देहरादून के संयुक्त सचिव के घर बाल आयोग का छापा, बच्चियां बरामद

राजधानी देहरादून के जीएमएस रोड में रहने वाले संयुक्त सचिव प्रकाश आर्य के घर नाबलिग बच्चियों से बाल श्रम का मामला सामने आया है. वहीं सूचना मिलते ही बाल आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी और बाल आयोग के अधिकारियों ने सचिव के घर पर छापा मारकर बच्चियों को बरामद किया है.

देहरादून के संयुक्त सचिव के घर बाल आयोग का छापा, बच्चियां बरामद

देहरादूनः राजधानी देहरादून में संयुक्त सचिव प्रकाश आर्य के घर नाबालिग बच्चियों से बाल श्रम करवाने का मामला सामने आया है. सूचना मिलते ही बाल आयोग की टीम ने अधिकारी के घर छापा मारा. टीम को मौके पर दो नाबालिग बच्चियां मिलीं, जो पिछले लंबे समय से अधिकारी के घर पर काम कर रही थीं. बाल आयोग की टीम ने लड़कियों को मुक्त कराकर अपने संरक्षण में लिया, जबकि परिवार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है.  हाल ही में अपर मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें सभी अधिकारी व कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया था कि घर में किसी भी नाबालिग से काम न कराया जाए. अगर ऐसा पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

क्या है पूरा मामला?
राजधानी देहरादून के जीएमएस रोड में रहने वाले संयुक्त सचिव प्रकाश आर्य के घर नाबलिग बच्चियों से बाल श्रम का मामला सामने आया है. वहीं सूचना मिलते ही बाल आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी और बाल आयोग के अधिकारियों ने सचिव के घर पर छापा मारकर बच्चियों को बरामद किया है.

बताया जा रहा है कि यह बच्चियां पिछले लंबे समय से संयुक्त सचिव प्रकाश आर्य के घर पर काम कर रही थीं.वहीं बाल आयोग की अध्यक्षा उषा नेगी ने जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें पिछले लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि दो नाबालिग बच्चियां संयुक्त सचिव के घर पर काम कर रही हैं, जिसको लेकर उन्होंने वहां पर छापेमारी की है. उन्होंने बच्चियों से भी बातचीत की है. हालांकि उषा नेगी ने कहा कि नाबालिग बच्चों से काम नहीं करवाना चाहिए था बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा देनी चाहिए. फिलहाल पूरे मामले की अभी जांच चल रही है.

राधा रतूड़ी ने दिए थे आदेश
हाल में ही अपर  मुख्य सचिव कार्मिक राधा रतूड़ी ने कहा था कि कोई भी लोग नाबालिग बच्चियों से अपने घर का काम नहीं करवा सकते जो इसमें शामिल पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वहीं इस मामले में परिवार का कहना है कि वो इन बच्चियों को अपने बच्चों की तरह प्यार करते हैं और वो उनको पढ़ाने से लेकर हर तरह का ध्यान रखती हैं. हालांकि उनसे ये चूक जरूर हुई कि इस बारे में कानूनी प्रकिया को वो पूरा नहीं कर पाईं. अगर हम उसको उसके घर भेज देते तो उसकी सौतेली मां उसकी शादी करा देती. उनकी मां इनकी देखभाल नहीं कर पा रही थी, जिस कारण वो इनको अपने पास ले आई.

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