• कोरोना वायरस पर नवीनतम जानकारी: भारत में संक्रमण के सक्रिय मामले- 2,26,947 और अबतक कुल केस- 6,04,641: स्त्रोत PIB
  • कोरोना वायरस से ठीक / अस्पताल से छुट्टी / देशांतर मामले: 3,59,860 जबकि मरने वाले मरीजों की संख्या 17,834 पहुंची: स्त्रोत PIB
  • कोविड-19 की रिकवरी दर 59.43% से बेहतर होकर 59.51% हुई; पिछले 24 घंटे में 11,881 मरीज ठीक हुए
  • भारत सरकार ने कोविड-19 परीक्षण से जुड़ी बाधाओं को दूर किया और महामारी की रोकथाम के लिए ' टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट ' की रणनीति पर जोर
  • विश्व स्तरीय यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए रेलवे ने यात्री ट्रेन सेवाओं के परिचालन में निजी भागीदारी के लिए RFQ आमंत्रित किया
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना नवंबर 2020 तक प्रभावी रहेगी
  • 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों के बीच 200 एलएमटी अनाज वितरित किए जाएंगे
  • 9.78 एलएमटी चना भी लगभग 20 करोड़ परिवारों के बीच वितरित किया जाएगा
  • एमएचआरडी: "स्पोकन ट्यूटोरियल" पर छात्रों के लिए विभिन्न तरह के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं. ज्यादा जानकारी के लिए क्लिक करें
  • आत्मनिर्भर पैकेज के अंतर्गत 30.06.2020 तक 62,870 करोड़ रुपये की राशि के 70.32 लाख किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत किए गए हैं

UP उपचुनाव में मायावती का साथ छोड़ते ही रिचार्ज हो कर लौटे अखिलेश.

महाराष्ट्र और हरियाणा के अलावा देश के 17 राज्यों में उपचुनाव हुए थे. इनमें से सर्वाधिक 11 सीटों पर उत्तरप्रदेश में उपचुनाव था जिसमें से 7 सीट भाजपा, 3 सीट सपा और 1 सीट पर भाजपा की सहयोगी अपना दल (सोनेलाल) ने जीत दर्ज की. 

UP उपचुनाव में मायावती का साथ छोड़ते ही रिचार्ज हो कर लौटे अखिलेश.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश  उपचुनाव परिणाम से समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव जरूर खुश हुए होंगे. समाजवादी पार्टी उपचुनाव से पहले दो सीटों पर कब्जा जमाए हुए थी. लेकिन मायावती का साथ छोड़ अकेले उपचुनाव लड़ने वाली सपा ने बसपा को दरकिनार कर उसकी सीट को भी अपने खाते में कर लिया. 

दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन से सपा को कुछ फायदा नहीं हुआ. पार्टी को मात्र 5 सीटों से ही संतोष करना पड़ा. इधर बुआ-बबुआ की जोड़ी भले ही फेल हो गई पर मायावती की पार्टी बसपा को 10 सीटें मिली जिससे वह कुछ संतुष्ट रहीं. अखिलेश यादव ने जिस सूझ-बूझ से कभी धुर-विरोधी रही बसपा से हाथ मिलाया था, वो धरी की धरी रह गई. इस बार उपचुनाव की बारी थी. सपा ने फैसला किया वह अकेले ही चुनावी मैदान में उतरेगी. 2 सीटों को बचाने उतरी सपा ने मायावती की बसपा के सीट को भी जीत लिया. 

बसपा की सीट जीत ले गई सपा 

शुरूआती रूझानों से तो ऐसा लगा था कि जिस भी पार्टी की जितनी सीट है, वह उपचुनाव के बाद ही उतनी ही सीटों पर रहेगा. लेकिन अंतिम क्षणों में जबलपुर की सीट पर सपा उम्मीदवार सुभाष राय ने 790 वोटों से आगे निकलते हुए बसपा की छाया वर्मा को पराजित कर सपा को बढ़त दिला दी. इससे पहले रामपुर की सीट पर सबकी नजरें गड़ी हुई थी जहां से रामपुर सांसद आजम खां की पत्नी तजीन फातिमा की टक्कर भाजपा के भरत भूषण से थी. हालांकि, सपा उम्मीदवार ने अपनी यह सीट भी निकाल ली और सपा की पारंपरिक सीट पर अपना दबदबा कायम रखा.

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर उपचुनाव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा था. भाजपा को यहां न नुकसान हुआ और न ही फायदा.