केंद्र सरकार देशद्रोही, कश्मीर जाने वाले मंत्री कायरः मणिशंकर अय्यर

अय्यर केंद्र सरकार की उस रणनीति का विरोध कर रहे थे, जिसके तहत 36 मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर भेजकर उन्हें केद्र की योजना के लिए जागरूक करने की बात कही जा रही थी.  उन्होंने सरकार के कश्मीर में 36 मंत्रियों को भेजे जाने के फैसले की आलोचना की और उन्हें डरपोक बताया. 

केंद्र सरकार देशद्रोही, कश्मीर जाने वाले मंत्री कायरः मणिशंकर अय्यर

नई दिल्लीः कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर से अपना मुंह खोला है. लगातार विवादित बयान देने और बिगड़े बोलों के लिए पहचाने जाने वाले अय्यर ने इस बार कश्मीर और 370 को लेकर टिप्पणी की है. वह केरल के मल्लपुरम में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. यहां उन्होंने केंद्र सरकार को देशद्रोही और मंत्रियों को कायर-डरपोक बता दिया.

अय्यर केंद्र सरकार की उस रणनीति का विरोध कर रहे थे, जिसके तहत 36 मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर भेजकर उन्हें केद्र की योजना के लिए जागरूक करने की बात कही जा रही थी.  उन्होंने सरकार के कश्मीर में 36 मंत्रियों को भेजे जाने के फैसले की आलोचना की और उन्हें डरपोक बताया. 

मंत्रियों को कश्मीर भेजे जाने की आलोचना की
अय्यर ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग धोखेबाज हैं. ये लोग जनता के प्रतिनिधि नहीं हैं. अगर होते तो कई साल पहले से चुने गए होते. उन्होंने कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार घाटी में अपने 36 मंत्री भेज रही है. वे लोग इतने डरपोक हैं कि उनमें से 31 केवल जम्मू जा रहे हैं और सिर्फ 5 कश्मीर जाएंगे. जम्मू-कश्मीर केंद्रशासित प्रदेश में केंद्र के संपर्क कार्यक्रम के तहत 36 केंद्रीय मंत्री प्रदेश का दौरा करेंगे.

इनमें से केवल 5 मंत्री 4 दिनों में कश्मीर का दौरा करेंगे. बाकी, जम्मू इलाके की यात्रा करेंगे. इसे लेकर अधिकारियों ने बताया कि यात्रा पर आने वाले मंत्री लोगों से संवाद करेंगे और उनसे विकास के विषय पर बातचीत करेंगे.

दिल्ली विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा अकाली दल, CAA पर भाजपा से मतभेद

सिर्फ मुस्लिम विरोधी कानून लाने की कोशिश
कांग्रेस नेता ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा कहती है कि अन्य दलों को मिलाकर राज्यसभा में उसके पास जोड़-तोड़ के लिए थोड़ा बहुत बहुमत है, इसलिए हम उन सभी मुस्लिम विरोधी कानूनों को आगे बढ़ाएं, जो हम चाहते हैं. उन्होंने कहा कि इसकी शुरुआत संविधान के आर्टिकल 370 को निरस्त करने और 35ए को हटाने से की गई. उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया, और घाटी के लोगों पर अत्याचार किया गया. चार हजार नेताओं को जेलों में बंद कर दिया गया.

शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे दिग्विजय सिंह