रजत शर्मा के बाद डीडीसीए के चार और अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

डीडीसीए के बाकी निदेशकों ने प्रस्ताव पास करके उनकी शक्तियां छीन ली थीं. ऐसे में उनका काम ज्यादा रह नहीं गया था. इसी बात को ध्यान में रहकर शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया.  रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रहते दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी भी मिली थी और नाम बदला गया था.

रजत शर्मा के बाद डीडीसीए के चार और अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

नई दिल्लीः डीडीसीए के अध्यक्ष पद पर काबिज पत्रकार रजत शर्मा ने इस पद से इस्तीफा दे दिया. शनिवार सुबह रजत शर्मा ने यह कहते हुए अपने इस पद से इस्तीफा दे दिया था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी ईमानदारी से समझौता नहीं करेंगे. पत्रकार रजत शर्मा को पिछले साल जुलाई 2018 में डीडीसीए का अध्यक्ष चुना गया था. इस रेस में रजत शर्मा ने पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को पीछे छोड़ा था. उनके इस्तीफे के कुछ देर बाद ही सीएसी सदस्य सुनील वाल्सन, सीईओ रविकांत चोपड़ा, सीएफओ प्रेम वैश और यशपाल शर्मा ने भी अपना पद छोड़ दिया है.

कहा जा रहा है कि डीडीसीए के बाकी निदेशकों ने प्रस्ताव पास करके उनकी शक्तियां छीन ली थीं. ऐसे में उनका काम ज्यादा रह नहीं गया था. इसी बात को ध्यान में रहकर शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. रजत शर्मा के इस्तीफे की जानकारी डीडीसीए के ट्विटर अकाउंट से दी गई है. सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की जानकारी दी. उन्होंने कहा के उनके लिए अपने सिद्धातों, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करते हुए डीडीसीए का काम करना संभव नहीं हो रहा है इसलिए वे पद छोड़ रहे हैं. रजत ने कहा कि वे किसी भी तरह का समझौता करना नहीं चाहते हैं.  

ट्वीट कर दी जानकारी
डीडीसीए ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'रजत शर्मा ने डीडीसीए के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे को एपेक्स काउंसिल को भेज दिया गया है. वहीं, शर्मा ने ट्वीट कर लिखा, प्रिय सदस्यों जबसे आपने मुझे डीडीसीए का अध्यक्ष चुना है मैं समय समय पर आपको अपने काम के बारे में जानकारी देता रहा हूं. मैंने डीडीसीए को बेहतर बनाने के लिए, प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाये उसके बारे में आपको बताया. आपसे किए गए वादों के पूरा होने की जानकारी दी. 

फिरोजशाह कोटला को अरुण जेटली स्टेडियम करने का दिया था प्रस्ताव
जुलाई 2018 को डीडीसीए के चुनावों में रजत ने 4.40 प्रतिशत वोट हासिल करते हुए ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. रजत शर्मा को डीडीसीए के पूर्व अध्यक्ष स्नेह बंसल और डीडीसीए के पूर्व पदाधिकारी एवं वर्तमान में भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा का समर्थन था. शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी पूर्व क्रिकेटर मदनलाल को हराया था. 

मदनलाल के गुट को सीके खन्ना और चेतन चौहान के समर्थकों का समर्थन हासिल था. मदनलाल के अलावा वकील विकास सिंह भी अध्यक्ष पद के दावेदार थे. रजत शर्मा ने डीडीसीए अध्यक्ष रहते दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम फिरोजशाह कोटला का नाम बदलकर अरुण जेटली स्टेडियम रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी भी मिली थी और नाम बदला गया था.

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