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पाक की यूएन में उड़ी धज्जियां, 2014 में पीएम मोदी ने पाक को दी थी ये नसीहत

2014 में पहली बार सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान की तरफ भी दोस्ती का हाथ बढ़ाया था लेकिन उसने ये मौका गंवा दिया. उन्होंने यूएन से पाकिस्तान पर हमला भी बोला था.

पाक की यूएन में उड़ी धज्जियां, 2014 में पीएम मोदी ने पाक को दी थी ये नसीहत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच पर जब बोलेंगे तो वो सिर्फ भाषण नहीं होगा. वो आतंक के खिलाफ एक ऐसा युद्धाघोष होगा जिसकी गर्जना से पाकिस्तान अभी से कांप रहा है. क्योंकि पाकिस्तान भी जानता है कि मोदी आतंकवाद को मिटाने का संकल्प ले चुके हैं और वो आतंक पर जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी यूएन के अपने भाषण में आतंकवाद पर प्रहार करेंगे.

शुक्रवार को पीएम मोदी जब भाषण देंगे तो पाकिस्तान के पीएम इमरान खान की बोलती बंद होनी तय है. क्योंकि आतंकवाद पर अड़ियल रूख अपना चुके पाकिस्तान को समझाने की भारत की हर कोशिश अब तक नाकाम हुई है. 2014 में पहली बार सत्ता संभालने के बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान की तरफ भी दोस्ती का हाथ बढ़ाया था लेकिन उसने ये मौका गंवा दिया.

ठीक 5 साल पहले यानी 27 सितंबर, 2014 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, 'हमारा भविष्य हमारे पड़ोस से जुड़ा हुआ है. इसी कारण मेरी सरकार ने पहले ही दिन से पड़ोसी देशों से मित्रता और सहयोग बढ़ाने पर पूरी प्राथमिकता दी है. और पाकिस्तान के प्रति भी मेरी यही नीति है. मैं पाकिस्तान से मित्रता और सहयोग बढ़ाने के लिए पूरी गंभीरता से शांतिपूर्ण वातावरण में बिना आतंक के साए के साथ द्विपक्षीय वार्ता करना चाहता हूं. लेकिन पाकिस्तान का भी ये दायित्व है कि उपयुक्त वातावरण बनाए और गंभीरता से द्विपक्षीय वार्ता के लिए सामने आए.'

यूएन से इस बार पीएम देंगे आखिरी चेतावनी

पाकिस्तान ने भारत की दोस्ती के प्रस्ताव के बदले उरी पठानकोट और पुलवामा दिया. जिसके बाद उसके हिंदुस्तान के करारे प्रहार का सामना करना पड़ा. उसे सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट पर एयर स्ट्राइक मिला. इमरान खान अब भी सुधरने का नाम नहीं ले रहे, ऐसे में पीएम मोदी अपने भाषण में आतंकवाद पर जमकर हमला करेंगे. आतंकवाद को खत्म करने के लिए टेरर फंडिंग की नकेल कसेंगे. और मुमकिन है कि राज्य प्रायोजित आतंक को पूरी तरह से खत्म करने का आह्ववान करेंगे.

2014 में पीएम ने आतंकवाद पर आगाह किया था

पीएम मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री के तौर पर यूएन में दिए पहले भाषण में ही पूरी दुनिया को आतंकवाद के खतरे से आगाह किया था. और पाकिस्तान पर हमला बोला था.

27 सितंबर, 2014 को ही पीएम मोदी ने कहा था कि आज भी कई देश आतंकवादियों को अपने क्षेत्र में पनाह दे रहे हैं. और आतंकवाद को अपनी नीति का उपकरण मानते हैं. जब गुड टेररिज़्म बैड टेररिज़्म ये बातें सुनने को मिलती हैं. तब तो आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की हमारी निष्ठा पर भी सवालिया निशान खड़े होते हैं.

ये तय है कि कश्मीर से 370 हटाए जाने के बाद बिलबिलाए इमरान खान यूएन में ये मसला ज़ोर शोर से उठाएंगे. ऐसे में पीएम मोदी पाकिस्तान को ये भी समझाने वाले हैं कि भारत के अंदरूनी मामलों में दखल ना दे तो बेहतर हैं क्योंकि न्यू इंडिया किसी भी दखल मंजूर नहीं करता है.

पाकिस्तान को यूएन के मंच से भारत ने हमेशा बेनकाब किया. 2016 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के उस समय के पीएम नवाज़ शरीफ की धज्जियां उड़ा दी थीं.

26 सितंबर, 2016 को उस वक्त की भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा था कि ''दुनिया में ऐसे देश हैं, जो बोते भी हैं तो आतंकवाद.. उगाते भी हैं तो आतंकवाद.. बेचते भी हैं तो आतंकवाद औऱ निर्यात भी करते हैं तो आतंकवाद.. आतंकवादियों को पालना कुछ देशों का शौक बन गया है.''

दरअसल 27 सितंबर 2019 यानी शुक्रवार को आतंकवाद और पाकिस्तान पर पीएम मोदी खुला ऐलान करने वाले हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दुनिया के मंच से पाकिस्तान को आखिरी अल्टीमेटम देने वाले हैं. ऐसे में एक बार फिर आतंकवाद पर पाकिस्तान की खटिया खड़ी होनी तय है.