यूपी में कांग्रेस को चर्चा में लाना भाजपा की चाल है; सपा का आरोप

सपा ने आरोप लगाया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार कांग्रेस को बीजेपी के लिए मुख्य चुनौती के तौर पर पेश कर रही है. ताकि सपा की चर्चा कम हो.

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Oct 22, 2021, 07:50 PM IST
  • विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले की राह बना रही भाजपा
  • समाजवादी पार्टी से ध्यान हटाने के लिए कांग्रेस उपयुक्त है
यूपी में कांग्रेस को चर्चा में लाना भाजपा की चाल है; सपा का आरोप

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा से पहले राज्य में कोई पार्टी और नेता सबसे ज्यादा चर्चा बटोर रही हैं तो वह है कांग्रेस और उसकी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा. लखीमपुर खीरी हो या आगरा की घटना, दोनों जगह प्रियंका ने माहौल बनाया है.

वह प्रदेश की जनता और मीडिया की नजर में आईं. पर अब प्रदेश का मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) को इसमें सत्ताधारी पार्टी भाजपा की ही रणनीति नजर आती है. 

भाजपा दिखा रही, जैसे कांग्रेस उसके लिए चुनौती है
सपा ने आरोप लगाया है कि योगी आदित्यनाथ सरकार कांग्रेस को बीजेपी के लिए मुख्य चुनौती के तौर पर पेश कर रही है. अपनी पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर आईएएनएस से सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा के संघर्ष को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है.

उनका कहना है कि चाहे प्रियंका की लखीमपुर खीरी या आगरा यात्रा हो, या उन्हें जानबूझकर हिरासत में लेना हो. यह सब रणनीति के तहत हो रहा है ताकि इस मुद्दे पर मीडिया का फायदा उठाया जा सके.

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सपा के एक वरिष्ठ विधायक के मुताबिक प्रियंका के संघर्ष को पहचानकर और उन्हें हर मौके पर सुर्खियों में लाकर, प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार कांग्रेस को विधानसभा चुनाव के लिए मुख्य खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है. हालांकि वे जानते हैं कि कांग्रेस उनके लिए कोई चुनौती नहीं है.

समाजवादी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हाल ही में कहा था कि यह दिखाना भाजपा की रणनीति का हिस्सा है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख खिलाड़ी है.

कांग्रेस को सुर्खियां मिलेगी, वोट नहीं
सपा नेता के मुताबिक भाजपा जानती है कि कांग्रेस यूपी के चुनावी दंगल में एक कमजोर खिलाड़ी है. पर कांग्रेस समाजवादी पार्टी से ध्यान हटाने के लिए उपयुक्त है. जबकि हकीकत में भाजपा की मुख्य चुनौती के रूप में सपा उभरी है. कांग्रेस को मीडिया की सुर्खियां मिल सकती हैं लेकिन वोट नहीं, और यही भाजपा चाहती है.

यूं होगा भाजपा को फायदा
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक एस.बी. सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले का मार्ग प्रशस्त करने के लिए भाजपा बड़ी चतुराई से प्रियंका और कांग्रेस की गतिविधियों को अहमियत दे रही है. उन्होंने कहा कि यह एक ज्ञात तथ्य है कि सीधे मुकाबले में सत्तारूढ़ दल को नुकसान होता है, और जब विपक्ष का वोट बंट जाता है, तो यह सत्तारूढ़ दल के लिए एक फायदा होता है.

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