना को एनसीपी से गठबंधन का रास्ता भले नजर आ रहा हो लेकिन विचारधाराओं में इन दोनों पार्टियों में कोई मेल ही नहीं है. ऐसे में अगर कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर महाराष्ट्र पर दबाव बनाने की शिवसेना की योजना लंबी दूरी के लिए सही साबित नहीं हो सकती. संजय राउत के सामना के एक लेख में लिखा है कि चुनाव परिणाम महाजनादेश वाले नहीं हैं. दरअसल, यह भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार देवेंद्र फडणवीस की रैली महाजनादेश पर एक तंज है. महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम कुछ ऐसे हैं कि भाजपा-शिवसेना के अलावा कोई भी गठबंधन गणित यहां टिकाऊ नजर नहीं आ रहे.