close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

इंद्राणी मुखर्जी के इस नए बयान के बाद बढ़ सकती हैं चिदंबरम की मुश्किलें

पुत्रमोह में पड़ कर कांग्रेस सरकार में वित्तमंत्री रहे चिदंबरम ने न सिर्फ गैर-कानूनी कंपनी को मान्यता दिला दी बल्कि कंपनी खड़ा करने के लिए 3 करोड़ रूपए भी लिए थे. अब तक तो यही कहा जा रहा था लेकिन शुक्रवार को इंद्राणी मुखर्जी ने सीबीआई को दी जानकारी में एक और खुलासा किया. जिसके  बाद उनकी मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ सकती हैं.   

इंद्राणी मुखर्जी के इस नए बयान के बाद बढ़ सकती हैं चिदंबरम की मुश्किलें

नई दिल्ली: INX मीडिया केस में पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें अब और भी बढ़ सकती हैं. इस मामले में आईएनएक्स मी़डिया की मालकिन इंद्राणी मुखर्जी ने एक और खुलासा किया है. इंद्रानी मुखर्जी ने शुक्रवार को सीबीआई को बताया कि उन्होंने पी चिदंबरम और कार्ति चिदंबरम को 5 मिलियन डॉलर तकरीबन 35 करोड़ रूपए दिए हैं. इसकी जानकारी सीबीआई के द्वारा दाखिल चार्जशीट के माध्यम से मिली जिसके बाद एंजेसी ने सीनियर और जूनियर चिदंबरम सहित एफआईपीबी के तत्कालीन अधिकारियों पर चार्जशीट दायर किया.

एफआईपीबी के नियमों के खिलाफ INX को दिलाई मंजूरी

आईएनएक्स मीडिया केस में कांग्रेस नेता पी चिदंबरम को पहले से ही जेल में रखा गया है. सीबीआई ने मामले से जुड़े सभी अभियुक्तों पर भारतीय दण्डसंहिता की धारा 120-बी ( क्रीमिनल कांस्पिरेसी), धारा 13(1)(d)के तहत सरकारी पद पर बैठते हुए गलत कार्यों में संलिप्त, धारा 13 (2), धारा 420 (चीटिंग),धारा 468 ( फार्जरी) सहित कई और मामलों में दोषी पाया है. दरअसल, अपनी ही बेटी के मर्डर केस में दोषी पाए गए पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी से सीबीआई मामले की पूरी जानकारी इकठ्ठा कर रही है. इंद्राणी मुखर्जी ने इससे पहले सीबीआई को बताया कि INX मीडिया कंपनी को खड़ा करने के लिए जूनियर चिदंबरम का साथ मांगा था जब एफआईपीबी के नियमों के तहत 4.62 करोड़ रूपए से ज्यादा के विदेशी निवेश को पहली बार में मंजूरी नहीं मिल पाई.

पुत्रमोह में पड़कर चिदंबरम हो गए जेल के अंदर

उसी दौरान वे 2007 में चिदंबरम से भी मिले थे जिन्होंने उन्हें फिर से एफआईपीबी में अप्लाई करने को कहा और इस बार विदेशी निवेश को नियमों के विरूद्ध ही मंजूर करा लिया. इसके अलावा पुत्रमोह में पड़कर कार्ति चिदंबरम की अतिरिक्त कंपनी जो उस वक्त तक रजिस्टर्ड कंपनी भी नहीं थी, उसे खड़ा करने के लिए तीन करोड़ रूपए रिश्वत ली. कार्ति चिदंबरम की एडवांसड स्ट्रैटजिस्ट कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड पूरी तरह से एक फ्रॉड कंपनी पाई गई. जिसके बाद 2017 में ईडी के द्वारा उनपर पीएमएलए के तहत मनी लॉ़ड्रिंग का केस चलाया गया. बाद में 2018 में सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.  

ईडी ने जब्त की चिदंबरम की 54 करोड़ की संपत्ति

इस दौरान सीबीआई को प्रवर्तन निदेशालय की छानबीन में एक और जानकारी मिली कि कार्ति चिदंबरम के दिल्ली, ऊटी, चेन्नई, लंदन और स्पेन में भी 54 करोड़ की संपत्ति ऐसी भी है जिसका कोई ब्योरा नहीं मिला. ईडी ने उसे भी INX मीडिया केस के साथ ही अटैच कर लिया. इंद्राणी मुखर्जी के मुताबिक पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने उनसे कई दफा मुलाकात की और कार्ति चिदंबरम की कंसल्टेंसी कंपनी को खड़ा करने के लिए मदद भी मांगी. 2017 में सीबीआई ने चिदंबरम पर भी मनी लॉड्रिंग का केस दर्ज किया. फिलहाल 24 अक्टूबर तक उन पर फैसला आने तक चिदंबरम को कस्टडियल रिमांड पर रखा गया है.