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कमलेश के हत्यारोपियों का कबूलनामा! यहां पढ़ें, उन 7 सवालों के जवाब

वो हत्याकांड जिससे सिर्फ यूपी ही नहीं पूरा देश की सियासत में उबाल आ गया. उस कमलेश के हत्यारोपियों ने एटीएस की पूछताछ में अपने कारनामे को कबूल कर लिया है. इस दौरान एटीएस ने 7 अहम सवाल पूछे, जिसके जवाब हत्यारोपियों ने कुछ इस अंदाज में दिया.

कमलेश के हत्यारोपियों का कबूलनामा! यहां पढ़ें, उन 7 सवालों के जवाब

नई दिल्ली: लखनऊ में हिन्दुवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के मामले में यूपी एटीएस की जांच में आरोपियों का चौंकाने वाला कबूलनामा सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक, यूपी एटीएस के सवालों के जाल में हत्यारोपी ऐसे फंसे कि अपने गुनाहों की पूरी दास्तान बयान कर दी. कमलेश की हत्या के आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन से पूछे गए सवालों के जो जवाब जांच एजेंसियो को मिलें, उससे काफी हद तक कमलेश तिवारी की हत्या का मकसद और उसके बाद की कहानी का साफ हो गई.

ATS के 7 सवाल और हत्यारोपियों के जवाब

सवाल नंबर 1

एटीएस: क्या तुम लोगों ने हत्या की है?

अशफाक: जो मैंने वादा किया था, वो पूरा करके दिखाया.

सवाल नंबर 2

एटीएस: कब से इस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे?

अशफाक: 2015 के कमलेश तिवारी के बयान के बाद इस प्लान के तहत सूरत में ही कई लोगों से मिला था. इसके बाद मोइनुद्दीन ने बताया कि इसी प्लान के तहत वो इससे पहले भी 2018 में लखनऊ आ चुका है. तब उसके संपर्क में कोई नहीं आया था.

सवाल नंबर 3

एटीएस: कमलेश की हत्या कैसे की?

अशफाक: सबसे पहले पिस्टल से फायर किया, लेकिन, एक गोली चलाने के बाद पिस्टल की गोली फंस गयी. इसके बाद कमलेश तिवारी हमारे ऊपर हावी होने की कोशिश करने लगा. जिसके बाद मैंने और मोइनुद्दीन दोनों ने अलग-अलग चाकुओं से कमलेश तिवारी पर वार किये और जब लगा की वो मर गया तो वहां से भाग गए. घर के थोड़ी दूर जाकर एक चाकू फेंक दिया. दो पिस्टल और गोलियां करीब 50 हजार रुपये में खरीदी थीं. इसके अलावा 3200 रुपये में चाकू का एक सेट खरीदा था.

सवाल नंबर 4

एटीएस: इतनी बेहरमी से हत्या करना कहां से सीखा?

अशफाक: हत्या से पहले यूट्यूब पर चाकू से गला रेतने के कई वीडियो देखे थे. आसिम ने हत्या करने की ट्रेनिंग भी दी थी, लेकिन जल्दबाजी में सिखाया हुआ भूल गए और जो उस वक्त समझ में आया वो किया.

सवाल नंबर 5

एटीएस: आसिम, राशिद, फैजान और मोहसिन शेख से वो कहां और कब मिले?

मोइनुद्दीन: सभी लोगों से संपर्क हो जाता है, जो इस काम में हमारे मददगार थे उनका शुक्रिया.

सवाल नंबर 6

एटीएस: हत्या के बाद का क्या प्लान था?

अशफाक: रशीद ने 70 हजार रूपए दिए थे और कहा था कि ये काम कर पाओगे न? काम खत्म होने के बाद जब हमने बताया कि काम हो गया, तब उन्होंने हमें हमारे मददगारों के पास जाने को कहा. वहां से जरुरत के और पैसे मिलने की बात भी कही गयी. हमसे ये भी कहा गया कि कर्नाटक से एक फोन आएगा और तुम्हारा सरेंडर वो करवा देगा, कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन बरेली पहुंचते ही हमें पता चला कि हमारे मददगारों तक पुलिस की जांच पहुंच गई है. इसी डर से कई लोगों ने हमसे संपर्क ही नहीं किया.

सवाल नंबर 7

एटीएस: हत्या के बाद कहां-कहां गए?

मोइनुद्दीन: आप लोगों को तो सब पता है. काश अशफाक ने अपनी पत्नी को फोन नहीं किया होता, तो हम पकड़े जाने की जगह सरेंडर करते. अगर आसिम नहीं पकड़ा गया होता, तो हम लोग नेपाल में ही रहते, लेकिन आसिम पकड़ा गया इसलिए हमारे पास कोई और रास्ता नहीं था.

पूछताछ के दौरान कमलेश तिवारी की हत्या के आरोपी अशफाक और मोइनुद्दीन ने उन लोगों के नामों का खुलासा भी किया जिन्होंने इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद उनकी मदद की थी.