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भाजपा को संजय राउत की चुनौती! 'हमारे पास बहुमत है, शिवसेना का सीएम बनाकर दिखाएंगे'

शिवसेना प्रवक्ता और सामना के संपादक संजय राउत ने एक बार फिर बहुमत होने का दावा किया है. राउत ने भाजपा को चुनौती देते हुए ये कहा कि अगर आपके पास संख्या है तो सरकार बनाएं. उन्होंने ये भी कहा कि हम शिवसेना का मुख्यमंत्री बनाकर दिखाएंगे.

भाजपा को संजय राउत की चुनौती! 'हमारे पास बहुमत है, शिवसेना का सीएम बनाकर दिखाएंगे'

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सियासत का ऊंट किस करवट बैठेगा, ये अब भी साफ नहीं हो पाया है. नई सरकार के गठन में महज 1 दिन बाकी बचा है. लेकिन शिवसेना झुकने को तैयार नहीं और बीजेपी सीएम पद छोड़ने को राजी नहीं है. शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने एक बार फिर भाजपा को चुनौती दी है, इसी बीच गडकरी ने अफवाहों का खंडन किया है.

भाजपा को शिवसेना की धमकी

NDA में भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी दल शिवसेना का जिद्दी रवैया अभी तक इस बात पर अड़ा हुआ है कि उसके पास बहुमत का आंकड़ा है. एक बार फिर शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने सीएम की कुर्सी का राग अलापते हुए ये दावा किया है कि उनकी पार्टी के पास अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए संख्या है.

राउत ने क्या कहा?

सामना के संपादक और शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने ये दावा किया है कि हमारे पास अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए संख्या है. इस दौरान राउत ने ये कहा कि 'हमें यह दिखाने की जरूरत नहीं है कि हमारे पास बहुमत है. हम हाउस के फ्लोर पर दिखा देंगे. हमारे पास विकल्प हैं, हम दूसरे रास्ते के बिना नहीं बोलते हैं.'

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संजय राउत यहीं नहीं रुके उन्होंने भाजपा को चुनौती भी दी कि यदि आपके पास (भाजपा) संख्या है, तो सरकार बनाएं. अगर आपके पास संख्या नहीं है तो इसे स्वीकार करें. राउत ने कहा कि 'संविधान इस देश के लोगों के लिए है, यह उनकी (भाजपा की) निजी संपत्ति नहीं है. हम संविधान को अच्छी तरह से जानते हैं. हम महाराष्ट्र में शिवसेना के सीएम का गठन संवैधानिक रूप से करेंगे.'

शिवसेना का अड़ियल रवैया बरकरार

सीट महज 51 ही जीत हैं, लेकिन शिवसेना के तेवर ऐसे हैं मानो बहुमत के बेहद करीब वही पहुंची हो. मानो 100 सीट अकेले ही जीत ली हों. शिवसेना बार-बार ये कह रही है कि चुनाव में उतरने से पहले जो गठबंधन हुआ था, उसके मुताबिक सीएम ढाई-ढाई साल ही रहना था. लेकिन यहां सवाल ये भी उठता है कि चुनाव प्रचार के दौरान उद्धव ने ये बात जनता के सामन क्यों नहीं कहा था कि ढाई साल शिवसेना का सीएम रहेगा? क्यों नहीं कहा था कि शिवसेना का ही नेता इस बार महाराष्ट्र में सीएम पद पर बैठेगा?

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अब जब आदित्य ठाकरे चुनाव जीत गए हैं तो शिवसेना पूरी तरह से उन्हें ढ़ाई साल के लिए सीएम की कुर्सी पर बैठाने के लिए बेकरार है. इसके लिए पूरी पार्टी जोर भी लगा रही है. शिवसेना के दूत यानी संजय राउत कभी शरद पवार के घर पहुंचते हैं तो आदित्य ठाकरे को राज्यपाल के पास जाते हैं. मगर कहीं से भी कोई बात बनती नहीं देख वापस आकर बीजेपी को ही घुड़की देने लगते हैं. अब कुछ ही घंटों में महाराष्ट्र में सरकार भंग हो जाएगी. ऐसे में सीएम की कुर्सी पर कौन विराजमान होगा. किसकी सरकार बनेगी और राजतिलक के लिए मंच पर कौन शपथ लेगा? इस सवाल का जवाब हर कोई तलाश रहा है.