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तेजबहादुर ने जजपा को बताया भाजपा की बी टीम, छोड़ी पार्टी

जजपा के टिकट पर करनाल से टिकट लड़ने वाले तेजबहादुर ने दुष्यंत चौटाला पर जनता से गद्दारी करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि वह जजपा के खिलाफ आंदोलन छेड़ेंगे. इसी के साथ उन्होंने पार्टी छोड़ दी है. 

तेजबहादुर ने जजपा को बताया भाजपा की बी टीम, छोड़ी पार्टी

चंडीगढ़ः हरियाणा विधानसभा में सीएम-डिप्टी सीएम के ऐलान के बीच भाजपा-जजपा मंथन कर रही हैं. इधर तेजबहादुर ने पार्टी से किनारा कर लिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ ही मैंने जजपा से हाथ मिलाया था और दुष्यंत खुद भाजपा से जाकर मिल गए. उन्होंने चौटाला परिवार के उभरते कद्दावर नेता पर जनता से धोखाधड़ी का आरोप लगाया है. तेजबहादुर ने यह भी कहा है कि अब वह जजपा के खिलाफ आंदोलन भी छेड़ेंगे.

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज बहादुर ने कहा कि मैं भाजपा के खिलाफ ही जजपा में शामिल हुआ था, लेकिन दुष्यंत ने उनके साथ जाकर हाथ मिला लिया. यह सही नहीं हुआ, ऐसा होना नहीं चाहिए था. देवी लाल की सोच पर जनता ने जजपा को वोट दिए थे, लेकिन दुष्यंत ने बिना बुलाए भाजपा को समर्थन देकर प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात किया है. तेज बहादुर ने कहा कि दुष्यंत ने यह साबित कर दिया कि जजपा, भाजपा की बी टीम है. अब वह प्रदेश की खाप पंचायतों के साथ मिलकर दुष्यंत के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे.

करनाल से लड़ा था चुनाव
बीएसएफ से बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ करनाल से चुनाव लड़ा था. इससे पहले वह लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी के सामने वाराणसी सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने पहुंचे थे. हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने उनका नामांकन रद्द कर दिया था. इसके चलते वह चुनाव नहीं लड़ पाए थे. लेकिन अब उन्होंने सीएम खट्टर के सामने ताल ठोक दी थी. जजपा के टिकट पर लड़कर तेजबहादुर यहां तीसरे स्थान पर रहे थे. 

हुआ था कोर्ट मार्शल
हरियाणा में महेंद्रगढ़ के राताकलां गांव के रहने वाले तेज बहादुर सिंह ने बीएसएफ में रहते हुए खराब खाना मिलने की शिकायत दी थी, इसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था. इस मुद्दे को लेकर वह चर्चा में आए थे. तेज बहादुर को बीएसएफ कई बार दंडित कर चुका है. दिल्ली हाईकोर्ट में पेश किए गए एक हलफनामे यह जानकारी दी गई. इसमें कहा गया कि वह कई बार अनुशासनहीनता कर चुका हैं. तेज बहादुर को एक बार बिना इजाजत 13 दिन की छुट्टी जाने पर दंड मिला. उन्हें नशा करने कि लिए दंडित किया गया व साथ ही वरिष्ठ अफसरों को धमकी देने के आरोप में 89 दिनों के लिए उनका कोर्ट मार्शल किया गया था.