close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ा! केंद्र ने पांच राज्यों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई

केंद्र सरकार ने दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए पांच राज्यों के पर्यावरण मंत्री और मुख्य अधिकारियों की बैठक बुलाई है. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे.

दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर बढ़ा! केंद्र ने पांच राज्यों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई

नई दिल्ली: दिल्ली में वायु प्रदूषण के हालात खराब है. हवा की शुद्धता का पैमाना बार-बार कह रहा है कि दिल्ली की स्थिति गंभीर है. हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है. चंद दिनों पहले तक जो हवा सुहानी थी अब वो जहरीली हो गई है.

इस मसले को केंद्र ने गंभीरता से लेते हुए 17 अक्टूबर को पांच राज्यों के पर्यावरण मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई है. जानकारी के अनुसार इस बैठक की अध्यक्षता खुद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे. 

इन पांच राज्यों के पर्यावरण मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव को बुलाया गया.

  1. पंजाब
  2. हरियाणा
  3. दिल्ली
  4. उत्तर प्रदेश
  5. राजस्थान

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण घटाने के लिए लागू GRAP के नियमों का कोई खास असर नहीं दिख रहा है. बुधवार को राजधानी में पीएम 2.5 और पीएम 10 दोनों 'खराब' हालत में रहे. दिल्ली के लोधी रोड एरिया में औसत एयर 

क्वॉलिटी इंडेक्स यानी AQI 272 रहता है. जो मंगलवार रात 9 बजे तक 480 यानी 'गंभीर' स्थिति में पहुंच गया था. 

  • सिरी फोर्ट में AQI - 387
  • रोहिणी में AQI - 348
  • नेहरू नगर में AQI - 332

राजधानी दिल्ली ही नहीं बल्कि एनसीआर में भी हवा का हाल बेहद खराब है.

  • गाजियाबाद में औसत एयर क्वॉलिटी इंडेक्स यानी AQI - 322
  • वहीं नोएडा में औसत एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 326 पर पहुंच गया है
  • इसके अलावा गुड़गांव में AQI 326 प्वाइंट रहा 

दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण बढ़त की सबसे बड़ी वजह पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर पराली जलाने को माना जा रहा है. जानकारों का मानना है कि अगर यही हालात रहे तो अगले दो दिनों में दिल्ली 

की एयर क्वॉलिटी खराब और बेहद खराब कैटिगरी के बीच झूलती रहेगी.

इन सबके बीच हवा की सेहत सुधारने के लिए दिल्ली-एनसीआर में लागू किए गए नियमों की धज्जियां उड़ने के मामले भी सामने आए है. कहीं कंस्ट्रक्शन साइटों पर रोजाना की तरह धूल उड़ती दिखाई दी. तो कई जगहों पर कूड़े में 

आग लगाई गई, सोसायटियों और दुकानों पर जेनरेटरों का धुआं भी उड़ता देखा गया. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि GRAP के नियमों का यहां कोई असर नहीं हो रहा है.