विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी का आरोप, एमनेस्टी के दिल्ली-बेंगलुरु दफ्तर पर छापा

सीबीआई के एक अधिकारी ने इस सूचना की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ छापे मारे गए हैं, लेकिन कोई ब्यौरा नहीं आया है. कार्रवाई पूरी होने के बाद ब्योरे जारी किए जाएंगे. एमनेस्टी इंटरनैशनल इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि संस्था के बेंगलुरु स्थित ऑफिस में सीबीआई की करीब 6 लोगों की टीम सुबह साढ़े 8 बजे पहुंची और यह छापेमारी शाम 5 बजे तक जारी रही. 

Last Updated : Nov 15, 2019, 07:39 PM IST
    • संस्था ने अपने बयान में कहा है कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है
    • बीते साल भी एमनेस्टी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच की थी

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विदेशी फंडिंग में गड़बड़ी का आरोप, एमनेस्टी के दिल्ली-बेंगलुरु दफ्तर पर छापा

नई दिल्लीः मानवाधिकार के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाली संस्था एमनेस्टी इंटरनैशनल के दफ्तर पर सीबीआई ने छापेमारी की है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने यह छापेमारी संस्था के दिल्ली व बेंगलुरु स्थित दफ्तरों में की है. एमनेस्टी इंटरनैशनल ने बयान जारी कर कहा है कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है. संस्था का आरोप है कि यह कार्रवाई उसे परेशान करने के लिए की गई है.

छह लोगों की टीम ने मारा छापा
सीबीआई ने शुक्रवार को एमनेस्टी इंटरनैशनल इंडिया के बेंगलुरु और दिल्ली स्थित दफ्तरों पर छापा मारा. मीडिया से बातचीत में सीबीआई के एक अधिकारी ने इस सूचना की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि अभी सिर्फ छापे मारे गए हैं, लेकिन कोई ब्यौरा नहीं आया है. कार्रवाई पूरी होने के बाद ब्योरे जारी किए जाएंगे. एमनेस्टी इंटरनैशनल इंडिया के एक अधिकारी ने बताया कि संस्था के बेंगलुरु स्थित ऑफिस में सीबीआई की करीब 6 लोगों की टीम सुबह साढ़े 8 बजे पहुंची और यह छापेमारी शाम 5 बजे तक जारी रही.

एमनेस्टी ने एक बयान जारी कर रहा है, पिछले कुछ सालों से जब भी एमनेस्टी इंडिया भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ बोलती है तो उसे परेशान किया जाता है. संस्था ने अपने बयान में कहा है कि वह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूरी तरह पालन करती है. बीते साल भी एमनेस्टी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच की थी. मानवाधिकार संगठन पर विदेशी चंदा नियमन के उल्लंघन के आरोपों को लेकर ही ईडी ने संस्था के प्रपत्रों और अन्य दस्तावेजों की जांच की थी. 

तब ईडी ने क्या कहा था ?
अक्टूबर 2018 यानी पूरे सालभर पहले प्रवर्तन निदेशालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल के खिलाफ छापेमारी कर जांच की थी. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों का उल्लंघन किया और एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (एआईआई) नाम से एक नई कंपनी के खाते में 36 करोड़ रुपये लिए. ईडी के अनुसार, जब गृह मंत्रालय ने एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया फाउंडेशन ट्रस्ट को एफसीआरए 2010 के तहत अनुमति देने से मना कर दिया तब उन्होंने एआईआईपीएल नाम से दूसरा रास्ता अपनाया.

यह कंपनी कमर्शियल तरीकों से अभी तक 36 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश प्राप्त कर चुकी थी. इस रकम में से 10 करोड़ रुपये लंबी अवधि के कर्ज के तौर पर लिया गया था. एमनेस्टी इंडिया ने ट्वीट कर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए थे. एमनेस्टी इंडिया पर ईडी के छापे सत्ता पर सवाल उठाने वाले संगठनों को चुप करने के लिए सरकार का परेशान करने वाला रवैया दिखाते हैं. यह साफतौर से दिखाता है कि सरकार नागरिक समाज के संगठनों में खौफ भरना चाहती है.

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