बिहार पुलिस की जांच में अड़ंगा लगाने के बाद मुंबई पुलिस ने कौन सी दलीलें दी?

सुशांत सिंह राजपूत की मौत की गुत्थी को सुलझाने के लिए बिहार पुलिस की जांच में मुंबई पुलिस लगातार अड़ंगा लगा रही है. अब जब हर तरफ मुंबई पुलिस और उद्धव सरकार की थू-थू हो रही है, तो अब दलीलें भी सामने आने लगी हैं..

बिहार पुलिस की जांच में अड़ंगा लगाने के बाद मुंबई पुलिस ने कौन सी दलीलें दी?

नई दिल्ली: एक तरफ बिहार की विधानसभा में सुशांत सिंह राजपूत की मौत को उनके भाई और बीजेपी विधायक हत्या बताकर इंसाफ की मांग कर रहे हैं. एक तरफ चार बहनें रक्षाबंधन के दिन अपने भाई को याद करके आंसू बहा रही है. वहीं दूसरी तरफ सुशांत सिंह राजपूत मामले में जांच करने गए पटना के एसपी विनय तिवारी को मुंबई में क्वारंटीन कर दिया गया है. ऐसे में सवाल खड़े किए जाने लगे हैं..क्या बिहार पुलिस की जांच में बाधा डालने की कोशिश हो रही है.

महाराष्ट्र पुलिस की करतूत बिल्कुल गलत

मुंबई में बिहार पुलिस की जांच टीम का नेतृत्व करने के लिए पटना सिटी एसपी विनय तिवारी रविवार शाम मुंबई पहुंचे और फिर उन्हें बीएमसी की ओर से क्वारंटीन किया गया, एसपी विनय तिवारी का कहना है उन्हें क्वारंटीन करने से जांच प्रभावित होगी. लेकिन बीएमसी की ओर से कोरोना की गाइडलाइन की बात कही जा रही है. इस घटना के बाद मामला बिहार वर्सेस महाराष्ट्र होता दिखाई दे रहा है, क्योंकि बिहार सरकार ने इसे पूरी तरह से गलत बताया है.

सवाल ये भी उठ रहा इससे पहले जब बिहार से पुलिस अधिकारी जांच करने मुंबई आए तो उन्हें क्वारंटीन नहीं किया गया. तो अब पटना के एसपी को क्वारंटीन क्यों किया गया?

सुशांत केस में उद्धव सरकार ने पेश की दलीलें

अब खबर मिल रही है बीएमसी बिहार पुलिस के बाकी अधिकारियों को भी तलाश कर रही है. इस बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी सफाई दी है कि सुशांत सिंह राजपूत केस में किसी को बचाने की कोशिश नहीं की जा रही है.

महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री शंभूराजे देसाई ने कहा कि "महाराष्ट्र के गृह राज्यमंत्री ने कहा बिहार पुलिस अफसर को बीएमसी ने क्वैरंटीइन किया है ना कि महाराष्ट्र सरकार ने, इसमें क्वारंटीन नियम लागू किया गया है. मुंबई पुलिस सुशांत सिंह केस को जांच कर रही सरकार किसी को नहीं बचा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा."

बिहार पुलिस ने ऐसे रवैये का किया खुलकर विरोध

महाराष्ट्र की सरकार कुछ भी कहे, लेकिन बिहार की सरकार से लेकर पुलिस तक कोई भी महाराष्ट्र में बिहार सरकार के साथ किए जा रहे सुलूक से खुश नहीं है. बिहार के डीजीपी ने एलान किया है इस मामले में बीएमसी को प्रोटेस्ट लेटर भेजा जाएगा.

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने कहा है कि "बिहार पुलिस bmc कमिश्नर को भेजेगी प्रोटेस्ट लेटर, Ig पटना भेजेंगे प्रोटेस्ट लेटर. हमने केंद्र सरकार के क्वारंटीन गाइडलाइन को पढ़ा है. उसके मुताबिक हमारे अधिकरी ने कही भी नियम का उल्लंघन नही किया है. हमारे अधिकारी सूचना देकर गए हैं. हमारे अधिकरी को क्वारंटीन करने के कारण हमारी जांच प्रभावित हुई है."

मुंबई पुलिस के कमिश्नर ने दी सफाई

सुशांत के पिता केके सिंह के पटना में रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर कराने के बाद बिहार पुलिस मामले की जांच करने मुंबई पहुंची है. इस पर मुंबई के पुलिस कमिश्नर ने सफाई देते हुए बिहार पुलिस के मामले की जांच करने पर ही सवाल खडे कर दिए.

मुंबई पुलिस के पुलिस कमिश्नर करमबीर सिंह ने कहा है कि "गुनाह अगर आपके जुरिडिक्शन के बाहर का है तो हमारी जानकारी के मुताबिक ज़ीरो एफआईआर दर्ज कर जिसका जुरिसडिक्शन है केस उसे ट्रांसफर किया जाता है. हमारे हिसाब से यही प्रोसीजर है."

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सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार ने बिहार पुलिस के मामले की जांच करने पर जो कानूनी राय मांगी थी. वो भी उसे मिल गई है. इस राय में कहा गया है कि बिहार पुलिस को मुंबई में जांच का अधिकार नहीं है. अब महारा​ष्ट्र पुलिस जांच के लिए बिहार पुलिस को सुशांत केस से जुड़े डॉक्यूमेंट नहीं देगी. सुशांत सिंह राजपूत केस में बिहार और महाराष्ट्र सरकार आमने सामने हैं. ऐसे में मुंबई पुलिस अगर जांच में सहयोग से इनकार कर देती है तो ये विवाद और बढ़ सकता है.

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