Indian weapons export: दुनिया में लगातार भारत अपनी पहुंच को बढ़ा रहा है. कई देश ऐसे हैं जो भारत के बनाए गए हथियारों को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं. भारत ने पिछले कुछ समय में स्वदेशी हथियारों का जखीरा काफी मजबूत किया है. इस रिपोर्ट में हम आपको भारत के उन हथियारों के बारे में बताएंगे, जिन्हें दुनिया के कई देश खरीदना चाहते हैं.
भारत बढ़ा रहा अपनी ताकत
भारत ने सैन्य हथियारों के निर्माण में काफी तेजी लाई है. पूरी दुनिया में आज के समय भारत की चर्चा जोरों पर है. दुनिया में मौजूद कई देश अब भारत के हथियारों को खरीदने में इंट्रेस्ट दिखा रहे हैं. स्वदेशी तकनीक से बने भारत के कई हथियार बेहद घातक भी हैं. भारत की ब्रह्मोस मिसाइल, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर, तेजस, आकाश मिसाइल सिस्टम और अर्जुन टैंक आज के समय दुनिया में काफी मांग में है.
ब्रह्मोस मिसाइल
इस मिसाइल को भारत ने रूस के साथ मिलकर बनाया है. ब्रह्मोस मिसाइल आज के समय में भारत देश की सबसे ताकतवर मिसाइलों में गिना जाता है. भारत और रूस की संयुक्त परियोजना ब्रह्मोस आझ के दौर में भारत की सबसे बड़ी डिफेंस एक्सपोर्ट पहचान बन चुकी है. यह मिसाइल 290 किमी से 450 किमी तक दुश्मनों के ठिकानों को आसानी से खत्म कर सकती है. इस मिसाइल को खरीदने के लिए फिलीपींस ने पहले ही इसका बड़ा ऑर्डर दे दिया है. फिलीपींस के साथ कई दूसरे एशियाई देश भी इसे खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं.
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर
पिनाका भारत का खुद का बनाया हुआ स्वदेशी रॉकेट सिस्टम है. इस सिस्टम ने कारगिल के युद्ध में अपनी ताकत दिखाई थी. इस सिस्टम को DRDO द्वारा बनाया गया है. आज के समय में यह सिस्टम विदेशी सेनाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है. इस सिस्टम की रेंज लगभग 75 किमी है. पिनाका सिस्टम एक साथ कई रॉकेट दाग सकता है.
तेजस फाइटर जेट
तेजस फाइटर जेट आज के समय में इंडियन एयर फोर्स की रीढ़ बन गया है. यह फाइटर जेट अब एक्सपोर्ट मिशन पर है. यह लड़ाकू विमान वजन से हल्का होने के साथ मॉडर्न एवियॉनिक्स से लैस है. इस लड़ाकू विमान को खरीदने के लिए अर्जेंटीना और मलेशिया जैसे देश काफी गंभीरता से विचार कर रहे हैं. तेजस फाइटर जेट को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने बनाया है.
आकाश मिसाइल सिस्टम और अर्जन टैंक
भारत का स्वदेशी तरीके से बना आकाश मिसाइल सिस्टम आज के समय में पूरी दुनिया में चर्चा में है. यह सिस्टम जमीन से हवा में हमला करता है. आज के समय में यह सिस्टम दुनिया के कई देशों की जरूरत पूरी कर सकता है. इस सिस्टम की रेंज लगभग 25 किमी तक है. भारत का यह सिस्टम सऊदी अरब, वियतनाम और केन्या जैसे देशों की पसंद बना हुआ है. इसी के साथ DRDO द्वारा बनाया गया अर्जुन टैंक भी दुनिया के कई देशों की पसंद बना हुआ है. यह टैंक 120 मिमी की राइफल गन और मॉर्डन फायर कंट्रोल सिस्टम से लैस है. कुछ अफ्रीकी देशों ने इस टैंक के ट्रायल में इंट्रेस्ट दिखाया है.
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