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बीजेपी-शिवसेना के बीच बनेगी 'बात' या छूटेगा 'साथ'? संशय बरकरार..

महाराष्ट्र एनडीए में खटपट के बीच बीजेपी को लेकर अब शिवसेना ने कड़ा रुख अपना लिया है. अपने मुख पत्र सामना में छपे एक लेख में शिवसेना ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है.

बीजेपी-शिवसेना के बीच बनेगी 'बात' या छूटेगा 'साथ'? संशय बरकरार..

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव का बिगुल बज गया है. लेकिन अभी तक बड़े भाई-छोटे भाई के बीच सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है. बयानबाजी का सिलसिला तेज हो रहा है. ऐसे में ये सवाल उठना लाज़मी है महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच बात बन पाएगी या साथ टूट जाएगा?

वक्त का पहिया एक बार फिर उसी जगह घूम कर आ पहुंचा है. जहां पांच साल पहले 2014 में खड़ा था. तब महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले जो स्टैंड शिवसेना का था. आज वही तेवर बीजेपी दिखा रही हैं. 2014 विधानसभा चुनाव में शिवसेना ने सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत बीजेपी को आधी सीटें देने से साफ इनकार कर दिया था और आज के हालात कुछ ऐसे नज़ारे पेश कर रहे हैं कि बीजेपी, शिवसेना को आधी सीटें देने को राज़ी नहीं है.

महाराष्ट्र एनडीए में खटपट के बीच बीजेपी को लेकर अब शिवसेना ने कड़ा रुख अपना लिया है. अपने मुख पत्र सामना में छपे एक लेख में शिवसेना ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा है.

सामना में लिखा है...

'अमित शाह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री होंगे. वह यह भी ठप्पा लगा चुके हैं कि फडणवीस ने निवेश, कृषि, शिक्षा, उद्योग और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रगति की है. इसलिए अब बस ईवीएम का बटन दबाने की औपचारिकता बची है.'

शिवसेना पहले ही साफ कर चुकी है कि वो अभी भी 50-50 के फॉर्मूले पर है. सीटों के बंटवारे पर शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में सीटों का बंटवारा भारत और पाकिस्तान के बंटवारे से भी भयंकर है.

राउत ने कहा, 'मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि गठबंधन की चिंता जितनी उनको है, उतनी हमको भी है, और दोनों पार्टी के प्रमुख को सीट शेयरिंग के बारे में सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं. इतना बड़ा महाराष्ट्र है, 288 सीटों का बंटवारा करना है, ये बंटवारा करना जो है 288 सीट का वो भारत-पाकिस्तान के बंटवारे से भी भयंकर है.'

हालांकि बीजेपी का कहना है कि गठबंधन तो होकर रहेगा. वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने कहा है कि विपक्ष पूरा जोर लगा रही है. कि ये गठबंधन ना हो, जिससे उसे इसका पूरा फायदा मिल सके.

दरअसल, शिवसेना.. बीजेपी के साथ बराबर सीट बांटना चाहती है और बची हुई सीटें गठबंधन के दूसरे छोटे दलों को देना चाहती है. जबकि बीजेपी ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. दोनों दल अभी तक सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला नहीं ले पाए हैं. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक शिवसेना ने रुख में नर्मी लाते हुए बीजेपी की पेशकश पर मान गई है. 

रिपोर्ट के मुताबिक ये हो सकता है सीट फॉर्मूला

  • बीजेपी करीब 150 से सीटों पर लड़ेगी चुनाव
  • शिवसेना को दी जा सकती है 116 से 126 सीट
  • सहयोगी छोटे दलों को 12 सीटें देने का अनुमान

आपको बता दें, 2014 महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सीटों में से बीजेपी ने 122 सीटें जीती थीं. जबकि शिवसेना के खाते में 63 सीटें हीं आई थी. इसी तरह कांग्रेस ने 42 और एनसीपी ने 41 जबकि 20 सीटें अन्य दलों ने जीतीं.

उस वक्त शिवसेना.. बीजेपी को 119 से ज्यादा सीटें देने को तैयार नहीं थी और शिवसेना खुद 155 सीटें लड़ना चाहती थी. लिहाजा, गठबंधन टूट गया और दोनों ने पहली बार अलग-अलग चुनाव लड़ा.

जाहिर है, सीट शेयरिंग का जो फार्मूला बन रहा है. उस पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की अंतिम मुहर लगनी अभी बाकी है. वैसे महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणनवीस ने पहले ही ऐलान कर दिया है कि शिवसेना और बीजेपी के बीच गठबंधन होना तय हो गया है और इसका ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है.