पुलिस कार्रवाई को जलियांवाला बाग जैसा बताना शहीदों का अपमानः फडणवीस

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जो हुआ, वह जलियांवाला बाग जैसा था. इस पर  देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा.  देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जलियावाला बाग से उद्धव ठाकरे ने जामिया विश्वविद्यालय प्रदर्शनों की तुलना करके स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है. 

पुलिस कार्रवाई को जलियांवाला बाग जैसा बताना शहीदों का अपमानः फडणवीस

मुंबईः जामिया में हुई पुलिसिया कार्रवाई की तुलना जलियांवाला बाग से कर महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे भाजपा के निशाने पर आ गए हैं. भाजपा नेता और और पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि जामिया में हुई हिंसा का समर्थन करके यह साफ हो चुका है कि शिवसेना घुटनों पर आ गई है, साथ ही व्यक्तिगत लालच के लिए समझौता किया है. देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर सीएम उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा. एक अन्य ट्वीट में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जलियावाला बाग से उद्धव ठाकरे ने जामिया विश्वविद्यालय प्रदर्शनों की तुलना करके स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है. पूरे देश के साथ-साथ महाराष्ट्र की जनता भी जानना चाहती है कि क्या उद्धव जी इन नारों से सहमत हैं.

क्या बोला था उद्ध्व ने
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "जामिया मिल्लिया इस्लामिया में जो हुआ, वह जलियांवाला बाग जैसा था. विद्यार्थी 'युवा बम' सरीखे होते हैं. सो, हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि विद्यार्थियों के साथ वह न किया जाए, जो सरकार कर रही है. उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि छात्रों के साथ वह जो कर रहे हैं, वह नहीं करना चाहिए. ठाकरे ने जामिया यूनिवर्सिटी में हुई हिंसा के लिए पुलिस की निंदा की और कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ, वह जलियांवाला बाग जैसा है. ऐसा नहीं होना चाहिए था. 

शिवसेना पहले ही निशाने पर है
महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी के सहयोग से सरकार बनाने वाली शिवसेना पहले ही निशाने पर है. नागरिकता कानून पर भी शिवसेना का दोहरा रुख सामने आया था. अब जामिया मिलिया इस्लामिया में हुई कार्रवाई को जलियांवाला बाग जैसी कार्रवाई बताने पर भाजपा तो हमलावर हो ही रही है, साथ ही इसे शिवसेना की कांग्रेसी पहचान के तौर पर भी देखा जा रहा है. यह बयान देने पर लोगों ने भी ट्वीट कर शिवसेना को घेरा है. उद्धव ठाकरे का यह बयान व्यक्तिगत लालच से फलित बताया जा रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बयान पर उद्धव का घेराव किया है. 

नागरिकता कानून को लेकर जाफराबाद में प्रदर्शन

रविवार को हुआ था प्रदर्शन
रविवार को संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में अराजक तत्वों ने जमकर तांडव मचाया था. पुलिस और जामिया प्रशासन दोनों का शुरू से कहना है कि हिंसा में छात्रों का कोई हाथ नहीं था. हिंसा में बाहरी लोग शामिल थे जो आगजनी, तोड़फोड़ के बाद जामिया कैंपस में घुस गए थे. उनको पकड़ने के लिए पुलिस भी शाम को कैंपस में घुस गई. पुलिस पर बिना इजाजत कैंपस में घुसने, स्टूडेंट्स और स्टाफ को पीटने, लाइब्रेरी में तोड़फोड़ करने और आंसू गैस के गोले छोड़ने के भी आरोप लगे थे.

जामिया हिंसा पर पुलिस का बयान कहा हमने नहीं चलाई गोली, कई जवान भी हुए हैं घायल