सीएम कमलनाथ को फिर नसीहत, कांग्रेसी मंत्री ने तीर्थयात्राओं के लिए की ऐसी टिप्पणी

मध्य प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने कहा कि 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' को खत्म कर दिया जाना चाहिए क्योंकि यह धार्मिक यात्राएं कराना सरकार का काम नहीं है. सिंह ने कहा, 'धार्मिक तीर्थयात्राओं का संचालन करना सरकार का काम नहीं है, हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. 

सीएम कमलनाथ को फिर नसीहत, कांग्रेसी मंत्री ने तीर्थयात्राओं के लिए की ऐसी टिप्पणी

नई दिल्लीः मौजूदा वक्त में कांग्रेस कन्फ्यूजन की शिकार है. वह यही फैसला नहीं ले पा रही है कि उसे सॉफ्ट हिंदुत्व या कट्टर सेक्युलर में से कौन सा चोला पहनना है. हालात यह हैं कि पार्टी, शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश सरकारों को उनके ही मंत्रियों और पदाधिकारियों से लगातार चुनौतियां मिल रही हैं.

अभी हाल में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने  शिवराज सरकार व कांग्रेस पर सवाल उठाए थे. अब यही काम मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने कर दिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को खत्म करने का विचार दिया है और टिप्पणी की है. 

यह कहा है गोविंद सिंह ने
मध्य प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस नेता गोविंद सिंह ने कहा कि 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' को खत्म कर दिया जाना चाहिए क्योंकि यह धार्मिक यात्राएं कराना सरकार का काम नहीं है. सिंह ने कहा, 'धार्मिक तीर्थयात्राओं का संचालन करना सरकार का काम नहीं है, हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन यह मेरी निजी राय है.

श्रद्धालुओं को सुविधाएं देना, उनकी मदद करना ठीक है लेकिन सरकारी धन के लिए तीर्थयात्राओं का आयोजन मेरे अनुसार सही नहीं है. तीर्थयात्रा का संचालन लोगों के अर्जित धन पर किया जाना चाहिए. 

धार्मिक यात्रा को किया था रद्द
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से वैष्णो देवी, काशी, द्वारिका और रामेश्वरम में 15 फरवरी को प्रस्तावित धार्मिक यात्रा के कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के कम से कम 4000 वृद्धों के लिए पांच राज्य प्रायोजित तीर्थयात्रा को रद्द कर दिया था. इसके बाद यह मामला सुर्खियों में आया था. हालांकि, सिंह ने आगे कहा कि जो धनराशि बचती है, उसका बेहतर उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में राज्य के सभी लोगों की बेहतरी के लिए किया जा सकता है.

...लेकिन राहुल गांधी तो खुद को शिवभक्त बताते रहे हैं
लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी खुद को कट्टर हिंदू, ब्राह्मण और शिवभक्त भी बताते रहे हैं. यहां तक की उन्होंने जनेऊ पहनने की भी बात की थी. इस तरह उन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश की थी. अब अगर कांग्रेस नीत सरकार के मंत्री का ऐसा बयान है तो यह स्पष्ट है कि कांग्रेस ने चुनाव के समय देश के लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ छल किया था. 

मंत्री के बयान पर भाजपा हमलावर
भाजपा नेता और विधायक विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता के बयानों पर कड़ी आपत्ति जताई और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से इस मुद्दे पर पार्टी और सरकार के रुख को स्पष्ट करने का आग्रह किया. सारंग ने कहा, 'यह एक बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बयान है, एक तरफ, कांग्रेस सरकार IFFA अवार्ड्स के आयोजन के बारे में लंबे दावे कर रही है और उनके मंत्री का कहना है कि तीर्थयात्राओं को रोक दिया जाना चाहिए.

भाजपा सरकार ने गरीब लोगों को तीर्थ स्थलों की यात्रा के लिए सक्षम बनाने के लिए इस योजना को शुरू किया था. सबसे बुरी बात यह है कि उन्होंने लोगों की भावनाओं का मजाक बनाया है. उन्होंने कहा, 'सीएम कमलनाथ को आगे आना चाहिए और स्पष्ट करना चाहिए कि यह मंत्री की निजी राय है या सरकार और कांग्रेस पार्टी का बयान है. 

अपने नेताओं की ही बात सुन ले कांग्रेस तो शायद उबर जाएगी