कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स की बैठक, अनिल अंबानी का इस्तीफा नामंजूर

आरकॉम की ओर से बीएसई फाइलिंग में बताया गया है कि 20 नवंबर को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) की एक बैठक हुई. इस बैठक में अनिल अंबानी समेत 5 डायरेक्टर्स के इस्तीफे पर चर्चा हुई. जिसके बाद बैठक में कमेटी ने पांचों डायरेक्टर्स के इस्तीफे को नामंजूर किए जाने का फैसला किया.

कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स की बैठक, अनिल अंबानी का इस्तीफा नामंजूर

नई दिल्लीः रिलायंस कम्युनिकेशन के कर्जदारों ने चेयरमैन अनिल अंबानी और 4 अन्य डायरेक्टरों का उनके पद से इस्तीफा नामंजूर कर दिया है. उन्होंने इन सभी से दिवालिया समाधान प्रक्रिया में सहयोग करने के लिए कहा है. रिलायंस कम्युनिकेशंस के डायरेक्टर पद से हाल ही में अनिल अंबानी ने इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद से अनिल अंबानी की औद्योगिक गिरावट पर चर्चाएं शुरू हो गई थीं.  आरकॉम की ओर से बीएसई फाइलिंग में बताया गया है कि 20 नवंबर को कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) की एक बैठक हुई. इस बैठक में अनिल अंबानी समेत 5 डायरेक्टर्स के इस्तीफे पर चर्चा हुई. जिसके बाद बैठक में कमेटी ने पांचों डायरेक्टर्स के इस्तीफे को नामंजूर किए जाने का फैसला किया.

कंपनी को हुआ है आर्थिक घाटा
हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM)  की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए गए थे. जुलाई-सितंबर की तिमाही में कंपनी को 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है, जो कॉरपोरेट इतिहास में वोडाफोन-आइडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा घाटा था.

इसके बाद कंपनी ने बयान जारी कर इस्तीफे की बात कही थी. दिवाला प्रक्रिया में चल रही कंपनी ने इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,141 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था.

चार और लोगों ने पद से दिया था इस्तीफा
अनिल अंबानी के अलावा छाया विरानी, रायना कारानी, मंजरी काकेर और सुरेश रंगाचर ने भी इस्तीफा दे दिया था. इनमें से अनिल अंबानी, छाया विरानी और मंजरी काकेर ने 15 नवंबर को इस्तीफा दिया था जबकि रायना कारानी ने 14 नवंबर और सुरेश रंगाचर ने 13 नवंबर को पद छोड़ दिया था. लेकिन अब कर्जदाताओं की ओर से यह सभी इस्तीफे नामंजूर कर दिए गए हैं. मौजूदा समय में रिलायंस कम्युनिकेशंस दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है. 2008 में अनिल अंबानी के पास 42 अरब डॉलर की संपत्ति थी, जो 11 साल बाद यानी 2019 में घटकर 5230 मिलियन डॉलर यानी करीब 3651 करोड़ रुपये हो गई. इस संपत्ति में गिरवी वाले शेयर की कीमतें भी शामिल हैं.

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2014 से बढ़ी अनिल अंबानी की मुश्किलें
अनिल अंबानी की मुश्किलें 2014 में बढ़ने लगीं और एक रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2018 में ग्रुप पर कुल 1.72 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था. दोनों भाइयों में बंटवारे के बाद अनिल अंबानी के अधीन वाली रिलायंस ग्रुप कंपनीज का मार्केट कैप मार्च 2008 में 2 लाख 36 हजार 354 करोड़ था. फरवरी 2019 में घटकर यह 24 हजार 922 करोड़ पर पहुंच गया. जून में तो ग्रुप की छह कंपनियों का मार्केट कैप 6,196 करोड़ पर पहुंच गया था.

उस दौरान कहा गया था कि अनिल अंबानी अब अबरपतियों की लिस्ट से बाहर हो गए हैं और उनकी निजी संपत्ति एक अरब डॉलर के नीचे पहुंच गई है. दूसरी तरफ अक्टूबर में मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का मार्केट कैप 9 लाख करोड़ के पार पहुंच गया था. ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति 51.40 अरब डॉलर है.

आखिर जिस सीढ़ी से मुकेश अंबानी शीर्ष पर पहुंचे, अनिल उसी से नीचे कैसे उतर आए