महाराष्ट्र में भाजपा की डूबती कश्ती से क्यों उड़ते जा रहे हैं विधायक ?

एक कहावत है कि जब कश्ती डूबने लगती है तो सबसे पहले उस पर बैठे परिंदे उस पर से भाग खड़े होते हैं. भाजपा के साथ महाराष्ट्र में यहीं हो रहा है. पार्टी को पहले ही चकमा दे कर पुराने सहयोगी दल ने सरकार बना ली है. अब पार्टी के अंदर ही टूट की खबरें लगतार हाशिए पर आने लगी हैं. प्रदेश भाजपा के 12 विधायक संभवतः पार्टी छोड़ एनसीपी और कांग्रेस में घर वापसी कर सकते हैं.   

महाराष्ट्र में भाजपा की डूबती कश्ती से क्यों उड़ते जा रहे हैं विधायक ?

मुबंई: महाराष्ट्र में भाजपा की मुश्किलें हर रोज तिल-तिल कर के बढ़ती जा रही हैं. पार्टी के सीनियर नेता पार्टी से नाराज चलने लगे हैं. अब यह नाराजगी पार्टी के बुरे प्रदर्शन को लेकर है या सरकार न बन पाने से हिस्सेदारी न मिल पाने से, इसका ठीक-ठीक अंदाजा फिलहाल नहीं लगाया जा सकता. अब चुनाव के पहले एनसीपी और कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए कुछ विधायक अपनी घर वापसी का रास्ता तय साफ करने में लगे हुए हैं. उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले ही अपनी पुरानी पार्टी छोड़ी थी, अब वापसी की तैयारी में लगे हुए हैं. 

भाजपा छोड़ एनसीपी-कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं कुछ विधायक

दरअसल, राजनीति में यह उछल-कूद लगी ही रहती है. इसी रस्साकस्सी में चुनाव का माहौल भांप कर कुछ विधायकों ने दल-बदल का खेल बड़ी बखूबी किया था. अब जबकि समीकरणों के विपरीत होने के बावजूद सरकार बना ली गई है तो एक बार फिर से वो नेता जो खुद को मंत्री मैटेरियल मानते  हैं और वह अंगूर उन्हें मिल न सका तो उसे खट्टा बता कर बाग छोड़ देने की तैयारी में लग गए हैं.

चुनाव के पहले कांग्रेस और एनसीपी के बहुत से नेताओं ने भाजपा की सदस्यता ली तो भाजपा ने उन्हें टिकट दे कर उसका इनाम भी दिया. अब वहीं सारे विधायक इनाम वापसी कर घर वापसी की तैयारी में लग गए हैं. 

एनसीपी नेता ने कहा भाजपा ने छापे पड़वाने की दी थी धमकी

एनसीपी के प्रवक्ता नवाब मलिक ने आग में घी डालने वाला बयान भी दे दिया है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने लालच दे कर और छापे पड़वाने का डर दे कर बहुत से एनसीपी कांग्रेस नेताओं को बहला-फुसला लिया था लेकिन अब जब उनकी सत्ता की कुर्सी ढ़ीली कर दी गई है तो वे घर वापसी करना चाहते हैं. इनमें से कुछ विधायक अजित पवार और एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मिले भी हैं जहां उन्होंने पार्टी में शामिल होने की ईच्छा जाहिर की है. 

नवाब मलिक ने हालांकि यह नहीं बताया कि आखिर अब एनसीपी, शिवसेना और कांग्रेस ने क्या डील कर ली है कि वे वापस आना चाहते हैं. इसके अलावा एक सवाल तो यह भी बनता है कि कल को अगर फिर से विधायकों ने पार्टी छोड़ किसी दूसरे दल में मिलने की कोशिश की तो क्या उसे भी झांसा ही कहा जाएगा या सत्ता पाने का लालच ?

ज्वार के बाद भाटा भी आता है- बालासाहेब थोराट

उधर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा कि समुद्र में ज्वारतो आता ही है लेकिन साथ ही भाटा भी आता है. प्रकृत्ति का यहीं नियम है. जो लग गलत समय में भाजपा में चले गए, उन्हें अब महसूस हो रहा है. हमारी किसी से बात तो नहीं हुई लेकिन ऐसा लग रहा है कि कई लोग घर वापसी का मार्ग ढ़ूंढ़ रहे हैं. हालांकि भाजपा नेता आशीष शेलार ने कहा कि इस बात में कोई सच्चाई नहीं है. पार्टी के सभी नेता पार्टी के प्रति वफादार हैं. 

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भाजपा से नाराज नेताओं की लंबी होती जा रही है लिस्ट

भाजपा के पुराने नेता जो महाराष्ट्र में जो कुछ भी राजनीतिक दांवपेंच खेले गए उससे नाराज हैं, उनकी लिस्ट लंबी होती जा रही है. खबरें यह भी मिल रही है कि पराली विधानसभा सीट से अपने ही भाई से हारने के बाद पंकजा मुंडे ने भाजपा के आलाकमान पर साजिश के तहत हराने का आरोप लगा दिया है और किसी भी वक्त शिवसेना से जा कर मिल सकती हैं.

इसके अलावा प्रदेश में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक एकनाथ खड्से को भी पार्टी से दरकिनार ही माना जा रहा है. ऐसे में यह कहना कि डूबते जहाज से सारे पंछी और जीव एक-एक कर किनारी करते जा रहे हैं, गलत नहीं होगा. 

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