काशी विश्वनाथ मंदिर में अमित शाह की भक्ति, पूर्वांचल के दौरे से क्या संदेश?

गृह मंत्री अमित शाह ने आज औपचारिक रूप से मिशन 2022 की  शुरुआत कर दी है. अमित शाह ने रविवार को लखनऊ, मिर्जापुर और वाराणसी का दौरा किया. शाह ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ के दर्शन भी किए. शिव-शक्ति  साधना से अमित शाह ने पूर्वांचल में बीजेपी  की जीत का आशीर्वाद मांगा.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Aug 1, 2021, 10:01 PM IST
  • अमित शाह की शिव और शक्ति आराधना!
  • तीर्थक्षेत्रों के विकास से पर्यटन को उड़ान
काशी विश्वनाथ मंदिर में अमित शाह की भक्ति, पूर्वांचल के दौरे से क्या संदेश?

नई दिल्ली: काशी विश्वनाथ में गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शिव की आराधना की. गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान शिव का अभिषेक किया. पूरे विधि विधान से भगवान शिव का पूजन किया. भगवान शिव की आरती के अमित शाह ने पुष्प अर्पित किए और श्रद्धापूर्वक काशी विश्वनाथ को प्रणाम किया.

बाबा विश्वनाथ के दरबार में अमित शाह

गृह मंत्री शाह ने ट्वीट कर लिखा कि 'बाबा विश्वनाथ के दरबार में आने पर सदैव एक दिव्य अनुभूति होती है. आज पवित्र श्रावण मास में बाबा विश्वनाथ जी के दर्शन कर पूजा अर्चना की। बाबा सभी पर अपनी कृपा बनाये रखें. हर हर महादेव..'

विंध्याचल में शाह की शक्ति उपासना

काशी में अमित शाह की शिव आराधना की तस्वीरें भी कई संदेश दे रही थीं. अमित शाह अपने दौरे के आखिर में काशी पहुंचे थे और काशी विश्वनाथ के दर्शन करके ही वो दिल्ली के लिए रवाना हुए. इससे पहले गृह मंत्री ने विंध्याचल में जाकर मां विन्ध्यवासिनी की पूजा अर्चना की थी.

अमित शाह ने मां विन्ध्यवासिनी से जीत का आशीर्वाद लिया. इससे पहले अमित शाह ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर परियोजना का शिलान्यास और रोपवे सहित अन्‍य विकास योजनाओं का लोकार्पण किया. इस दौरान अमित शाह के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल भी मौजूद थीं.

पूर्वांचल में शाह के दौरे से क्या संदेश?

अमित शाह के साथ अनुप्रिया पटेल ने भी कॉरिडोर के शिलान्यास की ईंटें रखीं. पूर्वांचल के दो जिलों मिर्जापुर और वाराणसी में अमित शाह ने शिव और शक्ति से आशीर्वाद लिया. वहीं एक सियासी संदेश भी दिया.

उत्तर प्रदेश की  सियासत में पूर्वांचल हमेशा से बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण रहा है. मिर्जापुर का दौरान बताता है 2022 के लिए भी अमित शाह ने पूर्वांचल को लेकर खास रणनीति बना रखी है. मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर परियोजना के शिलान्यास के दौरान अनुप्रिया पटेल की मौजूदगी से ये संदेश देने की कोशिश की गई कि उत्तर प्रदेश में सहयोगी भी बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है.

किस तरह बीजेपी उत्तर प्रदेशों में तीर्थ क्षेत्रों को विकास को लेकर काफी संजीदा है. अयोध्या और काशी के विकास मॉडल के साथ साथ विन्ध्याचल कॉरिडोर परियोजना इसका बड़ा उदाहरण हैं. मिर्जापुर में अमित शाह ने मां विन्ध्यवासिनी कॉरिडोर के बाद इलाके में होने वाले विकास की भी रूपरेखा रही और तीर्थक्षेत्र का महत्व भी बताया.

योगी को कुंभ की सफलता का श्रेय

इसके अलावा मिर्जापुर से गृह मंत्री अमित शाह ने राम मंदिर निर्माण का जिक्र किया और कुंभ की सफलता का श्रेय भी योगी आदित्यनाथ को दिया. अमित शाह ने कहा कि '500 साल से संघर्ष चल रहा था राम मंदिर के लिए कईओं ने लाठी खाई और गोली खाई और आज राम मंदिर चल रहा है. पहले कुम्भ को रोकने की बातें होती थी, लेकिन योगी जी के आने के बाद प्रयागराज के कुम्भ की व्यवस्था मैंने पहले कभी नहीं देखी थी.'

चलिए अब आपको समझाते हैं मिर्जापुर में अनुप्रिया पटेल की मौजूदगी क्यों बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण है. केंद्र से लेकर यूपी तक बीजेपी के लिए ओबीसी वोट बैंक काफी महत्वपूर्ण है और अनुप्रिया पटेल की मौजूदगी से इस पूरे इलाके में एनडीए और ज्यादा मजबूत होगी.

विंध्याचल कॉरिडोर के शिलान्यास के जरिए जहां हिंदुत्व के एजेंडे पर बीजेपी की नजर है तो वहीं पूर्वी यूपी में जातीय समीकरण पर भी पूरा ध्यान है. क्योंकि अनुप्रिया पटेल ओबीसी समाज से आती हैं और उनके संसदीय क्षेत्र में कार्यक्रम कर सियासी संदेश देने की कोशिश है.

कुल मिलाकर अमित शाह ये दौरा प्रदेश में बीजेपी की चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा है. अमित शाह ने संदेश दे दिया है. 2022 में बीजेपी 2017 को दोहराने का रोड मैप तैयार कर चुकी है. अब विपक्षी पार्टियों को जवाबी रणनीति तैयार करनी होगी.

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