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इस दिवाली किसकी आतिशबाजी? कौन हारेगा दांव, कौन मारेगा बाजी?

देश के दो राज्यों में सूबे की कमान सौंपने के लिए जनता ने वोटिंग करनी शुरू कर दी है. महाराष्ट्र और हरियाणा में कशमकश के बीच सियासी युद्ध के अग्निपरीक्षा की घड़ी आ गई है. इसे मोदी सरकार की दूसरी पारी का पहला टेस्ट भी माना जा रहा है.

इस दिवाली किसकी आतिशबाजी? कौन हारेगा दांव, कौन मारेगा बाजी?

नई दिल्ली: महाराष्ट्र और हरियाणा में आज विधानसभा चुनाव की वोटिंग शुरू हो चुकी है. चुनाव के लिए प्रशासन और अधिकारियों ने पुख्ता इंतजाम किया है. सोमवार सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है. और सभी बूथ पर वोट डाले जा रहे हैं. मतदान को लेकर राज्य में करीब दो लाख पुलिसवालों और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है. इसके अलावा ड्रोन कैमरे और हेलीकॉप्टर के जरिए संवेदनशील मतदान केंद्रों पर नजर रखी जा रही है.

महाराष्ट्र का महामुकाबला

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ बीजेपी-शिवसेना गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में है और विपक्षी कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन सत्ता में लौटने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं. 288 सीटों के लिए चुनावी मैदान में 3 हजार 237 उम्मीदवार अपना किस्मत आजमा रहे हैं.

क्या है चुनावी गणित?

सूबे में पिछले पांच साल से देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री हैं. भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना में काफी सियासी उठापटक के बाद समझौता तो हो गया, लेकिन महाराष्ट्र की जमीन पर ऐसा पहली बार देखा जा रहा है कि किसी विधानसभा चुनाव में भाजपा शिवसेना के बड़े भाई का किरदार निभा रही है. इससे पहले हर बार शिवसेना ने ही बिग ब्रदर को रोल निभाया है. लेकिन धीरे-धीरे भाजपा बढ़ती गई और 2014 में पहली बार दोनों पार्टियों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा. इसका खामियाजा शिवसेना को भुगतना पड़ा. उस चुनाव के नतीजों में बीजेपी ने कुल 122 सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया था. लंबे वक्त तक उसकी साथी रही शिवसेना के खाते में सिर्फ 63 सीट गए थे. इसी के साथ महाराष्ट्र में बड़े भाई और छोटे भाई की अदला-बदली हो गई. जिसका नजारा लोससभा चुनाव में भी देखने को मिला थ. अब विधानसभा के चुनाव में भी यह तस्वीर दिखाई दे रही है.

हरियाणा का कड़ा मुकाबला

हरियाणा में 90 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव के लिए भी आज मतदान डाले जा रहे हैं. यहां मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. हरियाणा में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. 40 हजार से ज्यादा पुलिस वाले और सुरक्षाकर्मियों की चप्पे-चप्पे पर तैनाती की गई है. हरियाणा की 90 सीटों पर कुल 1169 प्रत्याशी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें महिलाओं की संख्या 104 है. आपको बता दें, यहां बीजेपी और कांग्रेस सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ रही है.

क्या है चुनावी गणित?

हरियाणा में इस वक्त भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और मनोहर लाल खट्टर सूबे की कमान संभाल रहे हैं. साल 2009 में जब चुनावी परिणाम आए थे तो वो दौर भाजपा के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था. 90 सीट के लिए हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा की झोली में महज 4 सीट गए थे. जबकि 2014 में बीजेपी ने शानदार कमबैक करते हुए सीधे 43 सीटों की छलांग मारी. यानी 5 साल बाद भाजपा को 47 सीटों पर जीत मिली, जिे जादुई जीत करार दिया जाने लगा. फिलहाल भाजपा-कांग्रेस दोनों एक बार फिर आमने सामने हैं. ऐस में ये देखने वाली बात होगी इस चुनाव के बाद आने वाले नतीजों में किसकी दिवाली आतिवाबाजी वाली होगी और किसी खाली-खाली होगी?

NCP की चुनाव आयोग से मांग

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए आज वोटिंग चल रही है. इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने रविवार को चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर सभी पोलिंग बूथों और स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास 3 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाएं बंद करने की मांग की है. एनसीपी ने चुनाव आयोग से मांग करते हुए कहा कि 21 से 24 अक्टूबर को पोलिंग बूथ और स्ट्रॉन्ग रूम के 3 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाओं को रोकने का आदेश जारी किया जाए. महाराष्ट्र के बीड में अपनी बहन और प्रदेश सरकार में मंत्री पंकजा मुंडे के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ रहे एनसीपी उम्मीदवार धनंजय मुंडे ने ईवीएम हैक होने की आशंका जताई है. सूत्रों के मुताबिक उन्होंने इसे रोकने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर मोबाइल नेटवर्क जैमर लगाने का अनुरोध किया. धनंजय ने रविवार को कहा था कि मोबाइल नेटवर्क या वाई-फाई का प्रयोग कर ईवीएम को हैक किया जा सकता है. ऐसे में जैमर के अलावा स्ट्रॉन्ग रूम के इलाके में मौजूद सभी मोबाइल टावर भी बंद कराए जाएं. हालांकि विपक्षी पार्टी लंबे वक्त से चुनाव आते ही ऐसी मांग करना शुरू कर देती है.