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राहुल पर बयान देकर फंस गए सलमान खुर्शीद? जानिए क्या हैं सियासी मायने

क्या कांग्रेस का बुरा वक्त खत्म भी होगा? क्या कांग्रेस अपने पुराने खिलाड़ियों को खुद ही रन-आउट करा रही है? क्या कांग्रेस परिवारवाद की छवि से खुद को कभी निकाल पाएगी? ये तमाम सवाल तब ज्यादा जरूरी बन जाते हैं, जब सलमान खुर्शीद सरीखे बड़े नेता ही शीर्ष नेतृत्व पर सवालिया निशान खड़ा करने लग जाएं.

राहुल पर बयान देकर फंस गए सलमान खुर्शीद? जानिए क्या हैं सियासी मायने

नई दिल्ली: कांग्रेस की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कांग्रेस के बड़े नेता सलमान खुर्शीद ने पार्टी के लिए जो बयान दिया वह महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड विधानसभा चुनाव कांग्रेस को बैकफुट पर ला कर खड़ा कर सकता है. सलमान खुर्शीद ने कहा कि लोकसभा चुनाव की हार के बाद राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ देने के बाद पार्टी हार के असल कारण का मूल्यांकन नहीं कर पाई. जनाधार से वंचित रह गई पार्टी के कार्यकर्ताओं को सही संदेश मिल नहीं पाया.

हालांकि, कांग्रेस सरकार में विदेश मंत्री रहे खुर्शीद यही नहीं रूके, उन्होंने सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले पर भी चिंता जाहिर की और कहा कि चाहे कोई भी कांग्रेस का अध्यक्ष हो, वह पद पर बना रहे और सही फैसले ले. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला उस वक्त तक सही नहीं था. हार के कारणों का पता लगाना जरूरी था. दो हार के बावजूद भी नेता, नेता ही रहता है, पर दुर्भाग्यवश हमारे पास मूल्यांकन के लिए हमारा नेता ही नहीं था.

खुर्शीद के बयान का विधानसभा चुनाव पर कितना असर

सलमान खुर्शीद ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा की तैयारियों पर बात करते हुए कहा कि पार्टी तैयार है और जहां भी कुछ कमियां नजर आ रही हैं, उस पर काम किया जा रहा है. हमारे पास जबरदस्त मैनिफेस्टो के बाद भी कहां कमी रह जा रही है, उसका पता लगा,उन कमियों को दूर करने का जरूरत है. सलमान खुर्शीद के इस बयान के बाद कांग्रेस की आंतरिक कलह का चुनाव परिणामों पर भी कितना असर पड़ता है, उसका मूल्यांकन भी पार्टी परिणामों के बाद करे तो बेहतर होगा.

सियासी परिणामों के मूल्यांकन की भी जरूरत

संजय निरूपम के खुलेआम नाराजगी जाहिर करने के बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की चुप्पी और अब सलमान खुर्शीद के इस बयान के बाद गांधी परिवार और कांग्रेस की आलाकमान अब क्या फैसला लेती है, और इसके क्या सियासी परिणाम निकलते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा.