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सेना प्रमुख के PoK वाले बयान पर मचा घमासान! आदत से मजबूर है कांग्रेस?

सेना प्रमुख ने दो टूक संदेश दिया कि पीओके ही नहीं बल्कि गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का हिस्सा है. इसके बाद सियासत में उबाल तेज हो गया. कांग्रेस ने जनरल बिपिन रावत के बयान को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित करार दे दिया.

सेना प्रमुख के PoK वाले बयान पर मचा घमासान! आदत से मजबूर है कांग्रेस?

नई दिल्ली: भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पीओके और गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर बड़ा बयान दिया जिसके बाद सियासी गलियारों में उबाल तेज हो गया. कांग्रेस पार्टी ने सेना प्रमुख के बयान को राजनीति से प्रेरित करार दे दिया. आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने एक बार फिर कहा है कि PoK को पाकिस्तानी सरकार नहीं बल्कि आतंकवादियों और उनके संगठनों की ओर से नियंत्रित किया जाता है.

आर्मी चीफ का दो टूक संदेश

सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने कहा कि 'जम्मू कश्मीर भारत का हिस्सा है और जब हम जम्मू कश्मीर कहते हैं तो उसका मतलब PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान से भी है. इसका मतलब PoK और गिलगित-बाल्टिस्तान occupied टेरिटरी है जिसे हमारे पश्चिमी इलाके के पड़ोसी ने गलत तरीके से अपने अधिकार में रखा है. जिस क्षेत्र पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है, उसे पाकिस्तानी प्रशासन नियंत्रित नहीं करता बल्कि इसे आतंकवादी नियंत्रित करने हैं..पीओके वास्तव में एक आतंकवादियों के नियंत्रण वाला देश या फिर पाकिस्तान का आतंकवादी नियंत्रण वाला हिस्सा है.'

बौखलाए पाकिस्तान की नापाक करतूत

अनुच्छेद 370 के खात्मे के बाद से ही बौखलाया पाकिस्तान लगातार जम्मू कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिशों में जुटा है. पाकिस्तान को ये डर भी सता रहा है कि कहीं अब भारत कश्मीर के अपने उस हिस्से की ओर कदम ना बढ़ा दे. जिस पर उसने कब्जा कर रखा है. इसी खौफ और डर में वो लगातार बॉर्डर पर सीजफायर तोड़ रहा है, आतंकियों की घुसपैठ कराकर घाटी में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर में मानवाधिकारों के हनन का झूठा राग अलापकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहा है. हालांकि, दिवाली से पहले भारत ने उसे दो टूक संदेश दे दिया है कि पीओके ही नहीं बल्कि गिलगित-बाल्टिस्तान भी भारत का हिस्सा हैं. जिस पर उसने कब्जा कर रखा है.

भारत लगातार ये कहता रहा है कि पाकिस्तान अपनी सेना की मदद से पीओके में आतंकी ठिकाने संचालित करता रहा है. इन्हीं कैंपों में बैठकर पाकिस्तानी हुक्मरानों के इशारों पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिशें रची जाती हैं. कई बार इसके सबूत सामने आ चुके हैं.

बार-बार भारत ने पाक को सिखाया सबक

हाल ही में भारतीय सेना ने पीओके में चल रहे चार आतंकी कैंपों को निशाना बनाया था. उससे पहले भारतीय सेना ने एयरस्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक कर कई आतंकी कैंपों को ध्वस्त किया था. बावजूद इसके पाकिस्तान पीओके में आतंकियों की मौजूदगी को नकारता रहा है. लेकिन, खुफिया सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की मदद से पीओके में इस समय भी 200 से 300 आतंकी सक्रिय हैं.

देश के रक्षा प्रमुख ने सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान को शत प्रतिशत सही करार दिया है. लेकिन कांग्रेस पार्टी ने हर बार की तरह इसे सियासी रंग देना शुरू कर दिया.

और गरमा गई सियासत

जनरल बिपिन रावत के बयान पर देश की सियासत भी गरमा गई है. कांग्रेस ने जनरल रावत के बयान को पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है. कांग्रेस प्रवक्ता राशिद अल्वी ने कहा है कि जनरल रावत सेनाध्यक्ष हैं उन्हें इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए. वहीं भाजपा ने कहा है कि इस तरह के सवाल गैरवाजिब सवाल उठाने की कांग्रेस की पुरानी आदत है.

कांग्रेस के राशिद अल्वी का बयान

कांग्रेस नेता ने कहा है कि 'चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ को राजनीतिक बयान नहीं देने चाहिए. ये जिम्मेदारी सरकार की है, प्रधानमंत्री की है, रक्षा मंत्री की है. मुझे नहीं मालूम कि इस तरीके के बयान वो क्यों दे रहे हैं. इसमें कोई दो राय नहीं कि आतंकवादी पीओके में सक्रिय हैं और चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ अगर इस तरह का बयान देते हैं तो वो सेनाध्यक्ष हैं, सरकार से इजाजत लें पीओके पर हमला करें और वापस कश्मीर में उसे शामिल करें. सिर्फ बयान देने का कोई मतलब नहीं है और मुझे लगता है कि उनका रिटायरमेंट शायद नजदीक है.'

कांग्रेस के इस बयान के बाद भाजपा ने उसपर तीखा प्रहार किया है. भाजपा नेता ने आर्मी चीफ के बयान को जायज बताया है.

कांग्रेस पर भाजपा का प्रहार

भाजपा प्रवक्ता माधव भंडारी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि 'पाक अधिकृत कश्मीर हो या बाल्टिस्तान हो. ये सारा भारत का हिस्सा है जिसको 1948 में पाकिस्तान ने सैन्य कार्रवाई कर कब्जा किया है और आज तक अवैध कब्जा बनाए रखा है. आज भी वो भारत का हिस्सा है और भारत का हिस्सा रहेगा. जो सेना प्रमुख ने कहा है वो बिल्कुल जायज है.'

जम्मू कश्मीर में 370 के खात्मे के बाद दो महीने से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी जिस तरह से वहां अमन चैन कायम है. वो ये बताता है कि आम कश्मीरी भी इस फैसले से सहमत है और घाटी का विकास होते देखना चाहता है और पाकिस्तान को यही बात हजम नहीं हो रही है. लेकिन देश के नेताओं की ऐसी बयानबाजी के बाद सेना के मनोबल पर जरूर असर पड़ता है. ये पहली बार नहीं है जब कांग्रेस पार्टी ने सेना की गतिविधि या किसी बयान पर सवाल खड़ा किया है. इससे पहले भी कई दफा सर्जिकल स्ट्राइल, एयर स्ट्राइक जैसी सैन्य कार्रवाई को विपक्षी नेताओं ने खासकर कांग्रेस ने सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया था.