अमानवीयः कर्नाटक में बंदरों को जहर देकर बोरों में भरा और पीट-पीटकर मार डाला, HC ने लिया संज्ञान

38 monkeys were poisoned and killed in Karnataka: हासन जिले के बेलूर तालुक में आने वाले चौदानहल्ली गांव में बीते गुरुवार की सुबह 38 38 मृत बंदरों के शव मिले थे. इन बंदरों को बोरियों में भरकर चौदानहल्ली के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया था. जांच में सामने आया कि पहले उन्हें जहर दिया गया था. बाद में इन्हें बोरों में बंद कर पीटा गया था.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Aug 2, 2021, 10:23 AM IST
  • चौदानहल्ली गांव में बीते गुरुवार की सुबह 38 38 मृत बंदरों के शव मिले थे
  • बोरी खोलने पर लगभग 20 बंदर जिंदा मिले थे जो बुरी तरह हांफ रहे थे
अमानवीयः कर्नाटक में बंदरों को जहर देकर बोरों में भरा और पीट-पीटकर मार डाला, HC ने लिया संज्ञान

बेंगलुरुः 38 monkeys were poisoned and killed in Karnataka: कर्नाटक के हासन जिले में मानवता को शर्मसार करने वाली वारदात सामने आई है. कर्नाटक हाईकोर्ट ने अमानवीय तरीके से बंदरों के झुंड को मौत के घाट उतार देने वाली घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है. घटना राज्य के हासन जिले की है और चार दिन पहले सामने आई थी.

जिले में स्थित एक सड़क पर बोरियों में भरे बंदरों के शव पाए गए थे. इन बंदरों को पहले जहर देकर बोरियों में भरा गया था और फिर पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था. मामले में 4 अगस्त को सुनवाई होगी. 

बुरी तरह हांफ रहे थे बोरी में भरे जिंदा बंदर
जानकारी के मुताबिक, हासन जिले के बेलूर तालुक में आने वाले चौदानहल्ली गांव में बीते गुरुवार की सुबह 38 38 मृत बंदरों के शव मिले थे. इन बंदरों को बोरियों में भरकर चौदानहल्ली के पास सड़क किनारे फेंक दिया गया था. जांच में सामने आया कि पहले उन्हें जहर दिया गया था. बाद में इन्हें बोरों में बंद कर पीटा गया था.

बोरी खोलने पर लगभग 20 बंदर जिंदा मिले थे. मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी. बताया गया कि बोरी खोलने पर जो कुछ बंदर जिन्दा थे, वे बुरी प्रकार हांफ रहे थे और हिलने-डुलने में असमर्थ थे. इस अमानवीय घटना और दुर्दांत तरीके से हत्या के मामले लेकर हर ओर चर्चा थी. लोगों ने इस पर नाराजगी जताई थी. 

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पीठ ने बताया 'परेशान करने वाला' मामला
शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने मामले में जनहित याचिका पर कार्रवाई शुरू की. अदालत ने इस मामले में जिला प्रशासन, वन विभाग और पशु कल्याण बोर्ड को प्रतिवादी बनाया. मुख्य न्यायाधीश अभय श्रीनिवास ओका और न्यायमूर्ति एन एस संजय गौड़ा की पीठ ने इस मामले को 'परेशान करने वाला' बताकर स्वत: संज्ञान लेते हुए रजिस्ट्रार जनरल को जनहित याचिका दर्ज करने का आदेश दिया है.

उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा, सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित कानून के तहत अदालत का इस मुद्दे पर संज्ञान लेना जरूरी है. बंदरों को इस तरह से मारने की घटना ने साल 2020 की मई में केरल में पटाखे खिलाकर हथिनी को मारने वाली घटना की याद दोबारा ताजा कर दीं. 

केरल के पलक्कड़ में हथिनी की हुई थी 'हत्या'
बीते साल केरल के पलक्कड़ में एक गर्भवती हथिनी को पटाखों से भरा हुआ अनानास खिलाने का मामला सामने आया था. ये घटना साइलेंट वैली जंगलों के बाहरी इलाके में हुई थी. बताया गया था कि गर्भवती हथिनी खाने की तलाश में भटकते हुए 25 मई को जंगल के पास के गांव में आ गई थी और कथित तौर पर कुछ शरारती तत्वों ने हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खिला दिया.

इसे खाते ही उसके मुंह में विस्फोट हुआ, जिस कारण उसका जबड़ा बुरी तरह से फट गया और दांत भी टूट गए. दर्द से तड़प रही हथिनी को जब कुछ समझ नहीं आया तो वह वेलियार नदी में जा खड़ी हुई. दर्द को कम करने के लिए वह पानी में खड़ी थी और बार-बार पानी पीती थी. इसके बाद 27 मई को उसकी मौत हो गई.

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