अयोध्या विवाद: CJI ने मुस्लिम पक्ष के वकील को लगाई लताड़! न्यायालय ने कहा, ‘अब बहुत हो चुका’

देश के सबसे पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर चल रही सुप्रीम सुनवाई का आज आखिरी दिन है. आज शाम 5 बजे देश की सर्वोच्च अदालत में सुनवाई पूरी हो जाएगी.

अयोध्या विवाद: CJI ने मुस्लिम पक्ष के वकील को लगाई लताड़! न्यायालय ने कहा, ‘अब बहुत हो चुका’

नई दिल्ली: सैकड़ों साल पुराने मामले को लेकर देश की सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को अपना रुख साफ कर दिया है. स्पष्ट किया गया है कि अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद संबंधी राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में प्रतिदिन हो रही सुनवाई को बुधवार शाम को पूरी कर दी जाएगी. साथ ही न्यायालय ने कहा, ‘अब बहुत हो चुका’

यानी राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट आज शाम 5 बजे तक अपनी सुनवाई पूरी कर लेगी. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि वह पिछले 39 दिनों से अयोध्या भूमि विवाद मामले में सुनवाई कर रही है और मामले में सुनवाई पूरी करने के लिए किसी भी पक्षकार को आज (बुधवार) के बाद अब और समय नहीं दिया जाएगा.

..जब राजीव धवन ने खोया अपना आपा

आज की सुनवाई में एक दिलस्प बात ये देखी गई कि कोर्ट रूम में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने जज के सामने नक्शा फाड़ दिया. जिसके बाद चीफ जस्टिस ने धवन को लताड़ लगाने हुए कहा कि अगर अब ऐसी घटना दोहराई गई. तो तुरंत सुनवाई रोक दी जाएगी.

इस पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. पीठ ने मामले की, 40वें दिन सुनवाई शुरू होने पर कहा, ‘इस मामले की सुनवाई आज शाम पांच बजे पूरी हो जाएगी. अब बहुत हो चुका.’

17 नवंबर से पहले फैसला!

न्यायालय ने पहले कहा था कि सुनवाई 17 अक्टूबर को पूरी हो जाएगी. अब इस समय सीमा को एक दिन पहले कर दिया गया है. प्रधान न्यायाधीश का कार्यकाल 17 नवंबर को समाप्त हो रहा है. ऐसे में माना जा रहा है कि इस मामले में 17 नवंबर से पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ सकता है.

पीठ ने सुनवाई में हस्तक्षेप की एक पक्षकार की याचिका को भी खारिज कर दिया और कहा कि सुनवाई के इस चरण पर अब किसी हस्तक्षेप की इजाजत नहीं दी जाएगी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला

आपको याद दिला दें कि सुप्रीम कोर्ट की ये पांच जजों वाली संविधान पीठ अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि को तीन पक्षकारों-सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बराबर बांटने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले के खिलाफ दायर 14 अपीलों पर सुनवाई कर रही है.