झारखंड चुनाव: महागठबंधन पर है सीटें बचाने की चुनौती

झारखंड चुनाव कहीं एक तरफ़ा न हो जाए, कम से कम महागठबंधन की अंदरूनी हालत तो यही बता रही है..  

झारखंड चुनाव: महागठबंधन पर है सीटें बचाने की चुनौती

रांची. ऐसा नहीं है कि प्रदेश विधानसभा में सारा दबाव बीजेपी पर है, यहां महागठबंधन पर दबाव कहीं अधिक नज़र आ रहा है. बीजेपी ने अपनी कोशिशों में अपने डर को सामने आने नहीं दिया और वह सीटें बढ़ाने का लक्ष्य ले कर चल रही है जबकि महागठबंधन अपनी सीटें बचाने की कोशिशों में लगा हुआ है. 

जेएमएम जूझ रहा है आंतरिक कलह से 

महागठबंधन बीजेपी को शिकस्त देने के लिए बना था जिसका नेतृत्व जेएमएम ने अपने कंधों पर लिया था. लेकिन चुनाव में पार्टी की सीटों पर बंदर-बाँट ने उसके लिए समस्या पैदा कर दी है. बाहर घोषित बागियों से अधिक मुश्किल पार्टी के अंदर सर उठा रहे अघोषित बागी हैं. ये बागी छह सीटों पर जेएमएम को नुकसान पहुंचा सकते हैं. 

पांचवें चरण में  आज है निर्णायक मुकाबला 

झारखंड प्रदेश विधानसभा के पांचवें चरण के लिए आज होने वाले मतदान निर्णायक सिद्ध हो सकते हैं. खासकर प्रतिष्ठा के संकट से जूझ रहे जेएमएम के लिए आज का दिन भारी पड़ सकता है. आज होने वाला मतदान 16 सीटों पर चुनावी गणित की तस्वीर साफ़ कर देगा जो कि जेएमएम के लिए ही नहीं उसके महागठबंधन के लिए भी संकट पैदा कर सकता है. 

6 सीटों पर बिगड़ सकता है खेल 

आज की सोलह सीटों में कुल छह सीटें ऐसी हैं जो दोनों पक्षों के लिए परेशानी का सबब बन सकती हैं. चाहे वो बीजेपी हो या उसका विरोधी महागठबंधन इन छह सीटों से दोनों तरफ ही असंतुलन पैदा हो सकता है क्योंकि ये सीटें हैं बागी प्रत्याशियों की.

दोनों तरफ चुनौती बने हुए हैं ये बागी

बीजेपी और झारखंड विधानसभा चुनाव में उसके सामने खड़ा महागठबंधन दोनों ही बागियों की चुनौती से जूझ रहे हैं. सोलह सीटों पर ये छह बागी लगभग एक तिहाई की बड़ी संख्या में चुनौती दे रहे हैं. अगर ये बागी चुनाव जीत जाते हैं तो फिर राज्य सरकार के लिए वे बहुत महत्वपूर्ण हो सकते हैं.