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सावधान दिल्ली, हवा में जहर की मात्रा पहुंचने वाली है खतरनाक स्तर पर

देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर इलाके में दीपावली से पहले ही हवा में घातक जहर घुलने की आशंका जताई जा रही है. ये चेतावनी अमेरिकी स्पेस एजेन्सी नारा ने दी है. क्योंकि उसके सैटेलाइट में साफ दिखाई दे रहा है कि पिछले दो दिनों में पड़ोसी राज्यों में दुगुनी गति से पराली जलाई जा रही है. 

सावधान दिल्ली, हवा में जहर की मात्रा पहुंचने वाली है खतरनाक स्तर पर
पिछले 3 दिनों में पराली जलाने की घटनाएं बढ़ीं

नई दिल्ली: दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों के चिंताजनक खबर है. पंजाब और हरियाणा के खेतों में जलाई जाने वाली पराली में पिछले दो दिनों दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है. जिसका खमियाजा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को भुगतना पड़ सकता है. 

नासा ने जारी की है चेतावनी
अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान केन्द्र नासा के वीआईआईआरएस(VIIRS) सैलेलाइट के मुताबिक पिछले दो दिन से पंजाब और हरियाणा के राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है. सैटेलाइट की तस्वीरों में सोमवार को 1031 जगहों पर जबकि रविवार को 971 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं दिखाई दीं. अंतरिक्ष एजेन्सी ने बताया कि पिछले कई हफ्तों में जितनी पराली जलाई गई है, उसमें आधी यानी लगभग 46 फीसदी तो पिछले तीन दिनों में जलाई गई है. इस महीने पराली जलाने की घटना में पिछले साल की अपेक्षा 9 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. 

दिवाली तक हालत हो सकती है खराब
पराली जलाने की घटनाओं का बढ़ना बता रहा है कि दिवाली तक दिल्ली एनसीआर इलाके में प्रदूषण की हालत बेहद खराब हो सकती है. क्योंकि बाहर से आने वाले पराली के धुएं में पटाखों का धुआं भी शामिल हो जाएगा. जिसके बाद हवा में कार्बन कणों की मात्रा बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी. 

पराली के खिलाफ अभियान पड़ा ढीला
पिछले कुछ दिनों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोत्तरी इसलिए भी देखी गई, क्योंकि हरियाणा में चुनाव और पंजाब में उप चुनाव होने की वजह से प्रशासन का ध्यान मतदान को सफलतापूर्क संपन्न कराने पर रहा. ऐसे में खेतों में पराली जलाने की घटनाओं से उनका ध्यान हट गया. यही वजह है कि पिछले तीन दिनों में पराली जलाने की घटनाएं बेहद ज्यादा बढ़ गई हैं. 

देर तक बारिश होने के कारण बढ़ सकती हैं पराली जलाने की घटनाएं
खेतिहर इलाकों में पराली जलाने की घटनाएं इसलिए भी और बढ़ सकती हैं क्योंकि देश के कई इलाकों में अक्टूबर की शुरुआ तक बारिश हुई. जिसकी वजह से किसानों को अपने खेतों में रबी फसल की बुआई के लिए कम समय मिल पाया है. इसलिए किसानों के पास पराली को ठिकाने लगाने का वक्त नहीं है. बारिश के देर तक चलने की वजह से अगली फसल बोने से पहले खेतों में फैली पराली को ठिकाने लगाना जरुरी है. इसलिए किसान अपने पराली को आग लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं.