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भाजपा के इस तेवर से शिवसेना हुई आग-बबूला! और गड़बड़ा गया मामला

महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच कुर्सी की जंग और भी भयंकर रूप धारण करती जा रही है. भाजपा नेता और महाराष्ट्र के एक नेता का ऐसा बयान आया, जिसके बाद शिवसेना आग-बबूला हो गई. और बड़बोले नेता संजय राउत फिर से अपने अंदाज में नजर आए.

भाजपा के इस तेवर से शिवसेना हुई आग-बबूला! और गड़बड़ा गया मामला

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर चल रही रस्साकसी हर दिन बीतने के साथ तेज होती जा रही है. भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच खिंची तलवारें म्यान में जाने को तैयार नहीं हैं. धमकियों और धमकियों पर पलटवार का सिलसिला सा चल निकला है. 

भाजपा के तेवर से तिलमिलाई शिवसेना

फिलहाल भाजपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुनगंटीवार के एक बयान पर शिवसेना आग बबूला है. शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के जरिए निवर्तमान फडणवीस सरकार के वित्‍तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार के महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार ना बन पाने पर राष्‍ट्रपति शासन लगाने संबंधी बयान पर तीखा तंज कसा है.

सामना में क्या लिखा?

'शिवसेना ने सामना में लिखा राष्ट्रपति तुम्हारी जेब में हैं क्या? राष्‍ट्रपति की मुहर वाला रबर स्टैंप राज्य के बीजेपी कार्यालय में ही रखा हुआ है. अगर महाराष्‍ट्र में हमारा शासन नहीं आया तो स्टैंप का प्रयोग करके बीजेपी राष्ट्रपति शासन का आपातकाल लाद सकती है. इस धमकी का जनता ये अर्थ समझे क्या?'

सुधीर मुनगंटीवार के बयान पर शिवसेना किस कदर भड़की हुई है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सामना में लिखे संपादकीय से भी जब उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उसके फार ब्रांड नेता संजय राउत मीडियाकर्मियों के सामने आए और बीजेपी को फिर से जमकर सुनाया. 

भाजपा के मंत्री ने ऐसा क्या कह दिया?

बीजेपी नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा था कि अगर 7 नवंबर तक कोई सरकार नहीं बनती है तो महाराष्ट्र में राष्‍ट्रपति शासन लागू हो सकता है. उन्‍होंने यह भी कहा था कि शिवसेना की ओर से ढाई साल के लिए मुख्‍यमंत्री पद की मांग की वजह से ही सरकार नहीं बन पा रही है. मुनगंटीवार के इसी बयान पर शिवसेना की त्योरियां चढ़ी हुई हैं.

जिसके बाद शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि 'जिस प्रकार से महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू करने की धमकी राज्य के एक मंत्री बार-बार दे रहे हैं तो अब ईडी की धमकी देना बंद हो गया और राष्ट्रपति का इस्तेमाल हो रहा है.'

इस मांग पर अड़ी है शिवसेना

महाराष्ट्र चुनाव में बीजेपी और शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला है लेकिन नंबर ऐसे हैं कि ना तो भाजपा अकेले सरकार बना सकती है और ना ही शिवसेना. ऐसे में शिवसेना ने सीएम पद की कुर्सी के साथ ही 21 मंत्रालयों की डिमांड रख दी है. जिसे मानने को बीजेपी तैयार नहीं दिख रही है, लिहाजा घमासान मचा है और बयानों के तीर चल रहे हैं. भाजपा की राष्ट्रपति शासन वाली धमकी पर अब देश की सियासत में उबाल है.

इसी कड़ी में कांग्रेस ने मौके का फायदा उठाने की कोशिश की है. हरीश रावत ने तंज कसते हुए कहा कि 'ये एक और धमकी है जो स्पष्ट करती है कि भाजपा का लोकतंत्र में विश्वास नहीं है. अपने सहयोगी को आप धमका रहे हैं. आपको आगे बढ़कर कहना चाहिए भाई कहां पर गलती हुई है. क्या है आओ मिल बैठकर तय कर लेते हैं.'

सुधीर मुनगंटीवार ने दी सफाई

अपने बयान पर सियासत गरमाते देख सुधीर मुनगंटीवार ने सफाई पेश की है. उनका कहना है कि उन्होंने एक सवाल के जवाब में सरकार ना बन पाने की स्थिति में क्या होगा उसका जवाब दिया था. इसे धमकी का रंग देकर बेवजह बवाल खड़ा किया जा रहा है.

राज्य में सभी 288 सीटों पर हुए चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा के पास 105 सीटे हैं जबकि शिवसेना के पास 56 विधायक हैं. एनसपी के 54 उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी वहीं कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं. इन सबके अलावा 29 निर्दलीय हैं. आंकड़ों के इसी घालमेल ने बीजेपी और शिवसेना को आमने-सामने लाकर खड़ा कर दिया है. जिसके चलते सियासी माहौल गरमाया हुआ है. देखना ये है कि सियासी ऊंट किस करवट बैठता है और महाराष्ट्र में सरकार कौन और कैसे बनाता है.