10 प्रतिशत से ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले जिलों की बढ़ी संख्या, केंद्र ने जताई चिंता

केंद्र सरकार ने देश के कई जिलों में कोरोना संक्रमण दर 10 प्रतिशत से ज्यादा होने पर चिंता जताई है. 

Written by - Zee Hindustan Web Team | Last Updated : Jul 28, 2021, 12:10 AM IST
  • 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों की 46 से बढ़कर 54 हुई संख्या.
  • सात राज्यों के बाईस जिलों में देखी गई है संक्रमण में वृद्धि.
 10 प्रतिशत से ज्यादा कोरोना संक्रमण वाले जिलों की बढ़ी संख्या, केंद्र ने जताई चिंता

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों की संख्या पिछले सप्ताह 46 से बढ़कर 54 हो गई है और कोविड-19 के औसत दैनिक मामलों में कमी आने की दर भी धीमी हुई है, जो चिंता का कारण है.

अधिकारियों ने कुछ देशों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोत्तरी का उल्लेख करते हुए कहा कि हालोंकि भारत में दैनिक मामलों में लगातार कमी आ रही है लेकिन महामारी अब तक खत्म नहीं हुई है और देश को सतर्क रहना होगा.

54 हुई 10 प्रतिशत से ज्यादा संक्रमण वाले जिलों की संख्या 
संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 26 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 10 प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले जिले पिछले सप्ताह (14-20 जुलाई) के 46 से बढ़कर 54 हो गए, जो चिंता का विषय है. ये 54 जिले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हैं, जिनमें केरल (10), मणिपुर (10), नागालैंड (7), मिजोरम (6), मेघालय (6), अरुणाचल प्रदेश (5) और राजस्थान (4) शामिल हैं.

गिरावट की दर में आई कमी है चिंता का विषय
अग्रवाल ने कहा कि पिछले चार सप्ताह से दैनिक कोविड-19 के मामलों में सात राज्यों के बाईस जिलों- केरल (7), मणिपुर (5), मेघालय (3), अरुणाचल प्रदेश (3), महाराष्ट्र (2), असम (1), त्रिपुरा (1) में वृद्धि की प्रवृत्ति देखी गई है, जो चिंता का विषय है. उन्होंने कहा, 'आठ जिले ऐसे हैं, जहां संक्रमण दर में गिरावट देखी जा रही थी, लेकिन अब वहां कोविड-19 के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है.' अग्रवाल ने कहा, 'औसत दैनिक नए मामले 5-11 मई के बीच 3,87,029 से घटकर 21-27 जुलाई के बीच 38,090 हो गए. पिछले कुछ हफ्तों में गिरावट की दर में कमी आई है, जो चिंता का विषय बनी हुई है.'

कई जिलों में फिर बढ़ रहे हैं मामले 
नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल ने कहा कि कुछ जिलों में जहां मामलों में कमी देखी जा रही थी, अब वहां मामले बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, 'यह एक मौका हो सकता है, सामान्य से अलग हो सकता है लेकिन यह चिंता का कारण भी है और हमें सावधान रहने की जरूरत है. (दूसरी) लहर खत्म नहीं हुई है. हम थके हुए हो सकते हैं लेकिन वायरस थका नहीं है. यह हमारे लिए अलर्ट की तरह है.'

कोरोनो का नहीं लिया जा सकता है हलके में 
उन्होंने कहा, 'आठ जिलों में संक्रमण कम हुआ और अन्य जिलों में संक्रमण बढ़ रहा है, यह संकेत देता है कि चीजों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है, वायरस के व्यवहार को हल्के में नहीं लिया जा सकता है. संक्रमण के लिहाज से संवेदनशील आबादी अभी भी है. हालांकि टीकाकरण प्राप्त करने वाली आबादी में वृद्धि हुई है, लेकिन यह पूर्ण गारंटी नहीं है.'

अग्रवाल ने कहा, 'नए मामलों में कमी आई है और वे सीमित भौगोलिक क्षेत्रों में ही हैं जो स्थानीय कारणों से हुए हैं लेकिन महत्वपूर्ण यह है कि संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए उन क्षेत्रों में उचित रोकथाम प्रयास, प्रतिबंध, सामाजिक दूरी और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन किया जाए.'

सोमवार को आए लगभग  30 हजार मामले 
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, एक दिन में कोविड-19 के 29,689 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,14,40,951 हो गई. उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी कम होकर 3,98,100 रह गई है, जो कुल मामलों का 1.27 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 13,089 कमी आई है. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.39 प्रतिशत है.

बच्चों में चल रहा है टीके का परीक्षण 
बच्चों के टीकाकरण पर अग्रवाल ने कहा कि भारत बायोटेक के कोवैक्सिन और जायडस कैडिला के टीके का क्लिनिकल परीक्षण चल रहा है और जैसे ही बेहतर परिणाम आएंगे, विशेषज्ञ निर्णय लेंगे कि बच्चों के टीकाकरण की अनुमति कब दी जा सकती है. डेल्टा प्लस स्वरूप पर एक सवाल के जवाब में अग्रवाल ने कहा, 'हमारे टीके डेल्टा प्लस स्वरूप पर प्रभावी हैं. आईसीएमआर के महानिदेशक ने कहा है कि डेल्टा प्लस पर अध्ययन चल रहा है और आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है. हम जल्द ही आपको इस बारे में बताएंगे.'

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