बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बिखर जाएगा महागठबंधन?

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन में दरार का दौर शुरू हो गया है. आज शरद यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस और आरजेडी शामिल नहीं हुई. तो क्या चुनाव से पहले बिखर जाएगा महागठबंधन?

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले बिखर जाएगा महागठबंधन?

पटना: बिहार चुनाव को लेकर सूबे की सियासत में खलबली तेज हो गई है. ऐसा लगने लगा है कि बिहार के महागठबंधन के अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. आज महागठबंधन के घटक दलों के नेता उपेंद्र कुशवाहा, मुकेश सहनी, जीतनराम मांझी ने शरद यादव के साथ बैठक की. लेकिन इस बैठक को आरजेडी ने महागठबंधन की बैठक मानने से इनकार कर दिया.

तो क्या बिहार में होगी अरविंद की सेने AAP की एंट्री?

इस बैठक के बाद क्या नतीजा निकाला? इसकी जानकारी तो साझा नहीं की गई. लेकिन, अंदर खाने से जो खबरें आ रही हैं. उनकी माने तो सहयोगी दल कोऑर्डिनेशन कमिटी की मांग कर रहे हैं. और चाह रहे हैं कि महागठबंधन का कोई नेता घोषित हो. लेकिन इस मसले पर आरजेडी के तेवर से सभी के हौसले पस्त हैं. तो क्या शरद यादव के माध्यम से ये मैसेज लालू यादव और सोनिया गांधी तक पहुंचाने की कोशिश हो रही है.

शरद यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेताओं की बैठक से आरजेडी-कांग्रेस ने दूरी बनाई. दरअसल, बिहार के महागठबंधन में आम आदमी पार्टी (AAP) को लाने पर चर्चा हुई. जानकारी ये भी सामने आ रही है कि शरद यादव शनिवार को रिम्स में लालू यादव से मुलाकात करेंगे.

बिन RJD-कांग्रेस कैसा महागठबंधन?

आरजेडी ने कहा कि महागठबंधन की कोई बैठक नहीं हुई है और आरजेडी किसी तरह का कॉम्प्रोमाइज नहीं करेगी. RJD ने अपना स्टैंड क्लीयर करते हुए ये साफ कर दिया है कि महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ही होंगे.

जहां इस बैठक से कांग्रेस और आरजेडी दोनों ने ही दूरी बनाई, तो वहीं शारद यादव ने मनीष सिसोदिया से बात की और महागठबंधन में आप को शामिल करने पर चर्चा की. विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे और मुख्यमंत्री के चहरे के साथ ही शारद यादव के राज्यसभा में जाने को लेकर भी चर्चा हुई. शारद यादव ने कहा कि महागठबंधन में मुख्यमंत्री का चेहरा मैं नहीं हूं, बल्कि मैं दिल्ली की राजनीति करता हूं. 

मांझी ने बार-बार तेजस्वी को हल्के में लिया

महागठबंधन की पार्टियां लगतार तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विधानसभा का चुनाव लड़ने से बचते दिख रही हैं. मांझी ने तो कई बार साफ तौर पर तेजस्वी यादव के अनुभव पर भी सवाल उठाया है. शरद यादव के नेतृत्व में महागठबंधन के नेताओं के बैठक पर आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि महागठबंधन की बैठक नहीं हुई है, शरद यादव ने बैठक किया है.

RJD नेता ने सीधे तौर पर ये रहा कि "महागठबंधन की बैठक बिना राष्ट्रीय जनता दल के और बिना तेजस्वी यादव के कोई कल्पना कैसे कर सकता है. यह महागठबंधन की बैठक नहीं है अनौपचारिक रूप से लोग शरद यादव से मुलाकात किये है. जो लोग कयास लगा रहे हैं तो आरजेडी स्पष्ट करती है कि किसी को कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए और ना ही आरजेडी कंप्रोमाइज करने जा रहा है तेजस्वी यादव महागठबंधन के मुख्यमंत्री के उम्मीदवार होंगे."

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साफ है कि बिहार की राजनीति में महागठबंधन के बीच दो फाड़ होता दिख रहा है. एक पक्ष सीएम के उम्मीदवार के रूप में लालू के छोटे लाल तेजस्वी यादव को देख रहे हैं, तो वहीं एक पक्ष इसका विरोध कर रहा है.

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