बंगाल के हर व्यक्ति के सिर पर है 50 हजार से ज्यादा का कर्ज, भाजपा ने बनाया चुनावी मुद्दा

भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कर्ज को बड़ा मुद्दा बना लिया है. भाजपा का आरोप है कि बंगाल 4.75 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा है.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Mar 14, 2021, 07:28 PM IST
  • पश्चिम बंगाल का हर व्यक्ति पर 50 हजार से अधिक का कर्ज!
  • BJP ने कर्ज को बनाया विधानसभा चुनाव में बड़ा मुद्दा
बंगाल के हर व्यक्ति के सिर पर है 50 हजार से ज्यादा का कर्ज, भाजपा ने बनाया चुनावी मुद्दा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एक नया मुद्दा खोज निकाला है. मुद्दा लगातार कर्ज में डूबते बंगाल का है, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पिछले दस साल के शासनकाल में बंगाल पर कुल 4.75 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो जाने के मुद्दे को भाजपा जनता के बीच ले जाने में जुटी है.

हर व्यक्ति पर 50 हजार से ज्यादा कर्ज

अगर आंकड़ों की बात करें तो 2011 में हुई मतगणना के अनुसार पश्चिम बंगाल की जनसंख्या 9 करोड़ 12 लाख 76 हजार 115 है. ऐसे में 4.75 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को पश्चिम बंगाल के प्रति व्यक्ति में बांटेंगे तो तकरीबन 52 हजार से अधिक की राशि प्रति व्यक्ति पर आएगी. ऐसे में अगर अनुमान लगाए तो बंगाल के हर व्यक्ति पर 52 हजार से अधिक का कर्ज है.

भाजपा बता रही है कि किस तरह से ममता बनर्जी के राज में अर्थव्यवस्था गिरती जा रही है और राज्य कर्ज के जाल में फंसता चला जा रहा है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और दार्जिलिंग से लोकसभा सांसद राजू बिष्ट ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, जब वर्ष 2011 में पश्चिम बंगाल की सत्ता से लेफ्ट को हटाकर ममता बनर्जी ने बागडोर संभाली तब राज्य पर 1.90 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. लेकिन, ममता बनर्जी सरकार की गलत नीतियों के कारण कर्ज दोगुना से ज्यादा हो गया है. आज दस साल में पश्चिम बंगाल कुल 4.75 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूब चुका है. बंगाल की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है.

भाजपा ने चुनाव में उठाया बड़ा सवाल

कभी कल-कारखानों के लिए चर्चित रहे पश्चिम बंगाल की हालत आज निवेश के मोर्चे पर कमजोर होने को भी भाजपा ने मुद्दा बनाया है. भाजपा के नेता ममता बनर्जी शासनकाल में विभिन्न उद्योग घरानों के बीच हुए 15 लाख करोड़ के एमओयू पर सवाल उठा रहे हैं.

भाजपा सांसद राजू बिष्ट आरोप लगाते हैं कि इनवेस्टर्स समिट के नाम पर बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता के करोड़ों रुपये उद्योगपतियों की आवगभगत में लुटाए, जनता को बरगलाने के लिए 15 करोड़ के एमओयू पर साइन होने की बातें कहीं गईं, लेकिन फूटी कौड़ी का निवेश नहीं हुआ. आज चाय बगानों की हालत खस्ता हो गई है. कई चाय बगान बंद हो गए हैं, सबसे महंगी बिजली बंगाल में होने के कारण भी पूंजीपति यहां उद्योग लगाने से कतराते हैं.

भारतीय जनता पार्टी पूरे चुनाव में कर्ज में डूबते बंगाल और 15 लाख करोड़ के एमओयू साइन होने के बावजूद निवेश न होने को बड़ा मुद्दा बनाते हुए जनता के बीच अभियान चलाने में जुटी है. भाजपा का मानना है कि चुनाव में सतही आरोपों की जगह जनता के बीच तथ्यों के साथ जाकर ममता बनर्जी सरकार की घेराबंदी कहीं ज्यादा असरदार है.

ममता का एक्शन, इमोशन, प्रमोशन!

'मुझे अभी भी दर्द, डॉक्टर ने आराम को कहा है'
'मेरे शरीर के दर्द से गणतंत्र का दर्द ज्यादा बड़ा'
'मुझे अभी भी बहुत दर्द है, लेकिन मैं रुकूंगी नहीं'
'मैंने अपनी पूरी जिंदगी में ऐसी कई चोटें झेली हैं'
'मैं बेड रेस्ट करूंगी तो कुछ लोग सफल हो जाएंगे'
'बंगाल के दर्द के सामने मेरा दर्द कुछ भी नहीं है'
'व्हीलचेयर से पूरे पश्चिम बंगाल में प्रचार करूंगी'
'मैं अपने टूटे पैर से बंगाल के चप्पे-चप्पे जाऊंगी'
'साधारण बाघ से घायल बाघ ज्यादा खतरनाक'
'मेरा चुनाव कैंपेन रुकने वाला नहीं है, खेला होबे'

चुनाव में ममता का इमोशनल कार्ड

पश्चिम बंगाल के चुनाव में एक्शन, इमोशन, प्रमोशन और कथित ड्रामे की चर्चा तेज हो गई है. नंदीग्राम में घायल हुईं ममता बनर्जी रविवार को फिर से मैदान में आ गईं. भरपूर इमोशन और प्रमोशन के साथ ममता व्हीलचेयर पर पब्लिक के सामने आईं. दीदी ने कोलकाता में भतीजे अभिषेक बनर्जी के लिये व्हीलचेयर पर 5 किलोमीटर का रोड शो किया. बीजेपी के लिये बड़ा डायलॉग भी दिया.

ममता की चोट पर सच्ची रिपोर्ट 

- ममता बनर्जी पर कोई हमला नहीं हुआ
- ममता बनर्जी को चोट लगना हादसा था
- सुरक्षा चूक के कारण ममता को चोट आई
- सुरक्षा अफसरों ने जिम्मेदारी नहीं निभाई
- सुरक्षा में कोताही पर 3 अफसर जिम्मेदारी
- DM, SP और सुरक्षा निदेशक जिम्मेदार
- प्रचार में बुलेटप्रूफ गाड़ी न होना भी गलती
(चुनाव आयोग)

डायलॉग ये कि 'साधारण बाघ से घायल बाघ ज्यादा खतरनाक होता है.' जिस वक्त ममता व्हीलचेयर पर टूटे पैर के साथ राजनीतिक प्रमोशन कर रही थीं. उस वक्त चुनाव आयोग की रिपोर्ट आ गई. रिपोर्ट ये कि ममता पर कोई हमला नहीं हुआ था. यानी जिस साजिश की बात उन्होंने कही थी, उसमें कोई दम नहीं है. अब बीजेपी नेताओं ने बोलना शुरू कर दिया है.

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