असम में AIUDF विधायक अमीनुल बोले- औरंगजेब ने दी थी कामाख्या मंदिर के लिए जमीन, सीएम ने लगाई फटकार

विधायक अमीनुल इस्लाम के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह के आधारहीन बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगी.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Dec 9, 2021, 08:05 AM IST
  • गुवाहाटी में स्थित है कामाख्या देवी मंदिर
  • असम विधायक ने पैदा किया नया विवाद

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असम में AIUDF विधायक अमीनुल बोले- औरंगजेब ने दी थी कामाख्या मंदिर के लिए जमीन, सीएम ने लगाई फटकार

नागांव (असम): असम में ‘ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट’ (AIUDF) के एक विधायक ने दावा किया है कि गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के लिए मुगल बादशाह औरंगजेब ने जमीन दान दी थी. विधायक के इस बयान के बाद विवाद उत्पन्न हो गया है. 

आर्य सभ्यता से पहले का माना जाता है मंदिर का इतिहास
मंदिर की वेबसाइट के अनुसार, कामाख्या मंदिर का इतिहास आर्य सभ्यता से पहले का माना जाता है. नागांव जिले के ढिंग से विधायक अमीनुल इस्लाम ने कहा, “औरंगजेब ने मां कामाख्या मंदिर के लिए जमीन दान दी थी, यह ‘पवित्र असम’ नामक पुस्तक में साफ लिखा है, जो डॉ. महेश्वर नियोग ने लिखी थी. यह किताब असम साहित्य सभा से प्रकाशित है.” 

अन्य मंदिरों के लिए भी जमीन देने का दावा
औरंगजेब ने भारत में 1658 से 1707 के बीच शासन किया था. विधायक ने यह भी दावा किया कि औरंगजेब ने भारत के सैकड़ों मंदिरों को दान दिया था, जिसमें वाराणसी के जंगमबाड़ी मंदिर को दी गई 178 हेक्टेयर भूमि भी शामिल है. 

असम सीएम ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
इस्लाम के इस बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उनकी सरकार इस तरह के आधारहीन बयानों को बर्दाश्त नहीं करेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम ने कहा कि एक विधायक शर्मन अली अभी जेल में हैं. यदि इस तरह का बयान दोबारा दिया तो अमीनुल इस्लाम को भी जेल जाना पड़ेगा. 

खबरों के अनुसार, बकौल असम सीएम, हमारी सरकार में सभ्यता, संस्कृति के खिलाफ बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर वो बाहर रहना चाहते हैं तो रहें. तब हमारी आलोचना भी कर सकते हैं. कामाख्या, शंकरदेव, बुद्ध, महावीर जैन और यहां तक कि पैगंबर मोहम्मद को इस तरह के किसी भी बयान में शामिल नहीं करना चाहिए. 

बता दें कि कांग्रेस की असम इकाई के विधायक शर्मन अली को दारांग जिले में अतिक्रमण रोधी अभियान के दौरान भड़काऊ टिप्पणी करने के लिए राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. उनके खिलाफ बीते अक्टूबर में कार्रवाई हुई थी. 

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