हेलीकॉप्टर के 25 हजार करोड़ की डील में टाटा सहित 3 भारतीय कंपनियां शामिल

भारतीय नौसेना की ताकत बड़ने वाली है, इसके मद्देनजर इंडियन नेवी ने 25 हजार करोड़ की डील में 4 भारतीय कंपनियों को शामिल किया है. इन कंपनियों में टाटा, अदानी, महिंद्रा और भारत फोर्ज शामिल हैं.

हेलीकॉप्टर के 25 हजार करोड़ की डील में टाटा सहित 3 भारतीय कंपनियां शामिल

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की ताकत में खासा इजाफा होने वाला है. इंडियन नेवी में 111 बहुउद्देशीय हेलीकॉप्टर को शामिल करना सुनिश्चित किया गया है. और नौसेना की इस 25 हजार करोड़ की डील में चार भारतीय कंपनियों को शामिल किया गया है. सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है. 

इन चार कंपनियों पर भरोसा

जानकारी के अनुसार नौसेना द्वारा इस डील के लिए चार भारतीय फर्मों को शॉर्टलिस्ट किया गया है. 

1). टाटा एडवांस सिस्टम

2). अदानी डिफेंस

3). महिंद्रा डिफेंस सिस्टम 

4). भारत फोर्ज

आपको बता दें कि जिन चारों कंपनियों का चयन हुआ है, वो 25 हजार करोड़ के सौदे वाली परियोजना में रणनीतिक रूप से भागीदार होंगे. जिसमें 111 बुउद्देशीय हेलीकॉप्टरों का स्वदेशी निर्माण शामिल है. सूत्रों के मुताबिक अब यूरोपीय एयरबस हेलीकॉप्टरों सहित विदेशी मूल उपकरण निर्माताओं के साथ पार्टनरशिप करने की जरुरत होगी.

विदेशी कंपनियों से ली जाएगी मदद

इस प्रोजेक्ट के लिए विदेशी कंपनियों की भी मदद ली जाएगी. हालांकि ऐसा नहीं है, इसमें भारत का योगदान नहीं होगा. मिली जानकारी के अनुसार ये चार भारतीय कंपनियां उन विदेशी कंपनियों से संपर्क साधेंगी, जो हेलीकॉप्टर के पार्ट्स बनाती हो. इन हेलीकॉप्टर के निर्माण में कई विदेशी कंपनियां जैसे यूरोपीयन एयरबस हेलिकॉप्टर्स समेत अन्य मदद करेंगी.

मेक इन इंडिया के तहत भारत में बनेंगे 95 हेलीकॉप्टर

आपको बता दें, कि यो अबतक की योजना में बात सामने आ पाई है, उसके अनुसार 111 हेलीकॉप्टर में से 16 विदेश से बनकर भारत आएंगे. और इसके बाद जबकि 95 हेलीकॉप्टर का निर्माण भारत में ही मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट के तहत किया जाएगा.

इस सौदे की दौड़ में आठ वो भारतीय कंपनियां शामिल थीं, जो रक्षा क्षेत्र से जुड़ीं हैं. लेकिन भारतीय नौसेना ने सिर्फ चार को ही चुना. जानकारी के अनुसार देश के पूर्व रक्षामंत्री दिवंगत मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में मॉडल की परिकल्पना की गई थी, जिसके बाद अगली रक्षामंत्री के नेतृत्व में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी.