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हट जाएगी गांधी परिवार की SPG सुरक्षा, मिल रही है Z Plus सिक्योरिटी

केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बाद अब गांधी परिवार से भी विशेष सुरक्षा बल (SPG) को हटाने का आदेश दे दिया है. केंद्र सरकार ने सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से SPG सुरक्षा वापस लेकर उन्हें Z Plus  सुरक्षा देने का फैसला लिया है. इसके साथ ही सोनिया गांधी के आधिकारिक निवास दस जनपथ पर सीआरपीएफ की जेड प्लस सिक्योरिटी के जवान पहुंच गए हैं. 

हट जाएगी गांधी परिवार की SPG सुरक्षा, मिल रही है Z Plus सिक्योरिटी

नई दिल्ली: सरकार ने कहा कि उन्होंने सभी इनपुट्स से मिली जानकारी के बाद ही सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है. एसपीजी सुरक्षा किसे और क्यों दी जाए इसका निर्धारण सरकार करती है. यह देश की सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा है जो सिर्फ White Collar में से भी कुछ गिने-चुने संवैधानिक पद पर बैठे लोगों को दिया जाता है. फिलहाल यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा गांधी परिवार को यह सुरक्षा दी गई थी. 

SPG कानून में संशोधन करेगी सरकार

केंद्र सरकार ने फिलहाल गांधी परिवार को Z Plus  सुरक्षा देने की बात कही है जो एसपीजी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था है. विशेष सुरक्षा हटाने से पहले कांग्रेस की प्रियंका गांधी से पूछा भी गया था कि क्या उन्हें सरकारी आवास छोड़ने में कोई दिक्कत है, जिसका जवाब उन्होंने ना में दिया. 

इंदिरा गांधी की हत्या के बाद बनाई गई SPG प्रणाली

दरअसल, PM  के अलावा उनके परिवार और परिजनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG को दी गई है. 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद प्रधानमंत्री की बेहतर सुरक्षा के लिहाज से इस व्यवस्था की जरूरत महसूस की गई. इसके पहले दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ही प्रधानमंत्री की सुरक्षा मामले पर नजर रखती थी. 1985 में इस व्यवस्था के निर्धारण का जिम्मा गृह मंत्रालय को दे दिया गया. 1988 तक SPG अस्तित्व में आ गई. 
 
क्या है SPG सुरक्षा का मतलब

SPG सुरक्षा व्यवस्था देश की सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेता है. यह कोई हमलावर फोर्स नहीं बल्कि रक्षात्मक बल है. इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है. इसके जवानों का चुनाव पारामिलिट्री फोर्स यानी CRPF, BSF, ITBP और CISF के चुनिंदा जवानों में से किया जाता है. SPG के जवानों के पास नवीनतम तकनीक से लैस हथियार होते हैं. जवानों के पास Fully automated FNF-2000 की assault rifles होती है. कमांडो एक पिस्टल भी साथ रखते हैं और सेफ्टी के लिए बुलेटप्रुफ जैकेट्स भी पहनते हैं. इसके अलावा किसी भी तरह के खतरे को भांप सकने के लिए एक खास तरह का चश्मा भी लगाते हैं. 

Z Plus  सुरक्षा के क्या है मायने

जबकि Z Plus  सुरक्षा व्यवस्था में 55 जवान होते हैं जिनमें 10 ट्रेनिंग ले कर परिपक्व NSG कमांडो के अलावा एक पुलिस ऑफिसर भी शामिल होता है. हालांकि पहले सुरक्षा घेरे की जिम्मेदारी NSG कमांडोज की ही होती है. इसमें भी ITBP और CRPF  के जवानों की भर्ती होती है जिन्हें हार्डकोर ट्रेनिंग दी जाती है. इसके अलावा Z Plus  सुरक्षा में पायलट वाहन भी दिए जाते हैं. फिलहाल गांधी परिवार को ये तमाम सुविधाएं दी जाएंगी. इस सुरक्षा व्यवस्था के अलावा और भी कई कैटेगरी होती है जिसके तहत संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं, बाबुओं, फिल्मी हस्तियों को सुरक्षा दी जाती है. देश में राष्ट्रपति से लेकर उप-राष्ट्रपति तक प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रिमंडल के नेताओं तक के लिए अलग-अलग सुरक्षा व्यवस्थाएं निर्धारित की गईं हैं. SPG और Z Plus के अलावा Z सुरक्षा, Y सुरक्षा और X  सुरक्षा की भी व्यवस्था है जो महत्वपूर्ण पदों पर बैठे व्यक्ति को क्रम के हिसाब से दी जाती है.