राजस्थान के बीड़ में 98 साल के वृद्ध ने दी कोरोना को मात, 70 तक पहुंच गया था ऑक्सीजन लेवल

गंगाधर को अप्रैल के महीने में हलका बुखार आना शुरू हुआ तो घर वालों ने उनका कोरोना टेस्ट कराया. कोरोना की रिपोर्ट 21 अप्रैल को आई जिसमें गंगाधर पॉजिटिव पाए गए. इसके बाद सबसे पहले घर पर ही इनका इलाज शुरू किया गया. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : May 8, 2021, 06:40 AM IST
  • घर वापसी के बाद बगैर किसी की मदद के सीढ़ियां चढ़ रहे हैं गंगाधर
  • इलाज के बावजूद इनका ऑक्सीजन लेवल का गिरना जारी रहा था
राजस्थान के बीड़ में 98 साल के वृद्ध ने दी कोरोना को मात, 70 तक पहुंच गया था ऑक्सीजन लेवल

नई दिल्ली: आज के समय मे किसी को कोरोना पॉजिटिव होने की रिपोर्ट आ जाए तो आधी जान तो उसी वक्त निकल जाती है और कही अगर आक्सीजन लेवल 90 से नीचे गिरना शुरू हो गया तो फिर तो समझिए मरीजे के साथ-साथ घर वाले भी परेशान हो जाते हैं.

लेकिन डॉक्टरो का कहना हैं कि कोरोना के खिलाफ जंग में अगर व्यक्ति हिम्मत ना हारे तो इस बीमारी को भी आसानी से हराया जा सकता है.

70 तक पहुंच गया था ऑक्सीजन लेवल
ऐसा ही कुछ राजस्थान के बीड़ जिले के चोपनवाड़ी गांव के रहने वाले 98 वर्षीय बुजुर्ग गंगाधर बड़े ने कर दिखाया है. गंगाधर इतनी अधिक उम्र में भी कोरोना को हराकर घर वापस लौटे हैं वो भी तब जबकि इनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 70 तक पहुंच गया था.

अब घर वापसी के बाद वो बगैर किसी की मदद के अपने आप सीढ़ियां चढ़ रहे हैं.

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21 अप्रैल को आई थी रिपोर्ट
गंगाधर को अप्रैल के महीने में हलका बुखार आना शुरू हुआ तो घर वालों ने उनका कोरोना टेस्ट कराया. कोरोना की रिपोर्ट 21 अप्रैल को आई जिसमें गंगाधर पॉजिटिव पाए गए. इसके बाद सबसे पहले घर पर ही इनका इलाज शुरू किया गया. घर पर इलाज के बाद इनका एचआरसीटी स्कोर जीरो हो गया बावजूद इसके उनका बुखार कम नहीं हो रहा था साथ ही ऑक्सीजन लेवल भी लगातार गिर रहा था.

ऐसे में परिवार के सदस्यों उन्हें पास के जंबो कोविड सेंटर में भर्ती कराया. यहां कराए गए सीटी स्कैन में इनका स्कोर नौ आया, इलाज के बावजूद इनका ऑक्सीजन लेवल का गिरना जारी रहा. घरवालों को उनकी सेहत में सुधार होता नहीं दिखा तो उन्हें 26 तारीख को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया.

गंगाराम की बेटी कांताबाई कराड़ ने बताया, जब पिताजी की हालत खराब होनी लगी तो हम इन्हें अंबे जोगाई के दवा खाने लेकर गए जहां इनकी तबीयत 4-5 दिन के इलाज के बाद अच्छी होने लगी. इन्होंने फिर से अच्छी तरह खाना-पीना शुरू कर दिया.

लेकिन दूसरे हॉस्पिटल में जब इनकी जांच की गई तो सीटीस्कैन स्कोर 18 आया, यानी कि गंगाघर काफी ज्यादा संक्रमित हो चुके थे. ऐसे में उनका ऑक्सीजन लेवल गिरकर 70 तक पहुंच गया. लेकिन इतना सबकुछ होने के बाद भी गंगाधर ना तो परेशान हुए और ना ही उन्होंने हिम्मत हारी. इसी का नतीजा है कि 98 साल की उम्र में वो कोरोना को मात देकर घर लौट आए.

मजबूत इच्छा शक्ति से जीती जंग
गंगाधर बडे़ का इलाज करने वाली डॉ. इरा ढमढेरे ने कहा, हमारे यहां एक दादा जी एडमित हुए. उनका आक्सीजन लेवल 70 और सीटी स्कोर 18 हो गया था. हमने उनका इलाज किया. उनके साथ उनकी बेटी थी जिसकी उम्र 70 साल थी. दोनों जरा भी नहीं घबराए. दोनों की विल पॉवर काफी मजबूत थी. दोनों पूरी तरह ठीक होकर अपने घर गए. 

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