आंध्र प्रदेश में भाजपा को मिला नया साथी

भारतीय जनता पार्टी आंध्र प्रदेश में खोई हुई जमीन हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई है. इसी सिलसिले में उसने सुपरस्टार चिरंजीवी के भाई पवन कल्याण की पार्टी 'जनसेना' ने भाजपा के साथ गठबंधन किया है. आंध्र प्रदेश में पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को कामयाबी नहीं मिली थी. लेकिन अब उसे राज्य में एक मजबूत सहयोगी मिल गया है.   

आंध्र प्रदेश में भाजपा को मिला नया साथी

हैदराबाद: आंध्र प्रदेश की राजनीति बदलने की दिशा में गुरवार को विजयवाड़ा में एक बड़ा कदम रखा गया. अभिनेता से नेता बने पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन कर लिया. 

दोनों पार्टियों ने की प्रेस कांफ्रेन्स
जनसेना प्रमुख पवन कल्याण और आंध्र प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कन्ना लक्ष्मी नारायण ने यहां पास में विजयवाड़ा में हुई बैठक में गठबंधन की घोषणा की. दोनों ने संयुक्त रुप से ये ऐलान किया कि वे ‘जातिवादी, वंशवादी और भ्रष्ट’ शासन व्यवस्था का खात्मा करने के लिए काम करेंगे. दोनों ने उम्मीद जताई कि उनका गठबंधन 2024 में निश्चित रूप से सत्ता में आएगा. 

पवन कल्याण पर चला पीएम मोदी का जादू
पवन कल्याण ने कहा कि 2014 से ही वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित थे. `हमने सीएए का गहराई से अध्ययन किया है और इसे सही पाया है. हमें लगता है कि भाजपा राष्ट्र के हित में कई काम कर रही है और हमें भाजपा के साथ हाथ मिलाने में कोई संकोच नहीं है. 

गठबंधन की दिशा में पहले से चल रहा था काम 
इसके पहले पवन कल्याण ने दिल्ली में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से मुलाकात की थी.  ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों पार्टियां आंध्र प्रदेश में गठबंधन कर सकती हैं. पवन ने अपने वरिष्ठ पार्टी नेताओं और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नदेंदला मनोहर के साथ नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की थी जिसमें एक घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई. सूत्रों के हवाले से छनकर खबर आई कि दोनों पक्षों के बीच आंध्र प्रदेश में राजनीतिक परिदृश्य और वहां गठबंधन करने की आवश्यकता पर चर्चा हुई. 

बिना शर्त समर्थन दे रहे हैं पवन कल्याण
जनसेना और भाजपा के शीर्ष नेताओं के बीच आयोजित गुरुवार की बैठक के बाद जनसेना अध्यक्ष पवन कल्याण ने भाजपा को `बिना शर्त समर्थन' देने की घोषणा की. सुबह ही दो दलों के शीर्ष नेताओं ने तौर-तरीकों पर चर्चा की और दोपहर बाद गठबंधन की घोषणा की. 

दिलचस्प बात यह है कि मार्च 2014 में जब जनसेना पार्टी की स्थापना की गई थी, तब उसने टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू का समर्थन किया था. हालांकि, 2019 के आम चुनावों में, जनसेना ने अपने दम पर चुनाव लड़ा और केवल दो विधानसभा सीटें ही जीत सकी. हालांकि पवन कल्याण अपनी दोनों सीटों से हार गए थे. 

जनसेना-भाजपा गठबंधन से चिढ़ गई सत्तारुढ़ वाईएसआरसीपी कांग्रेस
जनसेना-भाजपा गठबंधन को आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआरसीपी ने अस्थिर गठबंधन बताया है. पार्टी के प्रवक्ता अंबाती रामबाबू ने कहा है कि `पवन कल्याण में राजनीतिक स्थिरता नहीं है. पहले वह बीजेपी और टीडीपी के साथ थे फिर वह अपने आप चले गए और फिर से बीजेपी में वापस आ गए. यह सिर्फ एक राजनीतिक अवसरवाद है.'