पंचायत चुनाव: अंतिम परिणाम सोमवार दोपहर तक, तीन लाख प्रत्याशी चुने गए निर्विरोध

उच्चतम न्यायालय द्वारा पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद वोटों की गिनती का रास्ता साफ हो गया था और रविवार सुबह आठ बजे से 75 जिलों में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू हो गयी. मतपत्रों के जरिये हुए इन चुनावों के नतीजे रविवार से ही आने लगे.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 3, 2021, 08:43 AM IST
  • पंचायत चुनाव की मतगणना कड़े प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है
  • कई जिलों से कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन की खबरें भी मिली हैं
पंचायत चुनाव: अंतिम परिणाम सोमवार दोपहर तक, तीन लाख प्रत्याशी चुने गए निर्विरोध

लखनऊः उत्तर प्रदेश में पंचायत की लाखों सीटों के लिए रविवार को 829 केंद्रों पर मतगणना शुरू हुई और इस प्रक्रिया के पूरा होने में दो दिन का समय लगने की अनुमान है. हालांकि, मतगणना शुरू होने से कुछ समय पहले ही राज्य निर्वाचन आयोग ने करीब तीन प्रत्याशियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया.

राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) के मुताबिक रात साढ़े आठ बजे तक विभिन्न पदों के लिए 1,64,680 उम्‍मीदवारों को निर्वाचित घोषित कर दिया गया.

राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा रविवार को जारी बयान के अनुसार रात साढ़े आठ बजे तक प्रदेश के सभी जिलों से मिली सूचना के अनुसार ग्राम पंचायत सदस्य पद के 1,12,358 उम्मीदवार, ग्राम पंचायत प्रधान के पद पर 16,510 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर 35,812 उम्मीदवार निर्वाचित घोषित कर दिये गये. जिला पंचायत सदस्य के पद पर अभी तक कोई परिणाम नहीं आया.

सोमवार दोपहर तक अंतिम परिणाम
आयोग के बयान के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन 2021 के विभिन्न पदों के उम्मीदवारों की मतगणना जारी है और सोमवार दोपहर बाद अंतिम परिणाम आने की संभावना है. जिलों से मिली सूचना के अनुसार मतगणना शांतिपूर्ण ढंग से जारी है.
वहीं कन्नौज के छिबरामऊ तहसील में आठ पोलिंग एजेंटों को रैपिड एंटीजन जांच में कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर वापस कर दिया गया. इस बीच, कानपुर नगर जिले के 10 ब्लॉक में रविवार को की गई जांच में 61 मतगणना एजेंटों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. रविवार को करीब दो हजार मतगणना एजेंटों की कोविड-19 जांच की गई.

रविवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई मतगणना
उच्चतम न्यायालय द्वारा पंचायत चुनाव की मतगणना पर रोक लगाने से इनकार करने के बाद वोटों की गिनती का रास्ता साफ हो गया था और रविवार सुबह आठ बजे से 75 जिलों में चार चरणों में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना शुरू हो गयी. मतपत्रों के जरिये हुए इन चुनावों के नतीजे रविवार से ही आने लगे.

राज्‍य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के सभी 75 जिलों की मतगणना में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के लिए कुल 12, 89, 830 उम्मीदवारों की तकदीर का फैसला हो रहा है.

मतगणना से ठीक पहले एक उम्मीदवार की मौत
आयोग के अनुसार, जिला पंचायत सदस्य के सात, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2,005, ग्राम पंचायत प्रधान के 178 और ग्राम पंचायत सदस्य के 3,17,127 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं. इस प्रकार राज्य में चारों चरणों के चुनाव क्षेत्रों से कुल 3,19, 317 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किये जा चुके हैं. बलिया जिले में पंचायत चुनाव की मतगणना के ठीक पहले एक ग्राम प्रधान उम्मीदवार की मौत हो गई .

मनियर थाना क्षेत्र के विकास खंड मनियर की ग्राम पंचायत रामपुर के प्रधान पद प्रत्याशी शैलेश सिंह (45) की मौत रविवार सुबह हो गई. परिजनों के अनुसार शैलेश सिंह की तबीयत अचानक खराब हो गयी. परिजन उन्हें स्थानीय चिकित्सक के पास ले गये, जहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया.

कोविड प्रोटोकॉल में हो रही मतगणना
आयोग के अनुसार कोविड-19 महामारी के मद्देनजर पंचायत चुनाव की मतगणना कड़े प्रोटोकॉल के तहत की जा रही है. राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त मनोज कुमार ने सभी जिलाधिकारियों और जिला निर्वाचन अधिकारियों को हर मतगणना केंद्र पर चिकित्सा सहायता डेस्क खोलने के आदेश दिए थे और साथ ही स्पष्ट कहा था कि कोविड-19 के लक्षण होने पर मतगणना स्थल पर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

उन्होंने निर्देश दिया था “ मतगणना कक्ष या परिसर में प्रवेश के समय सभी व्यक्तियों की थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य रूप से की जाएगी. आयोग ने विजय जुलूस पर प्रतिबंध लगाया है और किसी भी प्रत्याशी को विजय जुलूस की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रत्याशियों और अभिकर्ताओं को आरटीपीसीआर अथवा रैपिड एंटीजन जांच की निगेटिव रिपोर्ट दिखाये जाने के बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. मतगणना केंद्र पर जाने वाले सभी लोगों को मास्क लगाना जरूरी किया गया है. ”

बड़े राजनीतिक दलों के प्रत्याशी भी मैदान में
पंचायत चुनाव में भाजपा, सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन जैसी राजनीतिक पार्टियों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं. हालांकि इन पार्टियों के उम्मीदवार पार्टी के चुनाव निशान पर नहीं, बल्कि आयोग द्वारा दिए गए व्यक्तिगत चुनाव चिह्नों पर मैदान में उतरे हैं.

उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए मत डाले गए थे. पहले चरण में 15 अप्रैल, दूसरे में 19 अप्रैल, तीसरे में 26 अप्रैल और चौथे चरण में 29 अप्रैल को मतदान हुआ था.

राज्‍य में चारों चरणों में ग्राम पंचायत प्रधान के 58,194, ग्राम पंचायत सदस्य के 7,31,813, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 75,808 तथा जिला पंचायत सदस्य के 3,051 पदों के लिए मत डाले गये हैं.
उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों के लिये होने वाली मतगणना पर रोक लगाने से शनिवार को इनकार कर दिया था.

कोर्ट ने मतगणना पर रोक से किया था इन्कार
न्यायालय में अवकाश के दिन विशेष अत्यावश्यक सुनवाई में न्यायमूर्ति ए. एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि राज्य भर में मतगणना केंद्रों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराने की जिम्मेदारी राजपत्रित अधिकारियों को दी जाए.
शीर्ष अदालत ने यह निर्देश एक याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें देश भर में महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए मतगणना के दौरान कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कराने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था.

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कई जिलों में कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन की खबरें 
पीठ ने कहा कि सरकारी अधिकारी, उम्मीदवार और उनके एजेंट को मतगणना केंद्रों में प्रवेश करने से पहले आरटी-पीसीआर जांच की रिपोर्ट दिखानी होगी कि वे कोविड-19 से पीड़ित नहीं हैं.
याचिकाकर्ता सचिन यादव की तरफ से पेश वकील शोएब आलम ने सुनवाई के दौरान कहा कि लाखों उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है.

उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण को देखते हुए मतगणना केंद्रों पर बड़ी संख्या में चुनाव अधिकारियों और मतगणना एजेंटों की भीड़ से बचा जाना चाहिए.
यादव ने राज्य में पंचायत चुनाव कराने की अनुमति देने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी.
हालांकि इस बीच कई जिलों से कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन की खबरें मिली हैं.

बस्ती में प्रोटोकॉल का उल्लंघन
बस्ती से मिली खबर के अनुसार मतगणना परिसर में कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है और मौजूद पुलिस तमाशबीन बनी हुई है.

जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि मतगणना स्थल पर सभी कर्मचारी आ गए हैं और यहां लगातार लोगों को सलाह दी जा रही है कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें, अगर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है तो तत्काल इसे कराएं.

कन्नौज में 6 अभिकर्ताओं में पाया गया बुखार
कन्नौज जिले में मतगणना स्थल पर गेट के भीतर जाने से पहले थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई थी. कन्नौज नवीन मंडी स्थल मतगणना केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मी नीलम यादव के मुताबिक एक अभिकर्ता थर्मल स्कैनिंग के दौरान बुखार से पीड़ित पाया गया. तहसीलदार छिबरामऊ अभिमन्यु कुमार ने बताया कि छिबरामऊ मंडी समिति परिसर के मतगणना केंद्र पर थर्मल स्कैनिंग के दौरान नौ अभिकर्ताओं को बुखार पाया गया.

एटा में मतगणना स्थल पर मारपीट
एटा जिले के थाना कोतवाली नगर के ब्लाक शीतलपुर क्षेत्र स्थित मतगणना स्थल रोहन लाल चतुर्वेदी इंटर कॉलेज में मतगणना शुरू होने के दूसरे राउंड में मतगणना स्थल के अंदर आगे खड़े होने को लेकर विवाद हो गया और मतगणना केंद्र के अंदर ही दोनों पक्षों में मारपीट हो गयी. मारपीट होते ही वहां तैनात पुलिस बल सक्रिय हो गया और झगड़ रहे दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में लिया.

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'25 मई तक समाप्त हो पंचायत चुनाव'
क्षेत्राधिकारी नगर राजकुमार सिंह ने बताया की मतगणना स्थल में मतगणना के दौरान आगे खड़े होने को लेकर दो पक्षों के समर्थकों में विवाद हो गया और दोनों पक्ष एक दूसरे से भिड़ गए पुलिस ने दोनों पक्षों के पांच लोगों को हिरासत में लेकर थाने भेजा है.
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार से पंचायत चुनाव प्रक्रिया 25 मई तक समाप्त करने को कहा था.

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